साउथ बिहार सेंट्रल यूनिवर्सिटी (CUSB) के 7 प्रोफेसर को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली है। अमेरिका के स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी और एल्सेवियर की विश्व के शीर्ष 2 प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची में वे शामिल हैं।
.
इस उपलब्धि से विश्वविद्यालय का गौरव बढ़ा है। प्रशासन ने इसे शोध और शैक्षणिक उत्कृष्टता में सफलता बताया। कुलपति प्रो. कामेश्वर नाथ सिंह और कुलसचिव प्रो. नरेंद्र कुमार राणा ने बधाई दी।
कुलपति बोले- ये शैक्षणिक प्रतिष्ठा की मजबूती का उदाहरण
कुलपति प्रो. सिंह ने कहा कि यह उपलब्धि ज्ञान संवर्धन और अनुसंधान के उच्च मानकों के प्रति प्रतिबद्धता दर्शाती है। यह शैक्षणिक प्रतिष्ठा मजबूत करती है।
फार्मेसी, भूविज्ञान, भौतिकी और जैव प्रौद्योगिकी विभागों के शिक्षक इस सूची में हैं। फार्मेसी से प्रो. सुब्रत कुमार भट्टमिश्र, प्रो. विवेक दवे और डॉ. अरुण कुमार तीन प्रोफेसर हैं।
उनके योगदान को औषधि विज्ञान और औषधीय पदार्थ विज्ञान के उपक्षेत्र में मान्यता मिली है। यह महत्वपूर्ण सफलता है।

फार्मेसी, भूविज्ञान, भौतिकी और जैव प्रौद्योगिकी विभागों के शिक्षक इस सूची में हैं।
भूविज्ञान और ऊर्जा के क्षेत्र में भी चमके शिक्षक
भूविज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रो. प्रफुल्ल कुमार सिंह को भूवैज्ञानिक एवं भू-स्थानिक अभियांत्रिकी के उपक्षेत्र में सूची में जगह मिली है। वहीं, भौतिकी विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. रोहित रंजन शाही को ऊर्जा के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए शामिल किया गया है। दोनों प्राध्यापकों की उपलब्धि ने विज्ञान के विभिन्न क्षेत्रों में सीयूएसबी की शोध क्षमता को रेखांकित किया है।
जैव प्रौद्योगिकी के दो प्राध्यापकों ने भी हासिल की उपलब्धि
जैव प्रौद्योगिकी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. राकेश कुमार और प्रो. नीतीश कुमार भी विश्व के शीर्ष 2 प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची में शामिल हुए हैं। इस तरह फार्मेसी विभाग के तीन, भूविज्ञान के एक, भौतिकी के एक और जैव प्रौद्योगिकी विभाग के दो प्राध्यापकों ने यह उपलब्धि हासिल की है।

फार्मेसी से प्रो. सुब्रत कुमार भट्टमिश्र, प्रो. विवेक दवे और डॉ. अरुण कुमार तीन प्रोफेसर हैं।
इन मानकों पर तैयार होती है सूची
विश्वविद्यालय के जनसंपर्क पदाधिकारी (पीआरओ) मोहम्मद मुदस्सीर आलम ने बताया कि स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय और एल्सेवियर की ओर से जारी सूची तैयार करने में उद्धरणों की संख्या, एच-सूचकांक, सह-लेखन और समग्र अंक (सी-अंक) जैसे विभिन्न मानकों के मानकीकरण को ध्यान में रखा जाता है। इन मानकों के माध्यम से वैज्ञानिकों के प्रकाशित शोधपत्रों और उनके शोध कार्यों के प्रभाव का आकलन किया जाता है।
सीयूएसबी के सात प्राध्यापकों की यह उपलब्धि विश्वविद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शोध और अकादमिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इससे संस्थान की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान को मजबूती मिलने के साथ ही भावी शोधकर्ताओं को भी नई उपलब्धियां हासिल करने का प्रोत्साहन मिलेगा।