महादेव सट्टा ऐप के मामले में ED ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई की है। Ebix Official के चेयरमैन और इस मामले में आरोपी विकास गर्ग को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया है।
महादेव सट्टा ऐप मामले में आरोपी विकास गर्ग को ED ने दिल्ली से गिरफ्तार किया
- Published: 14 Jul 2026, 07:24 PM IST
- Last Updated: 14 Jul 2026, 08:01 PM IST
रायपुर। छत्तीसगढ़ की सियासत में एक वक्त भूचाल ला देने वाले महादेव सट्टा ऐप के मामले में ED ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई की है। ED ने Ebix Official के चेयरमैन विकास गर्ग को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया है।
उल्लेखनीय है कि, हाल ही में ईडी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कारोबारी विकास गर्ग तथा उसके रिश्तेदारों और परिचितों की 940.77 करोड़ रुपए की संपत्ति अटैच की है। यह कार्रवाई प्रिवेंसन ऑफ मनी लांड्रिंग एक्ट के तहत रायपुर जोनल कार्यालय द्वारा की गई है। आरोप है कि सट्टे की काली कमाई को व्हाइट करने कारोबारी ने शेयर बाजार तथा अन्य माध्यम से निवेश किया।
आलीशान आवासीय भवन, विभिन्न स्थानों पर भूखंड शामिल
ईडी के अनुसार, कुर्क की गई संपत्तियों में आलीशान आवासीय भवन, विभिन्न स्थानों पर स्थित भूखंड, व्यावसायिक भूमि, इक्विटी शेयर, अन्य प्रतिभूतियां (सिक्योरिटीज), निवेश और वित्तीय परिसंपत्तियां शामिल हैं। एजेंसी का कहना है कि ये सभी संपत्तियां महादेव ऑनलाइन बुक और स्काई एक्सचेंज के जरिए संचालित अवैध सट्टाबाजी नेटवर्क से अर्जित अपराध की आय से खरीदी गई थीं या उसी धन के माध्यम से तैयार की गई वित्तीय संरचना का हिस्सा थीं।
दुर्ग पुलिस की एफआईआर के आधार पर जांच
सट्टा मामले की जांच की शुरुआत दुर्ग में दर्ज एफआईआर के आधार पर ईडी ने शुरू की थी। बाद में राज्य के अन्य जिलों के साथ आंध्रप्रदेश, पश्चिम बंगाल तथा अन्य राज्यों में दर्ज विभिन्न एफआईआर को भी जांच में शामिल किया गया। इन मामलों में ऑनलाइन सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म के संचालकों, प्रमोटरों और सहयोगियों के खिलाफ आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, जालसाजी और अन्य गंभीर अपराधों के आरोप लगाए गए हैं।
पूर्व में भी हो
इस मामले में ईडी ने 2 हजार 825 करोड़ रुपए मूल्य की चल, अचल संपत्तियां, विदेशी परिसंपत्तियां, बैंक खातों में जमा राशि तथा अन्य वित्तीय संपत्तियां कुर्क कर चुकी है। अब विकास और उनसे जुड़ी संस्थाओं की 940.77 करोड़ रुपए की संपत्तियां कुर्क किए जाने के बाद इस मामले में अब तक कुल करीब 3 हजार 800 करोड़ रुपए की संपत्तियां अटैच की जा चुकी हैं।
हर माह साढ़े चार सौ करोड़ की काली कमाई
महादेव ऑनलाइन बुक और स्काई एक्सचेंज का पूरा नेटवर्क विदेशों से संचालित किया जा रहा था। यह गिरोह फ्रेंचाइजी आधारित पैनल सिस्टम पर काम करता था, जिसमें देशभर में एजेंट और सब-एजेंट का नेटवर्क तैयार किया गया था। प्रत्येक पैनल के माध्यम से लाखों लोगों को ऑनलाइन सट्टेबाजी से जोड़ा जाता था और उसी के जरिए करोड़ों रुपए का अवैध कारोबार किया जाता था। जांच एजेंसी के मुताबिक यह नेटवर्क हर महीने 450 करोड़ रुपए से अधिक की अवैध कमाई कर रहा था।
दिल्ली, गोवा, नैनीताल की संपत्ति अटैच
विकास गर्ग शेयर बाजार में लिस्टेड तीन बड़ी कंपनी विकास ईकोटेक, विकास लाइफकेयर और एराया लाइफस्पेसेज के प्रमोटर है। उसने 2024 में उस समय खूब सुर्खियां बटोरी थीं, जब उसकी कंपनी 'एराया लाइफस्पेसेज' ने अमेरिका में दिवालिया हो चुकी एक बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनी एबिक्स को खरीद लिया था। ईडी ने 5 जून को एक प्रोविजनल ऑर्डर जारी कर विकास गर्ग के दिल्ली वाले घर, गोवा और नैनीताल के ऑफिस व प्रॉपर्टीज को अटैच किया है। इसमें एराया लाइफस्पेसेज द्वारा एबिक्स में खरीदी गई 75% से ज्यादा की हिस्सेदारी भी शामिल है।
पूर्व में भी हो चुकी है कार्रवाई
महादेव ऑनलाइन बुक और स्काई एक्सचेंज मामले में ईडी पूर्व में सात प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर जारी कर चुकी है। इसके अलावा स्पेशल पीएमएलए कोर्ट में मुख्य अभियोजन शिकायत के साथ कई पूरक अभियोजन शिकायतें भी पेश की जा चुकी हैं। विशेष अदालत में इन शिकायतों पर सुनवाई भी शुरू हो गई है। ताजा कार्रवाई से पहले इस मामले में ईडी ने 2 हजार 825 करोड़ रुपए मूल्य की चल, अचल संपत्तियां, विदेशी परिसंपत्तियां, बैंक खातों में जमा राशि तथा अन्य वित्तीय संपत्तियां कुर्क कर चुकी है। अब विकास और उनसे जुड़ी संस्थाओं की 940.77 करोड़ रुपए की संपत्तियां कुर्क किए जाने के बाद इस मामले में अब तक कुल करीब 3 हजार 800 करोड़ रुपए की संपत्तियां अटैच की जा चुकी हैं।
काली कमाई को व्हाइट करने अमेरिका की कंपनी खरीदी
आरोप है कि विकास ने अमेरिका की कंपनी एबिक्स को व्यावसायिक लाभ के लिए नहीं खरीदा था। उसने कंपनी को खरीदने के लिए बेटिंग ऐप स्कैम के काले धन का इस्तेमाल किया था। जांच एजेंसी के आरोपों के मुताबिक महादेव ऐप के जरिए कमाए गए 940 करोड़ रुपए विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों के जरिए एराया लाइफस्पेसेज के क्वालीफाइड इंस्टिट्यूशनल प्लेसमेंट में लगाया गया। यह पूरा खेल अगस्त 2024 में प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिए रचा गया था, ताकि एबिक्स को खरीदा जा सके।
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