By Oneindia Staff
Published: Saturday, October 17, 2026, 20:44 [IST]
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को शनिवार को वर्धा में अदाणी इंस्टीट्यूट ऑफ हायर एजुकेशन एंड रिसर्च (AIHER) के 17वें दीक्षांत समारोह में मानद डॉक्टर ऑफ लेटर्स (डी.लिट.) की उपाधि से सम्मानित किया गया। इस समारोह की अध्यक्षता विश्वविद्यालय की कुलाधिपति और अदाणी फाउंडेशन की अध्यक्ष डॉ. प्रीति अदाणी ने की। खास बात यह रही कि दत्ता मेघे इंस्टीट्यूट ऑफ हायर एजुकेशन एंड रिसर्च (DMIHER) से नाम बदलकर अदाणी इंस्टीट्यूट ऑफ हायर एजुकेशन एंड रिसर्च किए जाने के बाद विश्वविद्यालय का यह पहला दीक्षांत समारोह था।
समारोह में राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) के अध्यक्ष डॉ. अभिजात शेठ को भी मानद डॉक्टर ऑफ साइंस (डी.एससी.) की उपाधि दी गई। उन्हें भारत में चिकित्सा शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं के प्रशासन और सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में योगदान के लिए यह सम्मान दिया गया।
2,320 छात्रों को मिली डिग्री
विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में 10 संकायों के कुल 2,320 छात्रों को डिग्री प्रदान की गई। इनमें 123 पीएचडी की उपाधियां भी शामिल थीं। शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए कुल 123 स्वर्ण पदक, सात रजत पदक और 13 अन्य पुरस्कार दिए गए। ये सम्मान कुल 83 विद्यार्थियों को प्रदान किए गए।
दत्ता मेघे मेडिकल कॉलेज की छात्रा पूजल देविदास मापारी ने शानदार शैक्षणिक प्रदर्शन करते हुए अकेले 23 पदक हासिल किए।
सफलता का मतलब केवल पैसा कमाना नहीं: फडणवीस
दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने छात्रों को समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सफलता को केवल आर्थिक उपलब्धियों के आधार पर नहीं मापना चाहिए, बल्कि यह भी देखना चाहिए कि कोई व्यक्ति समाज के लिए कितना योगदान दे रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा, "यह समाज ही है, जिसने उस संस्थान का निर्माण किया, जहां से आप पढ़ाई पूरी कर पाए हैं। इसलिए जीवन में एक समय ऐसा जरूर आता है, जब आपको समाज को कुछ वापस देना चाहिए। सफलता की परिभाषा यह नहीं है कि आप कितना पैसा कमाते हैं, बल्कि यह है कि आप समाज को कितना वापस दे सकते हैं।"
इस दौरान मुख्यमंत्री ने हल्के-फुल्के अंदाज में पीएचडी की पढ़ाई को लेकर मजाक भी किया। उन्होंने कहा कि वह इस बात के लिए आभारी हैं कि उन्हें डॉक्टरेट की उपाधि पाने के लिए पीएचडी जितनी लंबी मेहनत नहीं करनी पड़ी।
डॉ. प्रीति अदाणी ने छात्रों को दी बधाई
विश्वविद्यालय की कुलाधिपति डॉ. प्रीति अदाणी ने अपने संबोधन में डिग्री प्राप्त करने वाले छात्रों, पदक विजेताओं, उनके परिवारों और शिक्षकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक सफलता के साथ समाज के प्रति जिम्मेदारी भी आती है।
उन्होंने कहा, "आज हमारे विश्वविद्यालय परिवार के लिए गर्व का दिन है। छात्रों, उनके परिवारों और शिक्षकों के लिए यह वर्षों की कड़ी मेहनत और समर्पण का परिणाम है।"
डॉ. प्रीति अदाणी ने संस्थान के संस्थापक दिवंगत दत्ता मेघे को भी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि दत्ता मेघे की सोच ने विशेष रूप से ग्रामीण और सुविधाओं से वंचित समुदायों तक शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
'सेवा ही साधना है' का दिया संदेश
डॉ. प्रीति अदाणी ने संस्थान की समाजसेवा से जुड़ी सोच को समझाते हुए कहा, "सेवा ही साधना है।" इसका अर्थ है कि सेवा करना भी भक्ति और समर्पण का एक मार्ग है।
उन्होंने कहा कि यही सोच विश्वविद्यालय के हर काम का आधार होनी चाहिए। चाहे छात्रों की मदद करना हो, मरीजों की गरिमा बनाए रखना हो, स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का समाधान खोजने के लिए शोध करना हो या जरूरतमंद समुदायों तक सेवाएं पहुंचानी हों, हर काम में सेवा की भावना दिखाई देनी चाहिए।
अगले दो साल में अस्पतालों का होगा विस्तार
डॉ. प्रीति अदाणी ने घोषणा की कि विश्वविद्यालय अगले दो वर्षों में अपने अस्पतालों की सुविधाओं को बेहतर बनाने की योजना पर काम करेगा। इसके तहत वर्धा और नागपुर परिसरों में आधुनिक चिकित्सा उपकरण, बेहतर क्लिनिकल रिसर्च सुविधाएं और सुपर-स्पेशियलिटी स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
