लखनऊ के आशियाना थाने में तैनात दरोगा धर्मवीर शाही पर एक युवती ने यौन शोषण, मारपीट और धमकी देने के आरोप लगाए हैं। युवती का आरोप है कि दरोगा ने केस की जांच में मदद करने का भरोसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। इसके बाद वह उससे लगातार मिलने-जुलने लगा।
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शादी का झांसा देकर बनाए संबंध
पारा निवासी पीड़िता ने बताया करीब एक साल पहले उसकी बस्ती निवासी अभिषेक सिंह से दोस्ती हुई थी। अभिषेक ने शादी का झांसा देकर लखनऊ में कई बार शारीरिक संबंध बनाए और बाद में शादी से इनकार कर दिया। इस मामले में फरवरी 2026 में बस्ती के छावनी थाने में एफआईआर दर्ज हुई थी, जिसे 20 फरवरी को विवेचना के लिए जीरो पर आशियाना थाने भेजा गया।
विवेचना में मदद का झांसा दिया
पीड़िता के मुताबिक 21 फरवरी को दरोगा धर्मवीर शाही ने उसे बयान दर्ज कराने के लिए थाने बुलाया। आरोप है कि बातचीत के दौरान दरोगा ने विवेचना में मदद करने का भरोसा देकर शारीरिक संबंध बनाने का दबाव बनाया। धर्मवीर ने कहा पुरानी मेडिकल रिपोर्ट से प्रूफ नहीं हो पाएगा। जिसकी वजह से फिर से संबंध बनाने होंगे। पीड़िता का कहना है कि इसके बाद उसे कई बार थाने और किला चौराहे के पास एक कमरे में बुलाकर शारीरिक संबंध बनाए गए। हर बार शादी का आश्वासन दिया जाता रहा।

आशियाना थाने में तैनात दरोगा धर्मवीर शाही पर यौन शोषण का आरोप लगा है।
बनारस में शादीशुदा होने का पता चला
पीड़िता ने बताया कि करीब डेढ़ महीने पहले वह दरोगा के साथ बनारस गई थी। वहां उसे पता चला कि दरोगा पहले से शादीशुदा है। इसके बाद उसने दूरी बनानी शुरू कर दी। आरोप है कि इस बात से नाराज होकर कई बार आशियाना क्षेत्र में बुलाकर मारपीट भी की।
शिकायत करने की बात पर मारपीट की
युवती का आरोप है कि 30 जुलाई को मां की दवाई लेने गई थी। उसी रात दरोगा एक साथी के साथ उसके पास पहुंचा। आरोप है कि उसे जबरन कार में बैठाकर मारपीट की गई और मोबाइल लेकर भाग गया। आरोपी की हरकत से तंग आकर पीड़िता ने डीसीपी सेंट्रल विक्रांत वीर से शिकायत की मामले में डीजीपी सेंट्रल विक्रांत वीर का कहना है पीड़िता की तहरीर प्राप्त हुई है।
डीसीपी सेंट्रल विक्रांत वीर ने बताया-

मुकदमा दर्ज कर लिया गया है, जांच एसीपी कैंट को सौंपी गई है। जांच के बाद जो भी साक्ष्य सामने आएंगे उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
