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अब E100 इथेनॉल पर दौड़ेंगी गाड़ियां, गडकरी ने बताया फ्यूचर प्लान; जानिए कैसे काम करेगा 'मिराई' - india shift e20 to e100 flex fuel engines nitin gadkari vision

September 30, 2026

Published: Wed, 30 Sep 2026 05:33 PM (IST)Updated: Wed, 30 Sep 2026 07:03 PM (IST)

नितिन गडकरी ने E20 पेट्रोल के बाद अब E100 इथेनॉल पर चलने वाले फ्लेक्स-फ्यूल इंजनों पर जोर दिया है, जिससे किसानों की आय बढ़ेगी और पेट्रोलियम आयात घटेगा।

(यह तस्वीर AI से बनाई गई है)

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कारों के लिए E20 पेट्रोल की शुरुआत के बाद अब सरकार का फोकस पूरी तरह इथेनॉल या E100 पर चलने वाले फ्लेक्स-फ्यूल इंजनों पर केंद्रित हो गया है।

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने हाल ही में कहा कि इथेनॉल न केवल किसानों की आय बढ़ाने में सक्षम है, बल्कि भारत की विदेशों से आने वाले पेट्रोलियम पर निर्भरता को भी काफी हद तक कम कर सकता है।

उन्होंने वैकल्पिक ईंधनों और स्वच्छ सार्वजनिक परिवहन के बढ़ते इस्तेमाल पर विशेष जोर दिया। गडकरी मध्य प्रदेश में नई सार्वजनिक बस सेवा का उद्घाटन करने के बाद एक कार्यक्रम में बोल रहे थे, जिसमें मुख्यमंत्री मोहन यादव भी मौजूद थे।

गडकरी ने कहा, 'आज किसान न केवल हमारे 'अन्नदाता' हैं, बल्कि हमारे 'ऊर्जादाता' भी हैं।' गडकरी ने कहा कि इथेनॉल उत्पादन से किसानों को पहले ही फायदा हुआ है।

उन्होंने बताया कि इथेनॉल उत्पादन बढ़ने के बाद मक्के की कीमतें लगभग 1200 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़कर 2600 रुपये प्रति क्विंटल हो गई हैं। उन्होंने कहा, 'यही स्वदेशी, आत्मनिर्भरता और आजादी का मतलब है।'

फ्लेक्स-फ्यूल इंजन की तैयारी

PTI की एक रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने कहा कि ऐसे फ्लेक्स-फ्यूल इंजन विकसित किए जा रहे हैं जो पूरी तरह से इथेनॉल पर चल सकें और इस तकनीक से लैस गाडियां लाइ जाएंगी। उन्होंने कहा कि साफ-सुथरे ईंधन की ओर बढ़ने से सुरक्षा से समझौता किए बिना प्रदूषण कम करने और ईंधन का आयात घटाने में मदद मिल सकती है।

गडकरी ने कहा कि भारत अभी लगभग 22 लाख करोड़ रुपये का पेट्रोलियम आयात करता है। उन्होंने इथेनॉल, बिजली, हाइड्रोजन और ऊर्जा के अन्य वैकल्पिक स्रोतों का ज्यादा इस्तेमाल करके आयातित ईंधन पर देश की निर्भरता कम करने की जरूरत पर जोर दिया।

क्या है मिराई? 

सरकार इलेक्ट्रिक गाड़ियां अपनाने को भी बढ़ावा दे रही है। गडकरी ने कहा कि इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर पहले ही लॉन्च किए जा चुके हैं, जबकि हाइड्रोजन से चलने वाली गाड़ियों पर काम चल रहा है। उन्होंने कहा, 'मैं हाइड्रोजन से चलने वाली गाड़ी में सफर करता हूं। इसका नाम 'मिराई' है, जिसका मतलब है 'भविष्य'।'

उन्होंने यह भी बताया कि 10 रूटों पर हाइड्रोजन बसें चलाई जाएंगी। पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देने के बारे में गडकरी ने कहा कि मध्य प्रदेश में शुरू की गई नई बस सेवा का मकसद सुरक्षित, सस्ता और जवाबदेह ट्रांसपोर्ट देना है, खासकर समाज के गरीब तबके के लोगों के लिए।