world-news

Explainer: गोविंदा का बेटा और 79 रिजेक्शंस, क्यों यशवर्धन आहूजा को डेब्यू में लगे 9 साल?

July 19, 2026

Yashvardhan Ahuja Debut Explainer: गोविंदा के बेटे यशवर्धन आहूजा 9 साल बाद बॉलीवुड में डेब्यू क्यों कर रहे हैं. रिपोर्ट्स में दावा किया जाता है कि उन्होंने 79 से ज्यादा रिजेक्शन झेले हैं. इतना ही नहीं उन्होंने असिस्टेंट डायरेक्टर की नौकरी भी की. आइए जानते हैं कि उन्हें डेब्यू करने में इतने साल क्यों लग गए.

Yashvardhan Ahuja Debut Explainer: गोविंदा के बेटे यशवर्धन आहूजा 9 साल बाद बॉलीवुड में डेब्यू क्यों कर रहे हैं. रिपोर्ट्स में दावा किया जाता है कि उन्होंने 79 से ज्यादा रिजेक्शन झेले हैं. इतना ही नहीं उन्होंने असिस्टेंट डायरेक्टर की नौकरी भी की. आइए जानते हैं कि उन्हें डेब्यू करने में इतने साल क्यों लग गए.

author-image

New Update

WhatsApp Image 2026-07-19 at 6.33.32 PM

Photograph: (AI Generated Image)

Yashvardhan Ahuja Debut Explainer: बॉलीवुड में जब भी स्टार किड्स की बात होती है तो अक्सर कहा जाता है कि उनको फिल्मों आसानी से काम मिल जाता है. बड़े बैनर, बड़े प्रोड्यूसर और बड़े डायरेक्टर उन्हें लॉन्च करने के लिए रेडी रहते हैं. लेकिन हर स्टार किड की स्टोरी एक जैसी नहीं होती. इसका सबसे बड़ा उदाहरण हैं गोविंदा के बेटे यशवर्धन आहूजा (Yashvardhan Ahuja). जी हां. हिंदी सिनेमा के 'हीरो नंबर 1' के बेटे होने के बावजूद यशवर्धन को बॉलीवुड में डेब्यू करने के लिए 9 साल लग गए.रिपोर्ट्स में दावा किया जाता है कि इस बीच उन्होंने 79 से ज्यादा ऑडिशन दिए, लेकिन वह कामयाब नहीं पाए. उन्हें इस दौरान रिजेक्शन झेलना पड़ा. उनके हाथ से कई ऐसे मौके भी निकल गए, जिनसे उनका डेब्यू हो सकता था. अब आखिरकार वह 2026 में एकता कपूर की फिल्म 'हंड्रेड' डेब्यू करने जा रहे हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर स्टार किड्स होने के बावजूद यशवर्धन को इतना लंबा स्ट्रगल क्यों करना पड़ा? आइए जानते हैं-

गोविंदा ने अपने बेटे के लिए कभी नहीं मांगा काम

यशवर्धन के स्ट्रगल की सबसे बड़ी वजह उनके पिता गोविंदा का फैसला माना जा सकता है. गोविंदा खुद मेहनत के दम पर स्टार बने थे. इसलिए वह चाहते थे कि उनका बेटा भी अपने दम पर फिल्मों में एंट्री करे. रिपोर्ट्स के मुताबिक, यशवर्धन ने इंटरव्यू में बताया था कि उनके पिता गोविंदा ने साफ कह दिया था कि वह किसी प्रोड्यूसर या डायरेक्टर को उनके लिए फोन नहीं करेंगे. यशवर्धन की मां सुनीता आहूजा भी कई बार यह बता चुकी हैं. उनके मुताबिक, यशवर्धन दूसरे नए कलाकारों की तरह कास्टिंग डायरेक्टर्स के ऑफिस के चक्कर काटते थे. प्रोफाइल जमा करते थे और घंटों लाइन में लगकर ऑडिशन दिया करते थे. उन्होंने कभी यह नहीं सोचा कि गोविंदा का बेटा होने की वजह से उन्हें फिल्मों में काम मिल जाएगा. यही वजह थी कि उन्हें इतना स्ट्रगल करना पड़ा.जितना किसी आउटसाइडर को करना पड़ता है.

