उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार, अपने सरकारी आवास 5-कालिदास मार्ग पर 'जनता दर्शन' का आयोजन किया। इस दौरान प्रदेश भर से आए फरियादियों की समस्याओं को मुख्यमंत्री ने खुद सुना और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को सभी जन-समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध निस्तारण करने के कड़े निर्देश दिए।
जनता दर्शन में मौजूद अधिकारियों को सख्त हिदायत देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जन-समस्याओं का निस्तारण पूरी पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ किया जाए।
- Published: 14 Sep 2026, 01:35 PM IST
- Last Updated: 14 Sep 2026, 01:35 PM IST
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आमजन की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी समाधान के लिए अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है। इसी क्रम में लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास '5-कालिदास मार्ग' पर आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सैकड़ों आम नागरिकों और फरियादियों से सीधे मुलाकात की।
फरियादियों के पास खुद पहुंचे मुख्यमंत्री, ध्यान से सुनीं समस्याएं
जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद फरियादियों के पास पहुंचे और उनसे प्रार्थना पत्र स्वीकार किए। इस अवसर पर भूमि विवाद, इलाज के लिए आर्थिक सहायता, पुलिस से संबंधित मामलों और अन्य प्रशासनिक शिकायतों को लेकर लोग अपनी गुहार लगाने आए थे। मुख्यमंत्री ने सभी को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार हर नागरिक के न्याय और कल्याण के लिए पूरी तरह से संवेदनशील और प्रतिबद्ध है।
अधिकारियों को सख्त निर्देश, पारदर्शी और त्वरित हो समाधान
जनता दर्शन में मौजूद अधिकारियों को सख्त हिदायत देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जन-समस्याओं का निस्तारण पूरी पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर शिकायतों के समाधान में देरी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो मामले जिला स्तर पर लंबित हैं, उन्हें संबंधित जिलों के वरिष्ठ अधिकारी प्राथमिकता के आधार पर तुरंत निपटाएं।
पीड़ितों को आर्थिक व चिकित्सीय मदद का दिया भरोसा
इलाज के लिए आर्थिक मदद की आस लेकर पहुंचे मरीजों और उनके परिजनों को मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि पैसों के अभाव में किसी का इलाज नहीं रुकेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अस्पताल के एस्टीमेट की प्रक्रिया को तेजी से पूरा कराकर शासन स्तर से आर्थिक सहायता राशि जल्द से जल्द जारी की जाए।
जन-सुनवाई में लापरवाही पर होगी सीधी कार्रवाई
उत्तर प्रदेश सरकार का ध्यान जन-शिकायतों के शत-प्रतिशत निस्तारण पर केंद्रित है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को चेताया कि जनता दर्शन या जन-सुनवाई में मिलने वाले प्रार्थना पत्रों पर की गई कार्रवाई की समीक्षा शासन स्तर से की जाती है। यदि किसी अधिकारी के स्तर पर हीला-हवाली पाई गई, तो उसकी जवाबदेही तय कर कठोर कार्रवाई की जाएगी।