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मां बोली-'पुलिस केस कमजोर करने में लगी': सहरसा में DIG से निष्पक्ष जांच की मांग, 17 साल की छात्रा की मौत का मामला - Saharsa News

September 21, 2026

सहरसा के सिमरी बख्तियारपुर में 17 वर्षीय छात्रा से दुष्कर्म और जहर देकर हत्या के मामले में नया मोड़ आया है। मृतका की मां ने सोमवार को कोशी प्रक्षेत्र के DIG डॉ. आशीष कुमार से मुलाकात कर न्याय की गुहार लगाई।

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उन्होंने बख्तियारपुर थाना पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाते हुए मामले की जांच किसी वरिष्ठ और निष्पक्ष अधिकारी से कराने की मांग की है।

मृतका की मां ने DIG को दिए आवेदन में आरोप लगाया कि स्थानीय पुलिस मामले को कमजोर करने और आरोपियों को बचाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने मामले से जुड़े कई बिंदुओं की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है।

मरते वक्त बेटी ने कोचिंग वालों पर लगाया था आरोप

DIG कार्यालय पहुंची मृतका की मां भावुक हो गईं। उनका आरोप है कि 10वीं में पढ़ने वाली उनकी नाबालिग बेटी ने मौत से पहले बताया था कि कोचिंग से जुड़े लोगों ने उसके साथ गलत काम किया और जबरन जहर पिला दिया। मां का आरोप है कि इसके बावजूद स्थानीय पुलिस आरोपियों के खिलाफ अपेक्षित कार्रवाई नहीं कर रही है।

रविवार को छात्रा को कोचिंग क्यों बुलाया गया?

मां ने सवाल उठाया कि 5 अक्टूबर 2025 को रविवार के दिन छात्रा को कोचिंग क्यों बुलाया गया। उनका कहना है कि संस्थान सामान्य तौर पर सोमवार से शनिवार तक चलता था। आरोप है कि विष्णु झा, मुकेश यादव और छात्रा की सहेली ने सर्टिफिकेट रोकने की धमकी देकर उसे रविवार को बुलाया था।

CCTV बंद होने को लेकर भी सवाल

शिकायत में दूसरा बड़ा सवाल कोचिंग सेंटर के CCTV कैमरे को लेकर है। मां ने पूछा है कि घटना वाले दिन CCTV किसके कहने पर और किस वजह से बंद किया गया था। उन्होंने CCTV बंद किए जाने की पूरी जांच कराने की मांग की है।

जहर छात्रा तक कैसे पहुंचा?

मृतका की मां ने यह भी सवाल उठाया कि छात्रा के पास जहर कहां से आया और उसे कथित तौर पर जबरन किसने दिया। उन्होंने इस बिंदु की वैज्ञानिक और स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है।

आवेदन में आरोप लगाया गया है कि अचेत होने से पहले छात्रा ने डायल 100/112 और अपने मौसा-मौसी को फोन कर मदद मांगी थी। मां ने सवाल उठाया कि आपातकालीन कॉल के बावजूद पुलिस तत्काल मौके पर क्यों नहीं पहुंची और क्या कार्रवाई की गई।

'केस नहीं उठाया तो पूरे परिवार को खत्म कर देंगे'

मृतका की मां ने परिवार को धमकी मिलने का भी आरोप लगाया है। आवेदन के मुताबिक, बख्तियारपुर थाना कांड संख्या 300/25 दर्ज होने के बावजूद मुख्य आरोपी और कोचिंग संचालक बेखौफ हैं। परिजनों का आरोप है कि कोचिंग सेंटर अब भी चल रहा है और मृतका के पिता व दादा को केस वापस नहीं लेने पर पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी जा रही है।

सर्टिफिकेट देने के बहाने बुलाने का आरोप

परिजनों के मुताबिक, 5 अक्टूबर 2025 को छात्रा को सर्टिफिकेट देने के बहाने कंप्यूटर संस्थान बुलाया गया था। दोपहर में आरोपी विष्णु झा ने छात्रा के मोबाइल से उसके दादा को फोन कर बताया कि उसकी तबीयत खराब है और वह अस्पताल में है। परिजन जब पहुंचे तो आरोपी के वहां से फरार होने की बात कही गई।

इलाज के दौरान छात्रा की मौत

परिजनों के अनुसार, सहरसा ले जाने के दौरान छात्रा ने अपने बयान में विष्णु झा पर दुष्कर्म और जबरन जहर पिलाने का आरोप लगाया था। बाद में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मामले में बख्तियारपुर थाने में BNS की धाराओं 64, 103(1), 123 और 61(2) के तहत प्राथमिकी दर्ज होने की बात आवेदन में कही गई है।

RFSL जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का भी हवाला

मां ने आवेदन में कहा है कि RFSL भागलपुर की टीम मामले की जांच कर चुकी है। पोस्टमार्टम में गाल पर चोट के निशान दर्ज होने का भी उल्लेख किया गया है। परिजनों ने इन सभी साक्ष्यों की निष्पक्ष तरीके से समीक्षा कराने की मांग की है।

वरिष्ठ अधिकारी से जांच की मांग

मृतका की मां ने DIG से मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए किसी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी या विशेष टीम से जांच कराने की मांग की है। साथ ही आरोपियों के खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की गुहार लगाई है।