अस्सिटेंट डायरेक्टर के तौर पर किया काम

यशवर्धन ने लंदन के मशहूर MetFilm School से फिल्ममेकिंग और एक्टिंग सीखी.  वह अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद वह फिल्मों में नहीं आना चाहते थे. उन्होंने पहले फिल्म कैसे बनाई जाती है इस बार में करीब से समझने का फैसला किया. साल 2016 से उन्होंने साजिद नाडियाडवाला के प्रोडक्शन हाउस में असिस्टेंट डायरेक्टर का काम किया. वह वरुण धवन और जॉन अब्राहम की फिल्म 'ढिशूम' में डायरेक्शन टीम का हिस्सा भी रहे. जहां उन्होंने फिल्म बनाने की कला को करीब से सीखा. इसके बाद 'तड़प' समेत कई फिल्मों के प्री-प्रोडक्शन और शूटिंग में भी जुड़े रहे. बताया जाता है कि सेट पर उनका काम किसी स्टार की तरह नहीं होता था बल्कि वह एक टीम की तरह बाकी लोगों की तरह आम इंसान की तरह काम किया करते थे. इसमें क्लैप देना, शूटिंग की तैयारी करना, कालाकारों को बुलाना और दूसरे तकनीकी काम शामिल थे. इससे उन्हें कैमरे के पीछे की साइंस समझने में मदद मिली.  एक बार यशवर्धन ने यह भी बताया था कि एक्टर रणबीर कपूर ने उन्हें सलाह दी थी कि एक्टिंग शुरू करने से पहले लाइफ को करीब से जानो.

79 बार ऑडिशन में किया गया रिजेक्ट

गोविंदा के बेटे यशवर्धन का नाम लोगों के बीच तब चर्चा में आया जब उन्होंने एक बार खुद खुलासा किया कि उन्हें 79 से ज्यादा ऑडियंस में रिजेक्ट किया गया. उनके मुताबिक, उन्हें हर बार यह उम्मीद रहती थी कि इस बार उनका सेलेक्शन हो जाएगा. लेकिन कभी किरदार बदल जाता, कभी लुक फिट नहीं बैठता और कभी किसी दूसरे कलाकार का सेलेक्शन हो जाता था. अक्सर माना जाता है कि स्टार किड्स को फिल्मों के लिए ऑडिशन देने की जरूरत नहीं पड़ती, लेकिन यशवर्धन की स्टोरी इसेस बिल्कुल अलग रही. लाइफ में लगातार रिजेक्शन के बावजूद उन्होंने आस नहीं छोड़ी. वह ऑडिशन देते रहे और खुद को निखारने में जुटे रहे. यही वजह है कि आज उनका स्ट्रगल अक्सर नेपोटिज्म की बहस में एक अलग उदाहरण के तौर पर देखा जाता है.

ये भी पढ़ें: Explainer: क्या टूट गई थी अक्षय कुमार-परेश रावल की दोस्ती? किसने क्या कहा और कैसे खत्म हुई लड़ाई? जानिए पूरी कहानी

यशवर्धन के साथ फिल्म में सुनीता भी आएंगी नजर

'हंड्रेड' सिर्फ यशवर्धन के डेब्यू की वजह से चर्चा में नहीं है बल्कि इसका दूसरा कारण यह भी है कि इसमें उनके साथ उनकी मां सुनीता आहूजा भी नजर आएंगी. ऐसे में मां-बेटे एक ही फिल्म से बॉलीवुड में डेब्यू करते हुए नजर आएंगे. खास बात यह है कि वह फिल्म में यशवर्धन की मां का ही किरदार निभाएंगी. बॉलीवुड में ऐसा शायद ही कभी देखने के लिए मिलता है कि असल मां और बेटा एक साथ अपनी डेब्यू फिल्म में एक्टिंग करते नजर आएंगे. यही वजह है कि इस फिल्म को लेकर लोगों के बीच अलग तरह की एक्साइटमेंट है

हमारे न्यूज़लेटर की सदस्यता लें! विशेष ऑफ़र और नवीनतम समाचार प्राप्त करने वाले पहले व्यक्ति बनें