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Chhatron Ki Goonj: चेन्नई में छात्रों की गूंज में राहुल गांधी बोले- परिसीमन के जरिए तमिलनाडु को टारगेट किया, पीएम पर भी निशाना

October 10, 2026

Chhatron Ki Goonj: नेता विपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने शनिवार, 10 अक्टूबर को तमिलनाडु में परिसीमन को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला। चेन्नई के आइलैंड ग्राउंड्स में हुए 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम (Chhatron Ki Goonj Chennai) में उन्होंने आरोप लगाया कि परिसीमन के जरिए राज्य को निशाना बनाया जा रहा है। NEET और शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी केंद्र को घेरा।

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'तमिलनाडु की आवाज दबाने की कोशिश बर्दाश्त नहीं'

राहुल गांधी ने कहा कि तमिलनाडु की भाषा, संस्कृति और इतिहास को कमजोर करने की कोशिश हो रही है। इस दौरान राहुल गांधी ने PM मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि तमिलनाडु की आवाज दबाने की कोशिशों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

'लोकतंत्र को मजबूत बनाती सवाल पूछने की आदत'

छात्रों की गूंज कार्यक्रम का अट्रैक्शन छात्र और उनके सवाल रहे। राहुल ने पेरियार के विचारों से लेकर शिक्षा और लोकतंत्र तक कई मुद्दों पर बात की। उनका जोर इस बात पर था कि सवाल पूछना सीखने की पहली शर्त है। यही आदत लोकतंत्र को भी मजबूत बनाती है। जब छात्र सवाल करते हैं, नई चीजें जानने की कोशिश करते हैं और अपने आसपास की दुनिया को समझते हैं, तभी बदलाव की राह निकलती है।

परिसीमन पर केंद्र सरकार को घेरा

नेता विपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने परिसीमन के मुद्दे पर केंद्र सरकार की मंशा पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि 'परिसीमन के प्रस्ताव के जरिए तमिलनाडु को निशाना बनाया जा रहा है'। उनका कहना था कि इस प्रक्रिया से संसद में राज्य की राजनीतिक आवाज कमजोर हो सकती है। इस दौरान उन्होंने कहा कि तमिलनाडु के लोगों को अपने राज्य के भविष्य और प्रतिनिधित्व से जुड़े फैसलों में अपनी बात रखने का अधिकार है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार राज्य के हितों और उसकी पहचान को नजरअंदाज कर रही है। राहुल ने तमिल भाषा, संस्कृति और इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि इनकी रक्षा करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि किसी राज्य की भाषा और संस्कृति पर हमला करना सिर्फ उस राज्य तक सीमित मामला नहीं है, बल्कि इसका असर देश के लोकतंत्र पर भी पड़ता है।

NEET और शिक्षा के फंड का मुद्दा उठाया

NEET परीक्षा को लेकर भी केंद्र सरकार पर सवाल उठे। राहुल गांधी का आरोप था कि इस व्यवस्था से तमिलनाडु के छात्रों को नुकसान हुआ है। उनके मुताबिक, NEET लागू होने के बाद तमिल माध्यम से पढ़ने वाले छात्रों की MBBS सीटों में हिस्सेदारी 87 फीसदी घट गई। उनका जोर इस बात पर था कि परीक्षा में हर छात्र को बराबरी का मौका मिलना चाहिए। अलग-अलग भाषा और शिक्षा बोर्ड से आने वाले बच्चों के लिए भी रास्ता आसान होना चाहिए। किसी छात्र की भाषा या पढ़ाई का माध्यम उसके मेडिकल की पढ़ाई करने के सपने में रुकावट नहीं बनना चाहिए।

तमिलनाडु का 3300 करोड़ रुपये का एजुकेशन फंड रोका

शिक्षा के लिए मिलने वाली रकम का मुद्दा भी उठा। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने तमिलनाडु के लिए करीब 3,300 करोड़ रुपये का फंड रोक रखा है। यह रकम स्कूलों और छात्रों की पढ़ाई से जुड़ी है। ऐसे में फंड का सवाल सिर्फ सरकारों के बीच का विवाद नहीं, बल्कि छात्रों के भविष्य से भी जुड़ता है।

यूनिवर्सिटी में VC की नियुक्ति पर सवाल

नेता विपक्ष राहुल गांधी ने तमिलनाडु की यूनिवर्सिटी में VC की नियुक्तियों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि राज्य के करीब 70 फीसदी यूनिवर्सिटी में VC के पद खाली हैं। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालयों में RSS से जुड़े लोगों को नेतृत्व की जिम्मेदारी देने की कोशिश की जा रही है।

'सवाल पूछना लोकतंत्र का अधिकार'

राहुल गांधी ने कहा कि सवाल पूछना लोकतंत्र की बुनियाद है। उन्होंने संविधान का जिक्र करते हुए कहा कि यह लोगों को सवाल पूछने का अधिकार देता है। जनता अपने वोट के जरिए सरकार चुनती है और फिर उससे जवाब भी मांगती है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब लोगों की जिज्ञासा, भाषा और संस्कृति को दबाने की कोशिश होती है, तो इससे लोकतांत्रिक मूल्यों को नुकसान पहुंचता है। राहुल ने कहा कि तमिलनाडु की भाषा, संस्कृति और इतिहास को बचाए रखना जरूरी है।

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पीएम और केंद्र सरकार की नीतियों पर निशाना

कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार की नीतियों पर निशाना साधा। उन्होंने छात्रों को संदेश दिया कि वे सवाल पूछने से न डरें, अपनी भाषा और संस्कृति को समझें और हर मुद्दे पर अपनी राय बनाएं। उनके मुताबिक, सवाल करने की आजादी ही समाज को आगे बढ़ाने और लोकतंत्र को मजबूत करने का रास्ता है।