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Fiber Rich Diet : कब्ज से परेशान हैं तो बढ़ाएं फाइबर का सेवन, जानें किन चीजों में होता है भरपूर फाइबर

August 15, 2026

खानपान में फाइबर की सही मात्रा पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने के साथ ब्लड शुगर और वजन को नियंत्रित करने में अहम भूमिका निभाती है। इसे डाइट में धीरे-धीरे शामिल करने और पर्याप्त पानी पीने से पेट की समस्याओं से राहत मिलती है।

Fiber Rich Diet : अक्सर हम खाने में प्रोटीन, विटामिन्स और कैलोरी का तो पूरा ध्यान रखते हैं, लेकिन फाइबर को नजरअंदाज कर देते हैं।

अगर पेट अक्सर खराब रहता है, कब्ज की शिकायत रहती है या खाना खाने के बाद भारीपन लगता है, तो इसकी एक बड़ी वजह भोजन में फाइबर की कमी हो सकती है।

फाइबर असल में पौधों से मिलने वाला ऐसा तत्व है, जिसे हमारा शरीर पूरी तरह पचाता नहीं है। इसके बावजूद यह आंतों को साफ रखने, पेट को स्वस्थ बनाने और कई लाइफस्टाइल बीमारियों से बचाने में सबसे मददगार साबित होता है।

शरीर को रोजाना कितने फाइबर की जरूरत होती है?

उम्र और जेंडर के हिसाब से हर व्यक्ति के लिए फाइबर की रोजमर्रा की जरूरत अलग-अलग तय की गई है:

  • 50 वर्ष या उससे कम उम्र की महिलाएं: लगभग 25 ग्राम रोजाना
  • 50 वर्ष या उससे कम उम्र के पुरुष: लगभग 38 ग्राम रोजाना
  • 50 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाएं: लगभग 21 ग्राम रोजाना
  • 50 वर्ष से अधिक उम्र के पुरुष: लगभग 30 ग्राम रोजाना

सेहत को कैसे फायदा पहुंचाता है फाइबर?

1. पाचन को दुरुस्त रखता है और कब्ज मिटाता है

फाइबर आंतों में जाकर मल को भारी और नरम बनाता है। इससे पेट खुलकर साफ होता है और कब्ज या बवासीर जैसी परेशानियों की आशंका कम हो जाती है।

2. वजन को कंट्रोल में रखता है

हाई-फाइबर खाना खाने से पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस होता है। इससे बार-बार भूख नहीं लगती और गैर-जरूरी स्नैकिंग की आदत छूटती है, जिससे वजन संभालना आसान हो जाता है।

3. ब्लड शुगर और दिल की सेहत के लिए बेहतर

घुलनशील (Soluble) फाइबर पानी के साथ मिलकर जेल जैसा रूप ले लेता है। यह भोजन के ग्लूकोज को खून में बहुत तेजी से मिलने से रोकता है, जिससे शुगर अचानक नहीं बढ़ती। साथ ही यह बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करने में भी मदद करता है।

किन चीजों से मिलता है भरपूर फाइबर?

फाइबर को अपनी थाली में जोड़ना बहुत आसान है। इसके लिए आप इन प्राकृतिक चीजों को प्राथमिकता दे सकते हैं:

  • फल: सेब और नाशपाती (छिलके सहित खाएं), अमरूद, संतरा और बेरीज।
  • सब्जियां: हरी पत्तेदार सब्जियां, गाजर, ब्रोकली और हरी मटर।
  • अनाज और दालें: छिलके वाली दालें, राजमा, छोले, ओट्स, दलिया और चोकरयुक्त आटा।
  • नट्स और सीड्स: चिया सीड्स, अलसी के बीज, बादाम और अखरोट।

डाइट में फाइबर बढ़ाते वक्त इन बातों का रखें ध्यान

मात्रा धीरे-धीरे बढ़ाएं: अगर आपके खाने में फाइबर कम रहा है, तो इसे अचानक बहुत ज्यादा न बढ़ाएं। एकदम से ज्यादा फाइबर खाने पर पेट में गैस, ऐंठन या ब्लोटिंग हो सकती है।

पानी खूब पिएं: फाइबर तभी सही से काम करता है जब शरीर में पर्याप्त पानी हो। पानी की कमी में ज्यादा फाइबर खाने से कब्ज बढ़ भी सकती है।

छिलके न उतारें: जिन फलों और सब्जियों का छिलका खाया जा सकता है (जैसे सेब, खीरा), उन्हें अच्छी तरह धोकर छिलके समेत ही खाएं।

(नोट: यदि आपको आंतों से जुड़ी कोई पुरानी बीमारी है या डॉक्टर ने लो-फाइबर डाइट की सलाह दी है, तो अपने खानपान में कोई भी बड़ा बदलाव करने से पहले विशेषज्ञ से राय जरूर लें।)