world-news

Guru Purnima 2026: गुरु नहीं हैं तो क्या करें? क्या माता-पिता की पूजा से मिलेगा पुण्य - Haribhoomi

July 29, 2026

गुरु पूर्णिमा पर यदि गुरु से मिलना संभव न हो तो क्या माता-पिता की पूजा और उनका आशीर्वाद लेना उचित है? जानिए सनातन परंपरा और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसका महत्व।

Guru Purnima

Guru Purnima 2026

  • Published: 29 Jul 2026, 10:38 AM IST
  • Last Updated: 29 Jul 2026, 10:38 AM IST

Guru Purnima 2026: गुरु पूर्णिमा का पर्व गुरु के प्रति श्रद्धा, सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का विशेष अवसर माना जाता है। इस दिन लोग अपने गुरु का पूजन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। लेकिन कई लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि यदि गुरु से मिलना संभव न हो या कोई दीक्षा गुरु न हो, तो क्या गुरु पूर्णिमा पर माता-पिता की पूजा की जा सकती है? धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस प्रश्न का उत्तर बेहद सकारात्मक माना जाता है। आइए जानते हैं शास्त्र और सनातन परंपरा इस बारे में क्या कहते हैं।

माता-पिता को प्रथम गुरु क्यों कहा जाता है?
बच्चे के जीवन की पहली शिक्षा घर से शुरू होती है। माता-पिता ही उसे संस्कार, अनुशासन, नैतिक मूल्य और जीवन जीने की कला सिखाते हैं। यही कारण है कि भारतीय संस्कृति में माता-पिता का स्थान अत्यंत ऊंचा माना गया है और उन्हें प्रथम गुरु की संज्ञा दी गई है।

गुरु पूर्णिमा का वास्तविक महत्व
गुरु पूर्णिमा केवल पूजा का पर्व नहीं, बल्कि ज्ञान देने वाले हर व्यक्ति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का दिन है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गुरु वह हैं जो व्यक्ति को अज्ञान से ज्ञान की ओर ले जाएं और जीवन का सही मार्ग दिखाएं। इसलिए इस दिन गुरु का स्मरण, चरण स्पर्श और आशीर्वाद लेना विशेष फलदायी माना जाता है।

क्या माता-पिता का सम्मान भी गुरु पूजा के समान है?
धार्मिक दृष्टि से माता-पिता का सम्मान करना भी गुरु पूर्णिमा की भावना का ही विस्तार माना जाता है। यदि किसी कारणवश आप अपने गुरु के पास नहीं जा सकते, तो माता-पिता के चरण स्पर्श कर उनका आशीर्वाद लेना, उनका सम्मान करना और उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करना शुभ माना जाता है।

गुरु पूर्णिमा पर माता-पिता का सम्मान कैसे करें?

  • माता-पिता के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लें।
  • उन्हें फल, मिठाई या अपनी श्रद्धा के अनुसार कोई उपहार भेंट करें।
  • उनके साथ समय बिताएं और उनका आभार व्यक्त करें।
  • यदि वे साथ नहीं हैं, तो उनका स्मरण करें और उनकी शिक्षाओं को जीवन में अपनाने का संकल्प लें।
  • पूरे दिन विनम्र व्यवहार रखें और परिवार के बड़ों का सम्मान करें।

धार्मिक मान्यता
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गुरु पूर्णिमा पर माता-पिता का सम्मान करना भी अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है। सच्चे मन से उनके प्रति आदर, सेवा और कृतज्ञता व्यक्त करना गुरु पूर्णिमा के वास्तविक संदेश को जीवन में उतारने का श्रेष्ठ माध्यम माना जाता है।