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आगरा में FSDA की बड़ी कार्रवाई, ₹3.63 करोड़ की जब्त की गई नकली दवाएं; छापेमारी में 58 लाइसेंस रद्द, 9 पर FIR| Navbharat Live

July 13, 2026

Updated On: Jul 13, 2026 | 04:52 PM IST

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सार

FSDA Raid In Agra: आगरा में नकली दवाओं के नेटवर्क पर FSDA ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच टीम ने ₹3.63 करोड़ की दवाएं जब्त की हैं। इसका नेटवर्क कई राज्यों तक फैला है।

Major crackdown by FSDA in Agra: Spurious medicines worth ₹3.63 crore seized; 58 licenses cancelled and FIRs registered against 9 entities following raids.

नकली दवाओं पर जांच एजेंसी की छापेमारी (सोर्स- प्रतीकात्मक इमेज AI)

विस्तार

Agra Fake Medicine Racket: फार्मासिस्ट और दवा कारोबारियों पर समाज की एक बड़ी जिम्मेदारी होती है। मरीज डॉक्टर पर जितना भरोसा करता है, उतना ही भरोसा उस दवा पर भी करता है जो मेडिकल स्टोर से उसके हाथों तक पहुंचती है। ऐसे में यदि दवा कारोबार से जुड़े लोग ईमानदारी से काम करें तो लाखों लोगों की जिंदगी सुरक्षित रहती है, लेकिन यदि इसी व्यवस्था में बेईमानी घुस जाए तो इसका सबसे बड़ा खामियाजा आम लोगों को अपनी जान देकर चुकाना पड़ सकता है।

आगरा में हजार से अधिक मेडिकल स्टोर और थोक दवा कारोबारी संचालित हैं। इनकी जिम्मेदारी है कि कंपनियों से मिलने वाली असली और गुणवत्तापूर्ण दवाओं को बिना किसी छेड़छाड़ के फुटकर विक्रेताओं और मरीजों तक पहुंचाया जाए। लेकिन आरोप है कि मुनाफे की अंधी दौड़ में कुछ लोग इस जिम्मेदारी को भूलकर लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ करने में जुटे हुए हैं।

नकली दवाओं के नेटवर्क का हुआ खुलासा

आगरा में बीते कई दशकों से नकली और संदिग्ध दवाओं का कारोबार समय-समय पर सामने आता रहा है। पिछले छह महीनों में फव्वारा स्थित दवा बाजार और उससे जुड़े प्रतिष्ठानों पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) द्वारा लगातार छापेमारी और सैंपलिंग की कार्रवाई की गई है। इन अभियानों के दौरान कई नामी कंपनियों के नाम पर तैयार की गई संदिग्ध और कथित नकली दवाओं के नेटवर्क का खुलासा हुआ है।

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कई राज्यों में होती है सप्लाई

जांच एजेंसियों के अनुसार यह नेटवर्क केवल आगरा तक सीमित नहीं है। कथित तौर पर यहां से दवाओं की आपूर्ति मध्य प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों तक की जा रही है। कुछ मामलों में सीमा पार बांग्लादेश तक सप्लाई के आरोप भी सामने आए हैं। साथ ही आशंका जताई जा रही है कि सरकारी संस्थानों और अस्पतालों में सप्लाई होने वाली दवाओं की श्रृंखला तक भी ऐसे तत्व पहुंचने की कोशिश करते रहे हैं, जो सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर चिंता का विषय है।

कार्रवाई पर परिजनों के नाम संचालित करते हैं फर्म

यह पहली बार नहीं है जब औषधि विभाग ने कार्रवाई के दौरान संदिग्ध दवाओं के नमूने लिए हों या बड़ी कंपनियों के नाम से मिलते-जुलते उत्पाद पकड़े हों। विभागीय सूत्रों के मुताबिक कार्रवाई तेज होने के बाद इस कारोबार से जुड़े कई लोग सीधे सामने आने के बजाय अपने परिजनों और रिश्तेदारों के नाम पर फर्में संचालित कर कारोबार को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि नकली दवाओं के कारोबार पर प्रभावी रोक लगाने के लिए केवल सरकारी कार्रवाई ही नहीं, बल्कि ईमानदार दवा कारोबारियों, मेडिकल स्टोर संचालकों और आम नागरिकों की भागीदारी भी जरूरी है। क्योंकि दवा में मिलावट या नकली दवा का इस्तेमाल केवल कानून का उल्लंघन नहीं, बल्कि किसी की जिंदगी के साथ किया गया सबसे बड़ा धोखा है।

FSDA की टीमों ने ₹3.63 करोड़ की दवा की जब्त

FSDA की टीमों ने आगरा की 13 दवा फर्मों और प्रतिष्ठानों पर एक साथ छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान करीब ₹3.63 करोड़ मूल्य की दवाओं को जब्त कर लिया गया। अधिकारियों ने जांच के लिए 35 संदिग्ध दवा नमूनों को प्रयोगशाला भेजा है, जिनकी रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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विभागीय जांच में गंभीर अनियमितताएं पाए जाने के बाद 58 दवा लाइसेंस निरस्त कर दिए गए हैं। इसके अलावा नकली और फर्जी दवाओं के कारोबार से जुड़े मामलों में 9 एफआईआर दर्ज कराई गई हैं। कई प्रतिष्ठानों को सील करने की कार्रवाई भी की गई है। विभाग की कार्रवाई साहब संदेश देती है कि आगरा में थोड़ा बहुत नहीं बहुत कुछ गड़बड़ है।

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