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Explainer: श्रीलंका में कैसे टीम इंडिया के 'एक्स-फैक्टर' साबित हो सकते हैं आकिब नबी? जानें वो कारण जो उन्हें बनाएंगे घातक

August 3, 2026

IND vs SL: श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए जसप्रीत बुमराह की जगह जम्मू-कश्मीर से आने वाले 29 वर्षीय तेज गेंदबाज आकिब नबी को टीम इंडिया के स्क्वाड में शामिल किया गया है.

IND vs SL: श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए जसप्रीत बुमराह की जगह जम्मू-कश्मीर से आने वाले 29 वर्षीय तेज गेंदबाज आकिब नबी को टीम इंडिया के स्क्वाड में शामिल किया गया है.

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Auqib Nabi

Auqib Nabi Photograph: (AI)

IND vs SL: भारतीय टीम टेस्ट सीरीज के लिए श्रीलंका पहुंच चुकी है और तैयारियां शुरू कर दी हैं. दोनों टीमों के बीच 2 टेस्ट मैचों की सीरीज खेली जाएगी. विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के लिहाज से यह सीरीज टीम इंडिया के लिए बेहद अहम है, लेकिन इससे पहले भारतीय टीम को जसप्रीत बुमराह के रूप में बड़ा झटका लगा. बुमराह इस सीरीज से बाहर हो गए, क्योंकि वह अभी पूरी तरह से फिट नहीं हुए हैं. अब BCCI ने जम्मू-कश्मीर से आने वाले 29 वर्षीय तेज गेंदबाज आकिब नबी को श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए टीम इंडिया के स्क्वाड में शामिल किया है. आकिब बुमराह की जगह लेंगे. अब सभी की नजरें इस पर रहेंगी कि आकिब को प्लेइंग 11 में मौका मिलता है या नहीं. तो आइए जानते हैं कि अगर आकिब को मौका मिलता है तो वह श्रीलंका में कैसे टीम इंडिया के लिए बेहद अहम साबित हो सकते हैं. 

घरेलू क्रिकेट बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर टीम इंडिया में बाद चयन

आकिब नबी को टीम इंडिया में जगह उनके शानदार घरेलू रिकॉर्ड को देखते हुए मिली है. रणजी ट्रॉफी के पिछले 2 सीजन उनके लिए किसी सपने जैसे थे. आकिब ने पिछले दो रणजी सीजन में कुल मिलाकर 104 विकेट लेकर तहलका मचाया था. आकिब ने अकेले ही 2025-26 के सीजन में सिर्फ 10 मैचों में खेलते हुए 60 विकेट लेकर विरोधी टीमों का बैटिंग लाइन-अप ध्वस्त किया था. वह इस सीजन के सबसे सफल गेंदबाजों में से एक रहे, जिसके बाद से ही उन्हें टीम इंडिया में शामिल करने की मांग होने लगी. श्रीलंका के खिलाफ जब टेस्ट सीरीज के लिए टीम इंडिया के स्क्वाड में आकिब को जगह नहीं मिली तो सेलेक्टर्स पर सवाल भी उठे, लेकिन शायद किस्मत को यही मंजूर था कि उन्हें श्रीलंका सीरीज के लिए टीम इंडिया में शामिल किया जाए. अब बुमराह की जगह उन्हें टीम में शामिल किया गया है. 

— BCCI (@BCCI) August 3, 2026

दोनों तरफ स्विंग कराने की जादुई कला

आकिब नबी की सबसे बड़ी ताकत नई गेंद को दोनों तरफ स्विंग कराना है. श्रीलंका की पिचों पर शुरुआत में नमी की वजह से तेज गेंदबाजों को मदद मिल सकती है. आकिब अपनी सटीक लाइन-लेंथ के साथ नई गेंद को इन-स्विंग और आउट-स्विंग दोनों करा सकते हैं. उनकी इसी स्किल की वजह से उन्हें भारतीय घरेलू क्रिकेट का 'स्कॉट बोलैंड'भी कहा जाता है, क्योंकि वो लगातार एक ही टप्पे पर गेंदबाजी कर बल्लेबाजों को गलतियां करने के लिए मजबूर करते हैं. ऐसे में नबी श्रीलंका के टॉप ऑर्डर के बल्लेबाजों के खिलाफ शुरुआती ओवरों में अपनी स्विंग से टीम इंडिया को शुरुआती विकेट दिला सकते हैं. 

