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अमेरिका में हिंदू मंदिर पर हमले की साजिश के बाद एक्शन की मांग, सांसदों ने DOJ और FBI को लिखी चिट्ठी

October 16, 2026

अमेरिका के इलिनॉय में एक हिंदू मंदिर पर हमले की साजिश नाकाम होने के बाद अमेरिकी सांसदों ने संघीय स्तर पर कार्रवाई की मांग की है. सांसद रो खन्ना और रिच मैककॉर्मिक ने शुक्रवार को अमेरिकी अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लांश और FBI निदेशक काश पटेल को पत्र लिखा. इसमें हिंदू और भारतीय अमेरिकी समुदाय के खिलाफ बढ़ती नफरत और हिंसा की घटनाओं पर चिंता जताई गई है.

लेटर के मुताबिक, इलिनॉय के पैलेटाइन में रहने वाले 19 साल के युवक ने 11 अक्टूबर को ऑरोरा के एक हिंदू मंदिर पर हमला करने की योजना बनाई थी. स्थानीय पुलिस और FBI की शिकागो फील्ड ऑफिस की कार्रवाई के बाद आरोपी को पकड़ लिया गया. उस पर आतंकवादी धमकी देने और हथियार रखने से जुड़े आरोप लगाए गए हैं.

आरोपी पर भारतीयों को निशाना बनाने की योजना का आरोप

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सांसदों ने अपने लेटर में लिखा कि आरोपी ने अपने एक सहकर्मी से कहा था कि वह भारतीय लोगों को मारना चाहता है. पत्र में यह भी दावा किया गया कि उसने एक घोषणापत्र लिखा था, जिसमें भारतीयों के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया और ज्यादा से ज्यादा लोगों को नुकसान पहुंचाने की योजना का जिक्र था.

What nearly happened at a Hindu temple in Illinois is appalling. No American should ever fear for their life simply because of their faith or heritage. Today, I joined my House India Caucus co-chair @RepRoKhanna in calling on the DOJ and FBI to thoroughly investigate this disturbing plot, address the growing threats against Hindu and Indian Americans, and ensure those responsible are held accountable. Religious freedom is a fundamental American right. Hatred and violence have no place in our nation.

— Congressman Rich McCormick, MBA MD (@RepMcCormick) October 16, 2026

स्थानीय पुलिस और FBI की कार्रवाई से हमले को समय रहते रोक लिया गया. अब सांसद चाहते हैं कि मामले की जांच इस पहलू से भी की जाए कि क्या यह संघीय कानून के तहत हेट क्राइम का मामला हो सकता है.

मालूम हो, रो खन्ना और रिच मैककॉर्मिक कांग्रेस में भारत और भारतीय अमेरिकियों से जुड़े कॉकस के सह-अध्यक्ष हैं. उन्होंने अपने पत्र में अमेरिकी न्याय विभाग और FBI से कई कदम उठाने की मांग की है. सांसदों ने कहा कि ऑरोरा मामले की संभावित संघीय हेट क्राइम के तौर पर जांच की जानी चाहिए. साथ ही यह पता लगाया जाए कि क्या आरोपी को किसी दूसरे व्यक्ति ने उकसाया, मदद दी या उसके साथ मिलकर योजना बनाई थी.

पत्र में राज्य और स्थानीय पुलिस के साथ समय पर खतरे से जुड़ी जानकारी शेयर करने की मांग भी की गई है. सांसदों ने दक्षिण एशियाई समुदाय के पूजा स्थलों को सुरक्षा संबंधी संसाधन उपलब्ध कराने की अपील की है. इसके अलावा, उन्होंने न्याय विभाग और FBI से यह जानकारी देने को कहा है कि हिंदू और भारतीय अमेरिकी समुदाय को निशाना बनाने वाली धमकियों से निपटने के लिए कौन-कौन से कदम उठाए जा रहे हैं.

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हिंदू और भारतीय समुदाय के खिलाफ नफरत पर जताई चिंता

पत्र में सांसदों ने कहा कि यह घटना अकेली नहीं है, बल्कि हिंदू और भारतीय समुदाय के खिलाफ शत्रुता को लेकर व्यापक चिंता का हिस्सा है. ऐसी घटनाओं से लोगों में अपने ही पूजा स्थलों पर असुरक्षा की भावना पैदा हो सकती है. पत्र में कई आंकड़ों का हवाला दिया गया है. इसके मुताबिक, FBI के आंकड़ों में 2025 के दौरान सिख, हिंदू और बौद्ध समुदायों को निशाना बनाने वाले दर्ज हेट क्राइम में बढ़ोतरी दिखाई गई है.

पत्र में सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ ऑर्गनाइज्ड हेट के एक अध्ययन का भी जिक्र है. इसके मुताबिक, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दक्षिण एशियाई लोगों के खिलाफ नफरत भरी पोस्ट जनवरी 2024 से जून 2026 के बीच करीब 240 प्रतिशत बढ़ीं. इसके अलावा, 2026 के कार्नेगी एंडोमेंट सर्वे का हवाला देते हुए कहा गया कि 2025 की शुरुआत से हर चार में से एक भारतीय अमेरिकी एडल्ट को किसी अपमानजनक नस्लीय या जातीय टिप्पणी का सामना करना पड़ा है.

'हर अमेरिकी को बिना डर पूजा का अधिकार'

सांसदों ने अपने लेटर में कहा कि हिंदू और भारतीय अमेरिकी समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संघीय एजेंसियों को सक्रिय कदम उठाने चाहिए. उन्होंने पूजा स्थलों को सुरक्षा संबंधी मदद देने और स्थानीय पुलिस के साथ बेहतर तालमेल बनाने पर जोर दिया. लेटर के आखिर में कहा गया कि हर अमेरिकी को बिना डर पूजा करने का अधिकार है.

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अब इस मामले में अमेरिकी न्याय विभाग और FBI की ओर से उठाए जाने वाले कदमों पर नजर रहेगी. सांसदों की मांग है कि मंदिर पर हमले की साजिश की जांच के साथ यह भी पता लगाया जाए कि इसके पीछे कोई व्यापक नेटवर्क या अन्य लोगों की भूमिका तो नहीं थी.

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