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श्रीराम फाइनेंस FD: 11 अक्टूबर से बढ़ेंगी ब्याज दरें, निवेश से पहले जानें ये जरूरी बातें

October 10, 2026

श्रीराम फाइनेंस FD: 11 अक्टूबर से बढ़ेंगी ब्याज दरें, निवेश से पहले जानें ये जरूरी बातें

Published: Saturday, October 10, 2026, 9:34 [IST]

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा 7 अक्टूबर को की गई बढ़ोतरी के बाद फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) की ब्याज दरें चढ़ने लगी हैं। श्रीराम फाइनेंस 11 अक्टूबर से अपनी एफडी दरों में 15 से 40 बेसिस पॉइंट्स का इजाफा करने जा रहा है। इस बढ़ोतरी के बाद कंपनी की अधिकतम एफडी दर 7.85 फीसदी तक पहुंच जाएगी। दूसरी तरफ, सरकार ने अक्टूबर से दिसंबर तिमाही के लिए स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स की दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। ऐसे में बचतकर्ताओं के सामने अब बड़ा सवाल है- क्या नया रेट तुरंत लॉक करें या अभी थोड़ा इंतजार करें?

मौजूदा ब्याज दरों को देखें तो निवेशकों के लिए तस्वीर काफी हद तक साफ है। इस तिमाही पीपीएफ (PPF) पर 7.1 फीसदी, एनएससी (NSC) पर 7.7 फीसदी और सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS) पर 8.2 फीसदी की दर से बिना किसी बदलाव के ब्याज मिल रहा है। इसके अलावा, श्रीराम फाइनेंस बुजुर्गों को 0.50 फीसदी और महिलाओं को 0.05 फीसदी का अतिरिक्त ब्याज भी दे रहा है। श्रीराम की ये नई दरें कल यानी 11 अक्टूबर से लागू हो जाएंगी।

Shriram Finance FD Rates Hike: Should You Invest Now? Best Investment Strategy for October 2026

कल लागू होने वाली श्रीराम की नई एफडी दरों की तुलना आप सरकार समर्थित छोटी बचत योजनाओं से कर सकते हैं। RBI फ्लोटिंग रेट सेविंग्स बॉन्ड्स की दरें NSC की तुलना में 0.35 फीसदी ज्यादा रहती हैं। इसलिए जब NSC पर 7.7 फीसदी ब्याज मिलता है, तो RBI बॉन्ड्स पर यह दर अपने आप 8.05 फीसदी हो जाती है।

विकल्पअधिकतम ब्याज दर
श्रीराम फाइनेंस FD (11 अक्टूबर से)7.85%
श्रीराम फाइनेंस FD (सीनियर सिटीजन)8.35%
PPF (अक्टूबर-दिसंबर)7.10%
NSC (अक्टूबर-दिसंबर)7.70%
SCSS (अक्टूबर-दिसंबर)8.20%
KVP (अक्टूबर-दिसंबर)7.50%
RBI फ्लोटिंग बॉन्ड्स8.05%

श्रीराम फाइनेंस FD की सुरक्षा, फीचर्स और नियम

सुरक्षा के लिहाज से श्रीराम फाइनेंस के पब्लिक डिपॉजिट्स को [ICRA] AAA (Stable) की रेटिंग हासिल है। वहीं, जनवरी की CRISIL रिपोर्ट में इसके FD प्रोग्राम को AA+ Watch Positive श्रेणी में रखा गया था। ध्यान रखें कि NBFC की एफडी पर DICGC का इंश्योरेंस कवर नहीं मिलता, जबकि बैंक डिपॉजिट पर प्रति बैंक प्रति जमाकर्ता ₹5 लाख तक का बीमा कवर होता है। FD से होने वाली ब्याज आय आपकी टैक्स स्लैब के अनुसार टैक्सेबल होती है। 80C के तहत टैक्स छूट सिर्फ 5 साल की बैंक और पोस्ट ऑफिस एफडी पर ही मिलती है, कॉरपोरेट एफडी पर नहीं। एनबीएफसी में आमतौर पर ₹5,000 से अधिक के ब्याज पर TDS कटता है। वहीं, अप्रैल 2026 से फॉर्म 15G और 15H की जगह नया फॉर्म 121 ले लेगा।

कैसे करें आवेदन और क्या है FD लैडरिंग की स्मार्ट तकनीक?

आप श्रीराम की वेबसाइट या One ऐप के जरिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए पैन (PAN), आधार (Aadhaar), बैंक डिटेल्स और नॉमिनी की जानकारी की जरूरत होगी। बेहतर रिटर्न के लिए 'FD लैडरिंग' की रणनीति अपनाएं। इसके तहत अपने पैसे को 1, 2 और 3 साल की तीन अलग-अलग एफडी में बांटें और ऑटो-रिन्यू का विकल्प चुनें। अगर आगे ब्याज दरें बढ़ती हैं, तो मैच्योर हुई रकम को ज्यादा दर पर दोबारा निवेश करें। जब ब्याज दरें पीक पर हों, तो लंबी अवधि के लिए पैसा लॉक करें। इमरजेंसी फंड को कॉरपोरेट एफडी में फंसाने के बजाय बैंक की स्विप-इन एफडी में ही रखें, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत पैसा निकाला जा सके।

अगर आप बिना किसी जोखिम के फिक्स्ड रिटर्न चाहते हैं, तो कल से लागू होने वाली श्रीराम की एफडी एक अच्छा विकल्प हो सकती है। लेकिन अगर आपको लगता है कि RBI आगे चलकर ब्याज दरें और बढ़ा सकता है, तो 'FD लैडरिंग' का तरीका सबसे बेहतर रहेगा। इससे आपको अच्छा रिटर्न और लिक्विडिटी दोनों मिलेंगे, साथ ही बैंक डिपॉजिट पर DICGC बीमा सुरक्षा का दायरा भी बना रहेगा। निवेश करने से पहले क्रेडिट रेटिंग, समय से पहले निकासी के नियम और टैक्स से जुड़े दस्तावेज जरूर जांच लें। सही समय पर लिया गया फैसला ही आपको बेहतर मुनाफा दिलाएगा।

Story first published: Saturday, October 10, 2026, 9:34 [IST]

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