Updated On: Jul 26, 2026 | 01:32 PM IST
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सार
Ukraine Strike Iranian Vessel: ईरानी जहाज पर यूक्रेन के हमले के बाद ईरान और EU के बीच कूटनीतिक चर्चा तेज हो गई है। हमले में एक नाविक की मौत हुई है और ईरान ने गंभीर नतीजे भुगतने की चेतावनी दी है।

सैयद अब्बास अराघची, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
विस्तार
Ukraine Strike Iranian Vessel In Caspian Sea: रूस और यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष अब भौगोलिक सीमाओं को लांघकर नए समुद्री मोर्चों तक पहुंच गया है। शनिवार को कैस्पियन सागर में एक ईरानी जहाज को यूक्रेन द्वारा निशाना बनाए जाने के बाद ईरान ने कड़ा रुख अख्तियार किया है।
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने इस हमले के खिलाफ यूरोपीय संघ (EU) से तत्काल और सख्त कार्रवाई करने की अपील की है। रिपोर्ट के मुताबिक, यूक्रेनी हमले के कारण जहाज में हुए विस्फोट में एक नाविक की जान चली गई, जबकि एक अन्य घायल हुआ है।
ईरान ने यूरोपीय संघ और UN को घेरा
ईरानी विदेश मंत्रालय द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, विदेश मंत्री अराघची ने शनिवार को यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काजा कैलास से फोन पर बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कैलास से यूक्रेन की इस ‘आक्रामक कार्रवाई’ के खिलाफ कदम उठाने का आग्रह किया।
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अराघची ने मांग की कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इस हमले के गुनहगारों और उनके पीछे खड़े समर्थकों को जवाबदेह ठहराना चाहिए।
कमर्शियल जहाज या मिलिट्री कार्गो?
इस हमले को लेकर दोनों देशों के दावों में बड़ा अंतर है। जहां ईरान का कहना है कि यूक्रेन ने उसके एक कमर्शियल जहाज को निशाना बनाया है, वहीं यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने एक अलग तस्वीर पेश की। जेलेंस्की ने शनिवार को घोषणा की कि उनके देश की सेना ने कैस्पियन सागर में एक रूसी युद्धपोत और ईरान से जुड़े मिलिट्री कार्गो का परिवहन करने वाले जहाजों पर सफल हमला किया है।
तेहरान ने यूक्रेन के चार्ज डी’अफेयर्स को किया तलब
इस घटना के बाद तेहरान में कूटनीतिक गहमागहमी बढ़ गई है। ईरानी विदेश मंत्रालय ने शनिवार को तेहरान में तैनात यूक्रेन के चार्ज डी’अफेयर्स को तलब किया और इस ‘आपराधिक’ कृत्य की कड़ी निंदा करते हुए औपचारिक विरोध पत्र सौंपा।
मंत्रालय ने बताया कि ईरान ने इस युद्ध में कभी किसी का पक्ष नहीं लिया है और वह तटस्थ रहा है। ईरान ने चेतावनी दी है कि इस तरह के हमले क्षेत्र में युद्ध और असुरक्षा की आग को और भड़का सकते हैं।
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क्षेत्रीय सुरक्षा पर गहराता संकट
अराघची और कैलास की इस बातचीत में होर्मुज के ताजा घटनाक्रमों पर भी चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने इस बात पर सहमति जताई कि इलाके में बढ़ते तनाव को प्रबंधित करने के लिए कूटनीतिक पहल की सख्त जरूरत है। ईरान ने अंत में चेतावनी भरे लहजे में कहा कि वह अपने राष्ट्रीय हितों की सुरक्षा से पीछे नहीं हटेगा और यूक्रेन को अपने इस ‘दुस्साहसपूर्ण’ कदम के गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
