Updated: Saturday, August 22, 2026, 16:35 [IST]
BJP Gen-Z Outreach Campaign: देश की राजनीति में युवा मतदाताओं की अहमियत लगातार बढ़ रही है। पहली बार वोट देने वाले युवा हों या सोशल मीडिया पर सक्रिय Gen Z, राजनीतिक दल अब इस वर्ग से सीधे जुड़ने की कोशिश कर रहे हैं। इसी कड़ी में भारतीय जनता पार्टी ने युवाओं तक अपनी पहुंच बढ़ाने के लिए एक खास अभियान की तैयारी शुरू की है। इसके लिए पार्टी ने वरिष्ठ नेताओं और युवा चेहरों को मिलाकर एक विशेष टीम बनाई है।
यह टीम युवाओं से सीधे बातचीत करेगी और उनकी पढ़ाई, नौकरी, तकनीक, स्टार्टअप और भविष्य से जुड़ी चिंताओं को समझने की कोशिश करेगी। पार्टी की योजना सिर्फ अपनी बात युवाओं तक पहुंचाने की नहीं, बल्कि उनकी राय सुनकर उसे राजनीतिक एजेंडे में जगह देने की भी है। आने वाले दिनों में इस अभियान का पूरा खाका सामने आने की उम्मीद है।
पांच नेताओं को मिली जिम्मेदारी
भाजपा सूत्रों के अनुसार, Gen Z और युवा मतदाताओं के बीच संपर्क बढ़ाने के लिए बनाई गई टीम में पांच नेताओं को शामिल किया गया है। इस टीम में भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन, राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी और विनोद तावड़े के अलावा गुजरात सरकार के मंत्री हर्ष सांघवी और छत्तीसगढ़ सरकार के मंत्री ओपी चौधरी शामिल हैं। टीम का मकसद युवाओं की सोच और उनकी प्राथमिकताओं को समझना है। साथ ही युवाओं को पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के साथ सीधे संवाद का मौका देने की योजना भी है।
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रोजगार से लेकर शिक्षा तक पर होगी चर्चा
इस अभियान में युवा मतदाताओं के साथ बातचीत और अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। खासतौर पर पहली बार मतदान करने वाले युवाओं तक पहुंचने पर जोर रहेगा। रोजगार, शिक्षा, तकनीक और स्टार्टअप जैसे मुद्दे इस संपर्क अभियान के केंद्र में रह सकते हैं। भाजपा युवाओं से यह जानने की कोशिश करेगी कि वे अपने भविष्य को लेकर क्या सोचते हैं और किन समस्याओं का सामना कर रहे हैं। पार्टी इन बातचीत से मिलने वाले सुझावों को अपनी नीतियों और आगे की रणनीति में शामिल करने की कोशिश करेगी।
नई केंद्रीय टीम के बाद पहली बड़ी पहल
यह पहल भाजपा की नई केंद्रीय टीम की घोषणा के बाद हुई पहली बैठक के तुरंत बाद सामने आई है। नई टीम में विनोद तावड़े और सुनील बंसल को राष्ट्रीय महासचिव के पद पर बनाए रखा गया है। वहीं स्मृति ईरानी, बिप्लव कुमार देव और सतीश पूनिया को राष्ट्रीय महासचिव की जिम्मेदारी दी गई है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल को पार्टी का नया राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष बनाया गया है।
जल्द घोषित होगी पूरी योजना
पार्टी सूत्रों का कहना है कि Gen Z संपर्क अभियान की विस्तृत योजना जल्द जारी की जा सकती है। इसमें कार्यक्रमों की तारीख, राज्यों में होने वाली गतिविधियां और युवाओं से संवाद का तरीका बताया जाएगा। भाजपा की कोशिश इस अभियान को देश के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचाने की है, ताकि सिर्फ बड़े शहरों ही नहीं बल्कि छोटे शहरों और कस्बों के युवाओं से भी बातचीत की जा सके।
चुनावी तैयारियों पर भी मंथन
केंद्रीय बैठक में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने और सरकार की योजनाओं को ज्यादा लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया गया। सूत्रों के मुताबिक, आगे होने वाली बैठकों में भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष और राज्य प्रभारी भी शामिल होंगे। भाजपा ने अपने सूचना प्रौद्योगिकी विभाग में भी बड़ा बदलाव किया है। विभाग के प्रमुख अमित मालवीय को हटाकर छत्तीसगढ़ के दीपक म्हास्के को यह जिम्मेदारी दी गई है। वहीं गुजरात के हेमांग जोशी को भाजपा युवा मोर्चे का अध्यक्ष बनाया गया है। उन्होंने लोकसभा सांसद तेजस्वी सूर्या की जगह ली है। इन बदलावों के साथ पार्टी की नजर डिजिटल प्लेटफॉर्म और युवा वर्ग के बीच अपनी मौजूदगी मजबूत करने पर भी है।
स्मृति ईरानी के पुराने कार्यकाल की भी चर्चा
भाजपा की इस नई रणनीति में स्मृति ईरानी को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दिए जाने के बाद उनके मानव संसाधन विकास मंत्री के कार्यकाल की भी चर्चा हो रही है। उस समय जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में कन्हैया कुमार, उमर खालिद और शेहला राशिद से जुड़े छात्र विवाद राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आए थे। इसी दौर में हैदराबाद विश्वविद्यालय में रोहित वेमुला की मौत के बाद छात्र आंदोलन हुआ था। जादवपुर विश्वविद्यालय में भी छात्रों का विरोध सामने आया था।
इन घटनाओं को लेकर तत्कालीन केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय की भूमिका पर विपक्ष और सरकार के बीच काफी राजनीतिक बहस हुई थी। अब वर्षों बाद भाजपा जब Gen Z से सीधे जुड़ने की तैयारी कर रही है और स्मृति ईरानी को इस अभियान की टीम में जगह मिली है, तो उनके पुराने कार्यकाल से जुड़े ये विवाद भी राजनीतिक चर्चा में फिर उठ सकते हैं।
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