विश्वविद्यालय व्यावहारिक शोध के लिए एक कार्ययोजना भी तैयार करेगा और उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करेगा। शोध के प्रमुख क्षेत्रों में बीमारियों की रोकथाम, शुरुआती चरण में रोगों की पहचान, किफायती इलाज और माताओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार शामिल होंगे।
देश के अन्य हिस्सों तक पहुंचने की योजना
अदाणी इंस्टीट्यूट ऑफ हायर एजुकेशन एंड रिसर्च देश के अन्य क्षेत्रों में भी अपनी सेवाओं का विस्तार करने की योजना बना रहा है। इसका उद्देश्य अधिक लोगों तक अच्छी शिक्षा, शोध और किफायती स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है।
इस विस्तार के दौरान अलग-अलग क्षेत्रों की स्थानीय जरूरतों को ध्यान में रखा जाएगा। हालांकि, वर्धा और नागपुर विश्वविद्यालय की विस्तार योजना के मुख्य केंद्र बने रहेंगे।
डॉ. प्रीति अदाणी ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्य विश्वविद्यालय की प्राथमिकताओं को दिशा देंगे। इनमें स्वास्थ्य, शिक्षा, लैंगिक समानता और सभी वर्गों को समान अवसर देना शामिल है।
उन्होंने बीमारियों की रोकथाम पर आधारित स्वास्थ्य सेवाओं, समुदायों तक पहुंचने, आर्थिक और सामाजिक रूप से कमजोर छात्रों की मदद करने तथा संसाधनों के जिम्मेदारी से इस्तेमाल पर जोर दिया।
एआई का जिम्मेदारी से इस्तेमाल करने की सलाह
दीक्षांत समारोह में डॉ. प्रीति अदाणी ने छात्रों से अपने पेशे में नैतिक मूल्यों का पालन करने, हर व्यक्ति की गरिमा का सम्मान करने और संवेदनशीलता के साथ काम करने की अपील की।
उन्होंने छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई और नई तकनीकों का जिम्मेदारी से इस्तेमाल करने की सलाह दी। साथ ही कहा कि किसी भी जानकारी या शोध के प्रमाणों को ध्यान से परखना चाहिए और पूरे करियर के दौरान नई चीजें सीखते रहना चाहिए।
100 मेडिकल छात्रों से 14 हजार तक का सफर
अदाणी इंस्टीट्यूट ऑफ हायर एजुकेशन एंड रिसर्च महाराष्ट्र के वर्धा जिले के सावंगी मेघे में स्थित है। यह नागपुर से लगभग 80 किलोमीटर दूर है। यह कई विषयों में शिक्षा देने वाला एक डीम्ड विश्वविद्यालय है। इसकी शुरुआत 100 मेडिकल छात्रों वाले संस्थान के रूप में हुई थी। आज यहां 260 से अधिक अलग-अलग पाठ्यक्रमों में 14,000 से ज्यादा छात्र पढ़ाई कर रहे हैं।
विश्वविद्यालय के 10 संकायों में चिकित्सा विज्ञान, दंत चिकित्सा, आयुर्वेद, फिजियोथेरेपी, नर्सिंग, स्वास्थ्य से जुड़े अन्य विषय, फार्मेसी, इंजीनियरिंग और संबंधित विज्ञान के क्षेत्र शामिल हैं।
विश्वविद्यालय में शामिल हैं ये प्रमुख संस्थान
अदाणी इंस्टीट्यूट ऑफ हायर एजुकेशन एंड रिसर्च के अंतर्गत कई शिक्षण संस्थान संचालित होते हैं। इनमें जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज, दत्ता मेघे मेडिकल कॉलेज, शरद पवार डेंटल कॉलेज, महात्मा गांधी आयुर्वेद कॉलेज एंड रिसर्च सेंटर और रवि नायर फिजियोथेरेपी कॉलेज शामिल हैं।
इसके अलावा श्रीमती राधिकाबाई मेघे मेमोरियल कॉलेज ऑफ नर्सिंग, स्कूल ऑफ एलाइड हेल्थ साइंसेज, दत्ता मेघे कॉलेज ऑफ फार्मेसी, फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी और स्कूल ऑफ एलाइड साइंसेज भी विश्वविद्यालय का हिस्सा हैं।
विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (NAAC) से A++ ग्रेड मिला हुआ है। इसका आदर्श वाक्य 'लर्न एंड लीड' यानी 'सीखो और नेतृत्व करो' है। विश्वविद्यालय का उद्देश्य अच्छी शिक्षा के साथ शोध, नई खोजों और समाज से जुड़ाव को बढ़ावा देना है।
समारोह में कई प्रमुख हस्तियां रहीं मौजूद
इस दीक्षांत समारोह में महाराष्ट्र सरकार के राज्य मंत्री डॉ. पंकज राजेश भोयर विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनके साथ विश्वविद्यालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी और प्रमुख हस्तियां भी मौजूद रहीं।
समारोह के अंत में डॉ. प्रीति अदाणी ने सभी 2,320 स्नातकों को बधाई दी। इनमें 123 पीएचडी शोधार्थी और 83 पदक विजेता भी शामिल थे। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे अपने निजी और पेशेवर जीवन में आत्मविश्वास, विनम्रता और करुणा जैसे मूल्यों को हमेशा बनाए रखें।