भाजपा राजस्थान प्रदेश कार्यसमिति सदस्य हरिशचंद्र सिंह जसोल ने EWS आरक्षण के नियमों को सरल करने की मांग की है। उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ को इस संबंध में पत्र भेजा है।
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जसोल ने कहा- EWS व्यवस्था सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बहुत जरूरी है। पश्चिमी राजस्थान की भौगोलिक और कृषि परिस्थितियों को देखते हुए केंद्रीय EWS पात्रता नियमों में बदलाव जरूरी है। इस दौरान उन्होंने केंद्रीय पात्रता प्रावधानों के सरलीकरण की मांग की है।
वास्तविक आर्थिक स्थिति को देखा जाए-जसोल
उन्होंने बताया कि पश्चिमी राजस्थान का बड़ा हिस्सा रेगिस्तानी और असिंचित है। यहां कई परिवारों के पास खेती की जमीन ज्यादा है, लेकिन उसकी पैदावार और आर्थिक उपयोगिता कम है।
जसोल ने सुझाव दिया कि पात्रता तय करते समय जमीन के क्षेत्रफल के साथ उसकी पैदावार, सिंचाई और वास्तविक आर्थिक स्थिति को भी देखा जाए। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस विषय पर केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजने का आग्रह किया।
पात्रता प्रावधानों में समन्वय पर जोर दिया
जसोल ने राज्य एवं केंद्र स्तर पर लागू EWS पात्रता प्रावधानों में आवश्यक समन्वय पर भी जोर देते हुए कहा कि इससे विद्यार्थियों एवं युवाओं के लिए प्रक्रिया अधिक सरल एवं स्पष्ट हो सकेगी। राजस्थान की विशिष्ट परिस्थितियों के अनुरूप केंद्रीय पात्रता मानदंडों में आवश्यक संशोधन से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को इसका समुचित लाभ प्राप्त होगा।
उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से इस महत्वपूर्ण विषय का राज्य सरकार के स्तर पर आवश्यक परीक्षण करवाकर केंद्र सरकार को प्रभावी प्रस्ताव एवं अनुशंसा भेजने का आग्रह किया। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ से भी विषय को राज्य एवं केंद्र सरकार के समक्ष रखते हुए आवश्यक समन्वय एवं पहल करने का अनुरोध किया गया है।
प्रावधानों का सरलीकरण होने से जरूरतमंद को फायदा होगा
हरिशचंद्र सिंह जसोल ने कहा कि EWS व्यवस्था आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों एवं युवाओं के भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। राजस्थान की भौगोलिक एवं कृषि परिस्थितियों के अनुरूप पात्रता प्रावधानों का सरलीकरण होने से जरूरतमंद परिवारों को शिक्षा एवं सरकारी सेवाओं में आरक्षण का व्यापक और प्रभावी लाभ मिल सकेगा।