Gumla News: गुमला जिले के पालकोट प्रखंड स्थित ऐतिहासिक करौंदाबेड़ा चर्च परिसर में बुधवार को आस्था और श्रद्धा का विशाल संगम देखने को मिला. तीन शहीद पुरोहितों फादर लौरेंस कुजूर, फादर जोसेफ डुगंडुग और ब्रदर अनुप अमर इंदवार की 32वीं पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित शहीद मेला सह श्रद्धांजलि समारोह में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए.
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सुबह से ही करौंदाबेड़ा चर्च परिसर में मसीहियों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था. झारखंड के विभिन्न जिलों के अलावा ओडिशा, छत्तीसगढ़ और बिहार से भी बड़ी संख्या में लोग समारोह में शामिल होने पहुंचे. मसीहियों ने समाधि स्थल पर प्रार्थना कर शहीद पुरोहितों को याद किया और उनके जीवन एवं सेवाभाव से प्रेरणा लेने का संकल्प लिया.
विशेष प्रार्थना सभा हुई
समारोह के दौरान रांची महाधर्मप्रांत के सहायक धर्माध्यक्ष आनंद डेविड खलखो, सिमडेगा धर्मप्रांत के बिशप विंसेंट बारवा तथा गुमला धर्मप्रांत के बिशप डॉ. लीनुस पिंगल एक्का की अगुवाई में विशेष प्रार्थना सभा आयोजित की गई.
विशेष प्रार्थना सभा में तीनों शहीद पुरोहितों के बलिदान को श्रद्धापूर्वक याद किया गया. प्रार्थना के माध्यम से मसीहियों ने शहीदों की आत्मा की शांति और उनके बताए मार्ग पर चलने की कामना की. धार्मिक अनुष्ठानों के दौरान पूरा चर्च परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा.
मसीहियों ने अर्पित की श्रद्धांजलि
समारोह में शामिल मसीहियों ने शहीद पुरोहितों के समाधि स्थल पर पहुंचकर श्रद्धा-सुमन अर्पित किए. लोगों ने प्रार्थना कर उनके त्याग, सेवा और बलिदान को स्मरण किया. बड़ी संख्या में मसीहियों की मौजूदगी के कारण करौंदाबेड़ा क्षेत्र में दिनभर धार्मिक एवं आध्यात्मिक वातावरण बना रहा. शहीद मेला सह श्रद्धांजलि समारोह को लेकर मसीहियों में विशेष उत्साह देखने को मिला. कई श्रद्धालु निर्धारित कार्यक्रम से पहले ही यहां पहुंच गए थे.
तीनों शहीद पुरोहितों को किया गया याद
करौंदाबेड़ा में आयोजित यह श्रद्धांजलि समारोह तीनों शहीद पुरोहितों की स्मृति को समर्पित रहा. फादर लौरेंस कुजूर, फादर जोसेफ डुगंडुग और ब्रदर अनुप अमर इंदवार को मसीहियों ने श्रद्धापूर्वक याद किया. आयोजकों के अनुसार, हर वर्ष इन शहीद पुरोहितों की पुण्यतिथि के अवसर पर करौंदाबेड़ा में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया जाता है.
करौंदाबेड़ा बना मसीहियों का केंद्र
शहीद मेला के कारण बुधवार को करौंदाबेड़ा क्षेत्र में विशेष चहल-पहल रही. सुबह से शाम तक मसीहियों के आने-जाने का सिलसिला जारी रहा. चर्च परिसर और आसपास के क्षेत्र में मसीहियों की बड़ी भीड़ दिखाई दी.समारोह में शामिल लोगों ने कहा कि शहीद पुरोहितों की स्मृति में आयोजित यह कार्यक्रम उनके लिए श्रद्धा और विश्वास का महत्वपूर्ण अवसर है.
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