Vastu Tips for Flat: वास्तु शास्त्र में घर की दिशा, कमरों की स्थिति और चीजों को रखने के तरीके का खास महत्व बताया गया है. मान्यता है कि घर में मौजूद चीजों की सही जगह और व्यवस्था से सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है, जबकि कुछ छोटी-छोटी गलतियां घर के माहौल और सुख-शांति को प्रभावित कर सकती हैं. इसलिए घर चाहे बड़ा हो या छोटा, वास्तु से जुड़े कुछ जरूरी नियमों का ध्यान रखना चाहिए. अगर आप फ्लैट में रहते हैं, तो भी वास्तु के इन नियमों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. फ्लैट में सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने के लिए मुख्य द्वार, रसोई और शयनकक्ष की दिशा व व्यवस्था पर विशेष ध्यान देना चाहिए.
अक्सर लोग फ्लैट से जुड़ीं वास्तु गलतियों को नजरअंदाज कर देते हैं, जो परिवार पर भारी पड़ सकता है. फ्लैट की कई गलतियां जैसे मेन दरवाजे के सामने जूते-चप्पलों का ढेर, उत्तर-पूर्व दिशा में कूड़ेदान या पानी का लगातार टपकना आदि घर की सुख-शांति और आर्थिक उन्नति को प्रभावित कर सकती हैं.
फ्लैट में कौन सी गलतियां नहीं करनी चाहिए?
- मुख्य द्वार पर गंदगी:- मुख्य दरवाजे या उसके ठीक सामने जूते-चप्पलों का ढेर रखने या अंधेरा रखने से सकारात्मक ऊर्जा घर में प्रवेश नहीं कर पाती.
- ईशान कोण का गलत इस्तेमाल:- इस दिशा में भारी सामान, कबाड़, या कूड़ेदान रखने से मानसिक तनाव और स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ती हैं.
- पानी का रिसाव:- घर में टपकते नल या लीक होते पाइप इस बात का संकेत हैं कि घर में पैसा बहुत तेजी से खर्च हो रहा है.
- बेडरूम में आईना या मंदिर:- बिस्तर के ठीक सामने शीशा (आईना) होने से नींद और मानसिक शांति बाधित होती है, वहीं बेडरूम में मंदिर रखना भी अशुभ माना जाता है.
- बंद या टूटी घड़ियां:- घर में बंद या खराब पड़ी घड़ियां व्यक्ति की प्रगति और अवसरों को रोक देती हैं.
बिना तोड़-फोड़ फ्लैट के वास्तु उपाय
मेन दरवाजा:- फ्लैट का मेन एंट्री गेट पूर्व, उत्तर या उत्तर-पूर्व (ईशान) दिशा में होना सबसे शुभ माना जाता है. मुख्य द्वार के पास रोशनी अच्छी रखें और उसे साफ-सुथरा रखें.
रसोई घर:- रसोई घर दक्षिण-पूर्व (आग्नेय कोण) या उत्तर-पश्चिम (वायव्य कोण) दिशा में होना चाहिए. खाना बनाते समय आपका मुंह पूर्व या दक्षिण दिशा की ओर होना चाहिए.
बेडरूम:- मास्टर बेडरूम फ्लैट के दक्षिण-पश्चिम (नैऋत्य कोण) में होना चाहिए. सोते समय आपका सिर हमेशा पूर्व या दक्षिण दिशा की ओर होना चाहिए. बेडरूम की दीवारों पर हल्के रंगों (जैसे हल्का नीला या क्रीम) का इस्तेमाल करें.
खिड़कियां और बालकनी:- उत्तर और पूर्व दिशा की बालकनी या खिड़कियां बहुत खुली होनी चाहिए ताकि ताजी हवा और धूप आ सके. भारी फर्नीचर को हमेशा दक्षिण-पश्चिम दिशा में रखें.
Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. टीवी9 भारतवर्ष इसकी पुष्टि नहीं करता है.

सना चौधरी
सना यूपी के गाजियाबाद की रहने वाली हैं. सना ने हाईटेक इंस्टीट्यूट से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की है. पढ़ाई के साथ-साथ कंटेंट ऑप्टिमाईजेशन और वीडियो एडिटिंग भी सीखा है. जिसके बाद सना ने अलग-अलग जगहों पर डिजिटल कॉन्टेंट राइटर और वीडियो एडिटर के तौर पर काम किया. इससे पहले सना Zee मीडिया में बतौर वीडियो और कंटेंट एडिटर काम कर चुकी हैं. उन्होंने जी न्यूज में सोशल मीडिया पेज मैनेज किया है. Zee के बाद सना ने टीवी9 भारतवर्ष की वेबसाइट TV9hindi.com में बतौर ट्रेनी ज्वाइन किया. सना को न्यूज़ एंकरिंग का भी शौक है.
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