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Dungarpur News: डूंगरपुर के सरकारी स्कूल में भरभराकर गिरी छत, ऑफिस में बैठे 2 टीचर मलबे में दबे; गंभीर रूप से घायल

July 16, 2026

Dungarpur News: डूंगरपुर के सरकारी स्कूल में भरभराकर गिरी छत, ऑफिस में बैठे 2 टीचर मलबे में दबे; गंभीर रूप से घायल

डूंगरपुर के सरकारी स्कूल में भरभराकर गिरी छत.

Dungarpur News: डूंगरपुर जिले के वरदा थाना क्षेत्र स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय मारगिया महूड़ा में गुरुवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया. विद्यालय के कार्यालय की छत का प्लास्टर अचानक भरभराकर गिर गया, जिससे वहां बैठे दो शिक्षक गंभीर रूप से घायल हो गए. हादसे के बाद स्कूल परिसर में अफरा-तफरी मच गई. स्थानीय लोगों और स्कूल स्टाफ की मदद से दोनों शिक्षकों को मलबे से बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया. फिलहाल दोनों का डूंगरपुर जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है.

कार्यालय में काम के दौरान हुआ हादसा

जानकारी के अनुसार, गुरुवार सुबह करीब 10:30 बजे शिक्षिका शिल्पा कुमारी रोत और शिक्षक राजकुमार बुनकर विद्यालय कार्यालय में बैठकर शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्य कर रहे थे. इसी दौरान अचानक कार्यालय की छत का प्लास्टर टूटकर दोनों के ऊपर आ गिरा. मलबे की चपेट में आने से शिक्षिका शिल्पा कुमारी के पैर और कंधे पर गंभीर चोटें आईं, जबकि शिक्षक राजकुमार बुनकर के सिर और गर्दन पर चोट लगने से वे भी गंभीर रूप से घायल हो गए. हादसे के दौरान दोनों लहूलुहान हो गए.

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स्थानीय लोगों ने दिखाई तत्परता

घटना के तुरंत बाद विद्यालय में मौजूद कुक कम हेल्पर कमला रोत, पड़ोसी लता रोत और महिपाल रोत ने बिना देर किए मलबा हटाया और दोनों घायलों को सुरक्षित बाहर निकाला. इसके बाद मामले की सूचना महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय आंतरी के पीईईओ प्रभारी सुमेर सिंह राठौड़ और प्रवेश जैन को दी गई. सूचना मिलते ही दोनों अधिकारी मौके पर पहुंचे और घायल शिक्षकों को तत्काल आंतरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया.

जिला अस्पताल किया गया रेफर

पीएचसी में डॉक्टरों ने दोनों शिक्षकों का प्राथमिक उपचार किया, लेकिन उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए डूंगरपुर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया. फिलहाल दोनों शिक्षकों का जिला अस्पताल में उपचार जारी है और उनकी हालत पर डॉक्टरों की निगरानी बनी हुई है.

स्कूल की जर्जर हालत पर उठे सवाल

इस हादसे ने सरकारी विद्यालयों की जर्जर भवन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. विद्यालय में केवल दो कमरे हैं. इनमें से एक कमरे में कार्यालय संचालित होता है, जबकि दूसरा कमरा पहले से ही जर्जर अवस्था में है. ऐसे में बच्चों को बरामदे में बैठाकर पढ़ाई कराई जा रही है.

छत का प्लास्टर गिरने की घटना के बाद अभिभावकों और ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है. स्थानीय लोगों ने स्कूल भवन की तत्काल मरम्मत और विद्यार्थियों व शिक्षकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों की पुनरावृत्ति न हो.

प्रवेश जैन

प्रवेश जैन

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