Hariyali Amavasya 2026: सावन की अमावस्या पर पेड़-पौधे लगाने और पितरों का स्मरण करने की परंपरा है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन पीपल का पौधा लगाना और उसकी सेवा करना शुभ माना जाता है।
Hariyali Amavasya 2026
- Published: 12 Aug 2026, 11:10 AM IST
- Last Updated: 12 Aug 2026, 11:10 AM IST
Hariyali Amavasya 2026: सावन का महीना भगवान शिव की भक्ति के साथ-साथ प्रकृति से जुड़ाव के लिए भी खास माना जाता है। श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या को हरियाली अमावस्या कहा जाता है। इस दिन पेड़-पौधे लगाने, उनकी देखभाल करने और जरूरतमंदों को दान देने की परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हरियाली अमावस्या पर पीपल का पौधा लगाना विशेष शुभ माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि पीपल की सेवा से पितरों की कृपा प्राप्त होती है और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है।
हरियाली अमावस्या पर पीपल लगाना क्यों माना जाता है शुभ?
हिंदू धार्मिक परंपराओं में पीपल के पेड़ को पवित्र माना गया है। इसका संबंध देवी-देवताओं के साथ पितरों से भी जोड़ा जाता है। अमावस्या की तिथि को पूर्वजों के स्मरण और उनके निमित्त किए जाने वाले कर्मों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
इसी वजह से हरियाली अमावस्या पर पीपल का पौधा लगाना और उसकी नियमित देखभाल करना पुण्यदायी माना जाता है। धार्मिक विश्वास है कि ऐसा करने से पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है और घर-परिवार में सकारात्मकता बनी रहती है।
पीपल का पौधा लगाते समय रखें इन बातों का ध्यान
अगर आप हरियाली अमावस्या पर पीपल का पौधा लगाने की सोच रहे हैं तो जगह का चयन सोच-समझकर करें। पीपल का पेड़ समय के साथ काफी बड़ा और घना हो जाता है। इसलिए इसे घर की दीवार, मकान या किसी निर्माण के बिल्कुल पास नहीं लगाना चाहिए।
ऐसी जगह पौधा लगाएं जहां उसे भविष्य में पर्याप्त स्थान मिल सके। पौधा लगाने के बाद नियमित रूप से उसकी देखभाल और पानी देने की व्यवस्था भी सुनिश्चित करें।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, पौधा लगाते समय अपने पितरों का स्मरण कर उनकी आत्मा की शांति और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की जा सकती है।
अमावस्या पर पितरों का करें स्मरण
अमावस्या को पितरों के लिए महत्वपूर्ण तिथि माना जाता है। इस दिन लोग अपने पूर्वजों को याद करते हैं और अपनी परंपरा के अनुसार तर्पण, पूजा, दान और सेवा जैसे कार्य करते हैं।
पीपल की सेवा और उसके नीचे दीपक जलाने की परंपरा भी कई परिवारों में देखने को मिलती है। मान्यता है कि इससे पितरों की कृपा प्राप्त होती है।
पौधा लगाने के साथ करें दान-पुण्य
हरियाली अमावस्या पर केवल पौधा लगाना ही नहीं, बल्कि जरूरतमंदों की मदद करना भी शुभ माना जाता है। अपनी क्षमता के अनुसार किसी जरूरतमंद को भोजन, कपड़े या आवश्यक सामग्री दान कर सकते हैं।
पितरों के नाम पर जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन कराना भी कई धार्मिक परंपराओं में पुण्यकारी माना गया है। इस तरह हरियाली अमावस्या पर प्रकृति की सेवा के साथ किसी जरूरतमंद की मदद भी की जा सकती है।
नोट: पीपल लगाने और पितरों की कृपा से जुड़ी बातें धार्मिक मान्यताओं पर आधारित हैं। इन्हें आस्था और परंपरा के संदर्भ में देखा जाना चाहिए।