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झारखंड हाईकोर्ट का CM हेमंत सोरेन पर 10,000 रुपये का जुर्माना, ED अधिकारियों की याचिका पर स्थगन अनुरोध बना वजह

October 2, 2026

झारखंड हाईकोर्ट का CM हेमंत सोरेन पर 10,000 रुपये का जुर्माना, ED अधिकारियों की याचिका पर स्थगन अनुरोध बना वजह

झारखंड की राजनीति और न्यायिक गलियारों से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। झारखंड हाईकोर्ट ने गुरुवार (1 अक्टूबर) को राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर 10,000 रुपये का आर्थिक जुर्माना लगाया है। अदालत का यह कड़ा रुख तब देखने को मिला जब मुख्यमंत्री के वकील की ओर से प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों द्वारा दायर की गई एक याचिका पर सुनवाई के दौरान स्थगन (Adjournment) यानी समय देने का अनुरोध किया गया।

यह पूरा मामला साल 2024 में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के दिल्ली स्थित आधिकारिक आवास पर ईडी की टीम द्वारा की गई तलाशी और उसके बाद उपजे कानूनी विवादों से जुड़ा हुआ है। अदालत के इस आदेश के बाद से प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है।

क्या है पूरा मामला और क्यों दर्ज हुई थी प्राथमिकी?

विवाद की शुरुआत तब हुई जब धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) मामले की जांच के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों ने दिल्ली में स्थित सीएम हेमंत सोरेन के आवास की तलाशी ली थी। इस कार्रवाई के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने केंद्रीय जांच एजेंसी के अधिकारियों पर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और परेशान करने का गंभीर आरोप लगाया था। उनका कहना था कि चूंकि वह आदिवासी समुदाय से ताल्लुक रखते हैं, इसलिए उन्हें जानबूझकर इस प्रकार निशाना बनाया जा रहा है।

इसी शिकायत के आधार पर पिछले साल यानी 31 जनवरी 2024 को रांची के एससी/एसटी पुलिस थाने में एक आधिकारिक प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई थी, जिसके खिलाफ ईडी के अधिकारियों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

ईडी अधिकारियों ने दी थी आपराधिक कार्यवाही को चुनौती

अपनी याचिका में ईडी के अधिकारियों ने इस बात को चुनौती दी थी कि उनके खिलाफ जो आपराधिक कार्यवाही चल रही है, उसे खारिज किया जाए। अधिकारियों ने पुलिस थाने की तरफ से जारी उस नोटिस को भी चुनौती दी थी, जिसके तहत उन्हें मामले के जांच अधिकारी (IO) के समक्ष व्यक्तिगत रूप से पेश होने के लिए कहा गया था।

इससे पहले, ईडी अधिकारी कपिल राज, देवव्रत झा, अनुपम कुमार और अमन पटेल द्वारा दायर की गई याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए अदालत ने 4 मार्च 2024 को सीएम हेमंत सोरेन और राज्य सरकार को आधिकारिक नोटिस जारी कर उनका जवाब तलब किया था। साथ ही अदालत ने यह भी निर्देश दिए थे कि मामले की अगली सुनवाई तक ईडी अधिकारियों के खिलाफ किसी भी प्रकार की कठोर कार्रवाई नहीं की जाए।

बार-बार स्थगन मांगने पर हाईकोर्ट की सख्ती

गुरुवार को जब इस मामले की सुनवाई अदालत में चल रही थी, तो मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के वकील की ओर से एक बार फिर मामले को टालने यानी स्थगन का अनुरोध किया गया। इस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए झारखंड हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि इस मामले में पहले भी कई बार स्थगन का अनुरोध किया जा चुका है।

अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को झारखंड राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण (JALSA) के पास 10,000 रुपये का जुर्माना अदा करने का कड़ा निर्देश दिया है। इसके साथ ही, हाईकोर्ट ने इस महत्वपूर्ण मामले की अगली सुनवाई के लिए आगामी 2 नवंबर की तारीख मुकर्रर की है, जिस पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी।