शेखपुरा में सरकारी कर्मचारियों ने मंगलवार को पुरानी पेंशन योजना (OPS) को फिर से लागू करने की मांग को लेकर आक्रोश मार्च निकाला। इस दौरान कर्मचारियों ने सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मार्च कर्मचारी संघ भवन से निकलकर कलेक्ट
.
कर्मचारी नेताओं ने कहा कि आज ही के दिन वर्ष 2005 में बिहार सरकार ने कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन व्यवस्था समाप्त कर नई पेंशन योजना लागू की थी। इससे पहले केंद्र सरकार जनवरी 2004 से केंद्रीय कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन व्यवस्था खत्म कर चुकी थी।
'OPS सिर्फ पेंशन नहीं, सामाजिक सुरक्षा की गारंटी थी'
कर्मचारियों का कहना है कि पुरानी पेंशन व्यवस्था केवल सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाली आर्थिक मदद नहीं थी, बल्कि यह बुढ़ापे में सामाजिक सुरक्षा, सम्मानजनक जीवन और आर्थिक स्थिरता की गारंटी थी। इसके खत्म होने से लाखों कर्मचारी और शिक्षक सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाली सुनिश्चित मासिक सामाजिक सुरक्षा से वंचित हो गए हैं।
'पीड़ादायक और ऐतिहासिक काला दिवस' के रूप में मनाया दिन
बिहार राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के बैनर तले इस दिन को 'पीड़ादायक एवं ऐतिहासिक रूप से काला दिवस' के रूप में मनाया गया। आक्रोश मार्च में संघ के जिला महामंत्री अनिल कुमार, जिलाध्यक्ष सुनील कुमार, सर्वेश्वर कुमार, राजीव कुमार, गायत्री कुमारी, चंचला सिंह, संजय कुमार, दानवीर कुमार, संजू चंद्रा, पिंकी कुमारी और अरविंद कुमार समेत बड़ी संख्या में सरकारी कर्मचारी शामिल हुए।

नई पेंशन व्यवस्था में कर्मचारी और सरकार दोनों का अंशदान
कर्मचारी नेताओं के अनुसार, नई पेंशन व्यवस्था अंशदाई और बाजार आधारित योजना है। इसमें कर्मचारियों के वेतन से 10 प्रतिशत और सरकार की ओर से 14 प्रतिशत अंशदान पेंशन फंड में जमा किया जाता है। कर्मचारियों का कहना है कि वर्षों से उनके अंशदान के रूप में हजारों करोड़ रुपये पेंशन फंड में जमा हो चुके हैं, लेकिन भविष्य की सामाजिक सुरक्षा पर उनका सीधा नियंत्रण नहीं है।

पेंशन की निश्चितता खत्म होने का कर्मचारियों ने उठाया मुद्दा
आंदोलनकारियों ने कहा कि मौजूदा व्यवस्था में पेंशन की निश्चितता समाप्त हो गई है। कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वर्तमान पेंशन व्यवस्था में मूलभूत बदलाव जरूरी है।
कई मांगों को लेकर DM को सौंपा ज्ञापन
कर्मचारियों ने सरकार के 14 प्रतिशत अंशदान को बिहार सरकार के खाते में वापस जमा करने, सामाजिक सुरक्षा और पेंशन अधिकारों की रक्षा के लिए केंद्र द्वारा लागू कानून को वापस लेने तथा नई राष्ट्रीय पेंशन योजना को तत्काल समाप्त करने समेत विभिन्न मांगें उठाईं। इन मांगों को लेकर कर्मचारी कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिलाधिकारी शेखर आनंद को ज्ञापन सौंपा।