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DU में दोगुनी से ज्यादा होंगी हॉस्टल सीटें, 12754 छात्रों के लिए होगी व्यवस्था

September 10, 2026

DU में दोगुनी से ज्यादा होंगी हॉस्टल सीटें, 12754 छात्रों के लिए होगी व्यवस्था

दिल्ली यूनीवर्सीटीImage Credit source: Getty Images

दिल्ली विश्वविद्यालय में पिछले 100 वर्ष में यूनिवर्सिटी स्तर पर 3422 हॉस्टल सीटें थी. अब इनमें 3922 नई सीटों की वृद्धि के साथ कुल सीटों की संख्या दोगुनी से अधिक होकर 7344 होने जा रही है. विश्वविद्यालय के विभिन्न कॉलेजों में भी पिछले 100 वर्षों में कुल उपलब्ध सीटों की संख्या 3788 थी, जिसमें 1622 सीटों की वृद्धि के साथ कॉलेजों में कुल हॉस्टल सीटों की संख्या बढ़कर 5410 होने जा रही है. विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया गया कि आगामी दिनों में डीयू और इसके कॉलेजों को मिलकर कुल हॉस्टल क्षमता 12754 सीटों की होने जा रही है. नई सीटों के लिए हॉस्टलों का निर्माण जारी है जिसके आगामी महीनों में पूरा होने का अनुमान है.

डीयू के ढाका कॉम्प्लेक्स में ही 1450 सीटों वाले आईओई हॉस्टल का निर्माण चल रहा है जो कि बहुत जल्दी पूरा होने वाला है. इसके अलावा निर्भया रेजिडेंशियल अकोमोडेशन के नाम से महिलाओं के लिए 1000 सीटों का हॉस्टल निर्माणाधीन है. इसके अतिरिक्त 1050 सीटों वाला स्टूडियो अपार्टमेंट भी निर्माणाधीन है. ऐसे ही और भी हॉस्टलों का निर्माण कार्य प्रगति पर है.

डीयू में हॉस्टलों की सीटों की संख्या दोगुनी होगी?

आने वाले भविष्य में कई और नए हॉस्टल प्रोजेक्टों पर भी काम शुरू होने जा रहा है. विश्वविद्यालय हॉस्टलों को लेकर पिछले वर्षों में काफी गंभीरता से काम करता रहा है. इसी का परिणाम है कि पिछले 4-5 वर्षों में डीयू में हॉस्टलों की सीटों की संख्या दोगुने से अधिक होने जा रही है. आगामी दिनों में भी विश्वविद्यालय द्वारा सरकार के पास जल्दी ही कई नए प्रोजेक्ट्स सबमिट किए जाएंगे.

कॉलेजों में नए हॉस्टल की संभावनाएं तलाशने के निर्देश

दिल्ली विश्वविद्यालय ने सभी प्रिंसिपल से अनुरोध किया है कि वो अपने-अपने कॉलेज में स्टूडेंट्स के लिए उपलब्ध आवासीय सुविधाओं की समीक्षा करें. मौजूदा हॉस्टल्स के साथ अगर उनके यहां कोई हॉस्टल निर्माणाधीन है तो कोशिश करें कि उसे शीघ्रता से पूरा किया जाए और वह जल्दी से जल्दी स्टूडेंट्स के लिए उपलब्ध हो. सभी प्रिंसिपल अपने-अपने कॉलेजों में नए हॉस्टल के निर्माण की भी संभावनाएं तलाशें. अगर संभावनाएं हैं तो जल्द से जल्द उसके लिए योजना तैयार करें. इसके लिए उपलब्ध स्थान, सरकारी योजनाओं और संभावित सभी आवश्यकताओं व योजनाओं का आकलन करके नए हॉस्टल निर्माण का कार्य शुरू करें

शालिनी बाजपेयी

शालिनी बाजपेयी

शालिनी बाजपेयी टीवी9 भारतवर्ष न्यूज चैनल में सीनियर रिपोर्टर के तौर पर दिल्ली में काम कर रही हैं. टीवी9 भारतवर्ष से 2019 से जुड़ी हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 15 वर्षों से ज्यादा का अनुभव है. शिक्षा, स्वास्थ्य और दिल्ली सरकार जैसी अहम बीट को कवर करती हैं. शालिनी ने लखनऊ विश्वविद्यालय से स्नातक और परास्नातक किया है

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