Hazaribagh News: झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेताओं ने छात्र आंदोलन को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर राजनीतिक लाभ लेने का आरोप लगाया है. शनिवार को आयोजित प्रेस वार्ता में झामुमो नेताओं ने कहा कि छात्रों की जायज मांगों का सम्मान करते हुए राज्य सरकार लगातार संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है, जबकि भाजपा छात्र आंदोलन की आड़ में अपनी राजनीति चमकाने का प्रयास कर रही है.
झामुमो के जिला सचिव नीलकंठ महतो ने कहा कि भाजपा छात्र हितों की बात केवल राजनीतिक अवसर देखकर करती है. उन्होंने कहा कि जब दिल्ली में छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस द्वारा आंदोलनरत छात्रों पर बल प्रयोग किया गया और कई गंभीर घटनाएं सामने आईं, तब भाजपा के वरिष्ठ नेताओं की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई.
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उन्होंने आरोप लगाया कि आज वही भाजपा झारखंड में छात्रों को गुमराह कर आंदोलन को राजनीतिक दिशा देने का प्रयास कर रही है. अपने कार्यकर्ता और कोचिंग माफिया को आगे कर छात्रों को बहला फुसला कर सड़क पर उतार रही है.
उन्होंने कहा कि झामुमो शुरू से छात्रों के साथ खड़ी रही है और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने छात्र हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है. राज्य सरकार छात्रों को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी प्रकार की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं करेगी.
जिला श्रमिक संघ के अध्यक्ष संजय सिंह ने कहा कि झारखंड सरकार ने हमेशा युवाओं और छात्रों के हितों की रक्षा की है. उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा छात्रों की मांगों पर सकारात्मक पहल की गई है, लेकिन भाजपा इस पूरे मामले को समाधान की दिशा में ले जाने के बजाय विवाद और भ्रम फैलाने में लगे हुए हैं. उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे किसी भी राजनीतिक बहकावे में न आएं और राज्य सरकार की मंशा पर विश्वास बनाए रखें.
झामुमो के जिला प्रवक्ता कुणाल यादव ने भाजपा और केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि भाजपा झामुमो कार्यकर्ताओं को संस्कार सिखाने की बात करती है, तो उसे पहले अपने कार्यकर्ताओं के व्यवहार का मूल्यांकन करना चाहिए.
झामुमो युवा मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष सत्येंद्र मेहता ने कहा कि 11वीं से 13वीं जेपीएससी परीक्षा को लेकर छात्रों द्वारा उठाए गए मुद्दों को राज्य सरकार ने गंभीरता से लिया था और परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय भी लिया गया था. हालांकि बाद में माननीय उच्च न्यायालय द्वारा उस निर्णय पर रोक लगा दी गई. उन्होंने कहा कि अब पूरा मामला न्यायिक प्रक्रिया और जांच के दायरे में है, इसलिए छात्रों को धैर्य और संयम बनाए रखना चाहिए.
छात्र नेता चंदन सिंह ने कहा कि छात्रों की लड़ाई रोजगार, पारदर्शिता और न्याय की लड़ाई है. उन्होंने कहा कि इस आंदोलन को भाजपा ने राजनीतिक मंच में बदलने का प्रयास नहीं होना चाहिए.
प्रेस वार्ता के दौरान झामुमो नेताओं ने एक स्वर में कहा कि छात्र हितों की रक्षा करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में सरकार युवाओं के भविष्य के साथ किसी प्रकार का समझौता नहीं करेगी. नेताओं ने छात्रों से शांति, संयम और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने की अपील करते हुए कहा कि झारखंड सरकार उनकी भावनाओं और अपेक्षाओं के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है.
उक्त मौके पर झामुमो नेता राजेश मेहता, कमाल कुरैशी, साजन मेहता, निशी मेहता, सुनील कुमार, इमरान खान, अभिषेक कुमार, अभिषेक मेहता, राजा कुमार, विपुल मेहता समेत कई अन्य लोग उपस्थित थे.
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