By Oneindia Staff
Updated: Thursday, October 1, 2026, 19:28 [IST]
अदाणी धारावी प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड (ANDPL), जो कि धारावी पुनर्विकास परियोजना (DRP) की देखरेख करने वाली विशेष प्रयोजन वाहन (SPV) है, के अनुसार जो निवासी धारावी पुनर्विकास परियोजना के लिए आवश्यक झोपड़ियों को खाली करने में जानबूझकर देरी करेंगे, उन्हें अब कम ट्रांजिट रेंट (अस्थायी किराया) मिलेगा। इस कदम का उन हज़ारों निवासियों पर कोई असर नहीं पड़ेगा जो सहयोग कर रहे हैं और स्वेच्छा से अपने घर खाली कर रहे हैं; उन्हें पूरा ट्रांजिट रेंट और शिफ्टिंग लाभ मिलता रहेगा।
यह फैसला जमीन पर मिले हालिया अनुभवों के बाद लिया गया है। 16 झोपड़ियों को डिमोलिशन नोटिस दिए जाने के बाद, DRP ने प्रभावित परिवारों की काउंसलिंग की-बारह परिवार स्वेच्छा से शिफ्ट होने पर सहमत हो गए, जबकि बाकी चार ने घर खाली नहीं किया, जिससे DRP को पुलिस की सहायता लेनी पड़ी। एक अन्य, हालिया मामले में, DRP ने डिमोलिशन के लिए 85 और झोपड़ियों की पहचान की, और काउंसलिंग के बाद, सभी 85 परिवारों ने बिना किसी बल प्रयोग के स्वेच्छा से घर खाली कर दिए।
ANDPL के अनुसार, ये मामले दर्शाते हैं कि जहाँ अधिकांश निवासियों के लिए काउंसलिंग असरदार साबित हो रही है, वहीं कुछ लोग जानबूझकर इस प्रक्रिया में देरी कर रहे हैं, जिससे बाकी सभी के लिए प्रोजेक्ट अटक रहा है। ANDPL के प्रवक्ता ने कहा, "काउंसलिंग से परिवारों को स्वेच्छा से शिफ्ट होने में मदद मिली है, और यही हमारा दृष्टिकोण रहेगा। लेकिन जब तक कोई साइट आंशिक रूप से कब्जे में है, तब तक पुनर्वास निर्माण शुरू नहीं हो सकता। जब खाली करने में जानबूझकर देरी की जाती है, तो हज़ारों अन्य परिवारों को अपने पुनर्वास घरों के लिए लंबा इंतज़ार करना पड़ता है, जबकि श्रम और उपकरणों की लागत बढ़ती रहती है।"
लगभग 10 लाख लोगों के जीवन को छूने वाला प्रोजेक्ट
धारावी पुनर्विकास परियोजना को एक ऐतिहासिक सार्वजनिक बुनियादी ढांचा पहल के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है, जो इसके नियमों के तहत पात्र रहने वालों को आवासीय, वाणिज्यिक और औद्योगिक लाभ प्रदान करती है। पहली बार, 1 जनवरी, 2000 या उससे पहले मौजूद घरों के पात्र भूतल (ग्राउंड-फ्लोर) निवासियों को धारावी के भीतर ही 350 वर्ग फुट का घर मुफ्त मिलेगा। 2000 के बाद से 2011 की श्रेणी वाले निवासी 2.5 लाख रुपये के भुगतान पर शहर की सीमा के भीतर 300 वर्ग फुट के घर के हकदार होंगे। 1 जनवरी, 2011 के बाद शिफ्ट होने वाले निवासियों के साथ-साथ 15 नवंबर, 2022 तक मौजूद घरों के सभी ऊपरी मंजिल के निवासियों को धारावी के बाहर 300 वर्ग फुट के घरों के लिए किफायती किराया नीति के तहत कवर किया जाएगा।
प्रवक्ता ने आगे कहा, "जानबूझकर देरी के कुछ मामलों के कारण लगभग 10 लाख लोगों के मिलने वाले घरों और अन्य लाभों को नहीं रोका जाना चाहिए।"
जानबूझकर की जाने वाली देरी के खिलाफ कार्रवाई के लिए कानूनी समर्थन
ANDPL ने कहा कि दरों में कटौती का उद्देश्य निहित स्वार्थों के कारण असहयोग करने वाले निवासियों द्वारा जानबूझकर की जाने वाली देरी को हतोत्साहित करना है। महाराष्ट्र स्लम एरिया एक्ट, 1971 की धारा 33 और 38, और DCPR 2034 के नियम 33(10A) के क्लॉज 1.14(iii) और (iv) के तहत, अधिकारियों को उन निवासियों के खिलाफ कार्रवाई करने का अधिकार है जो एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक बुनियादी ढांचा परियोजना में जानबूझकर देरी करने का प्रयास करते हैं-जिसमें किराए या ट्रांजिट आवास लाभ के उनके अधिकार को पूरी तरह से वापस लेना भी शामिल है।
इस प्रावधान के बावजूद, ANDPL ने कहा कि वह असहयोग करने वाले निवासियों को कम दरों पर ही सही, ट्रांजिट रेंट देना जारी रखेगा, ताकि पुलिस बंदोबस्त और अतिरिक्त श्रम व उपकरण खर्चों सहित ऐसे मामलों में परियोजना को होने वाली अतिरिक्त लागत की आंशिक भरपाई की जा सके।
संशोधित भुगतान ढांचा:
असहयोग करने वाले निवासियों के लिए अपडेटेड ट्रांजिट रेंट इस प्रकार है:
- भूतल (ग्राउंड-फ्लोर) निवासी: ₹15,000 प्रति माह (₹18,000 से घटाकर)
- ऊपरी मंजिल के निवासी: ₹12,000 प्रति माह (₹15,000 से घटाकर)
- वाणिज्यिक और औद्योगिक निवासी: ₹145 प्रति वर्ग फुट (₹175 प्रति वर्ग फुट से घटाकर)
- असहयोग करने वाले परिवार ₹5,000 के एकमुश्त शिफ्टिंग अलाउंस का अधिकार भी खो देंगे।
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