श्रीलंका की धीमी पिचों पर रिवर्स स्विंग का हुनर

श्रीलंका की पिचें जैसे-जैसे खेल आगे बढ़ता है, धीमी और सूखी होती जाती हैं, जिसके बाद स्विंग मिलना बंद हो जाता है. ऐसी परिस्थिति में आकिब नबी का दूसरा हथियार 'रिवर्स स्विंग' काम आ सकता है. आकिब पुरानी गेंद से रिवर्स स्विंग हासिल करने में माहिर हैं. जब श्रीलंका के मिडिल ऑर्डर के बल्लेबाज सेट हो चुके होंगे, तब आकिब की रिवर्स स्विंग होती हुई अंदर आती गेंद और सटीक यॉर्कर पूरे मैच का रुख पलट सकती हैं. बुमराह की अनुपस्थिति में भारत को एक ऐसे गेंदबाज की जरूरत थी जो पुरानी गेंद से भी विकेट निकालकर दे सके और आकिब इस भूमिका में बिल्कुल फिट बैठते हैं.

श्रीलंका की परिस्थितियों का हालिया अनुभव

आकिब नबी का सबसे मजबूत पक्ष यह है कि उन्होंने हाल ही में श्रीलंका में इंडिया ए के लिए खेला था. उन्होंने दो चार-दिवसीय मैचों में 6 विकेट चटकाए थे. हालांकि वो थोड़े महंगे जरूर रहे थे, लेकिन आकिब ने श्रीलंका की पिचों के मिजाज को बेहतर समझा होगा. ऐसे में हाल में श्रीलंका दौरे के अनुभव के कारण उन्हें श्रीलंका के मौसम, वहां की हवा के रुख और पिचों के बर्ताव को समझने के लिए अतिरिक्त समय की जरूरत नहीं पड़ेगी. बता दें कि श्रीलंका के खिलाफ इस टेस्ट सीरीज के लिए टीम इंडिया में मौजूदा 15 खिलाड़ियों में से सिर्फ 3 ही खिलाड़ियों को श्रीलंका में टेस्ट सीरीज खेलने का अनुभव है. ये खिलाड़ी केएल राहुल, रवींद्र जडेजा और कुलदीप यादव हैं, जिन्हें श्रीलंका की सरजमीं पर टेस्ट मैच खेलने का अनुभव है. राहुल ने यहां 5 टेस्ट मैच खेले हैं. जबकि रवींद्र जडेजा 2 टेस्ट और कुलदीप सिर्फ 1 टेस्ट खेले हैं. यानी टीम इंडिया के स्क्वाड में शामिल तेज गेंदबाजों में किसी को भी श्रीलंका की धरती पर खेलने का अनुभव नहीं है. ऐसे में आकिब एक बेहतर विकल्प हो सकते हैं.

नंबर 8 की समस्या का समाधान 

भारतीय टेस्ट टीम पिछले कुछ समय से निचले क्रम में एक ऐसे खिलाड़ी की तलाश कर रही है जो गेंदबाजी के साथ-साथ बल्लेबाजी में भी योगदान दे सके. नीतीश कुमार रेड्डी और हर्षित राणा जैसे युवा ऑलराउंडर्स के चोटिल होने के बाद भारत के पास नंबर 8 पर बल्लेबाजी करने वाले खिलाड़ी की कमी थी, लेकिन अब आकिब नबी के आने से यह स्लॉट भर सकता है, क्योंकि वह टीम में गेंदबाजी के साथ निचले क्रम में आकर बल्लेबाजी भी करते हैं. उनकी यह बल्लेबाजी क्षमता टीम इंडिया की बल्लेबाजी गहराई को मजबूती देगी. इसके अलावा यह क्षमता श्रीलंकाई पिचों पर अतिरिक्त स्पिनर या बल्लेबाज खिलाने का संतुलन प्रदान करेगी.

बड़े मैचों का दबाव झेलने की झमता

आकिब नबी ने जम्मू-कश्मीर को ऐतिहासिक रणजी ट्रॉफी का खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई है. उन्होंने रणजी ट्रॉफी के नॉकआउट मैचों में केएल राहुल जैसे इंटरनेशनल लेवल के बल्लेबाजों को अपनी घातक गेंदबाजी से परेशान किया और अपना शिकार बनाया था. घरेलू क्रिकेट के नॉकआउट मैचों में इस तरह का प्रदर्शन यह साबित करता है कि वह दबाव वाले मैचों को भी सही से मैनेज करते हैं और अपना बेस्ट प्रदर्शन करते हैं. ऐसे में इंटरनेशनल लेवल पर श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट मैचों के तनावपूर्ण माहौल में आकिब का मानसिक रूप से मजबूत होना भारत के काम आएगा. अब देखने वाली बात है कि कप्तान शुभमन गिल और टीम मैनेजमेंट उन्हें मौका देता है या नहीं.

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