सोशल मीडिया पर छाए ChatGPT के 1980s विंटेज फोटो ट्रेंड का पूरा ट्यूटोरियल। जानें वो सीक्रेट प्रॉम्प्ट (Prompt) जिससे 10 सेकंड में मिल रहा है रेट्रो लुक और डेटा सुरक्षित रखने के टिप्स।
दून हॉराइज़न एक्सक्लूसिव, देहरादून (9 सितंबर): इंस्टाग्राम की चमचमाती एचडी रील्स के बीच अचानक 1980 के दशक की धूल भरी, दानेदार (grainy) तस्वीरें क्यों नजर आने लगी हैं? (ChatGPT 80s prompt) इसका जवाब किसी पुरानी एल्बम में नहीं, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की उस ‘टाइम मशीन’ में छिपा है जिसे दुनिया ChatGPT के नाम से जानती है।
इन दिनों सोशल मीडिया पर एक नया चलन हावी है। युवा अपनी ताज़ा सेल्फी को DALL·E 3 टूल के जरिए 40 साल पुराने विंटेज लुक में बदल रहे हैं। बिना किसी महंगे फोटोशॉप सॉफ्टवेयर के यह जादू सिर्फ एक टेक्स्ट कमांड का नतीजा है।
कैसे काम करता है यह ‘टाइम मशीन’ टूल?
असल में यह ट्रेंड ‘Me in 2024 vs Me in 1985’ के नाम से वायरल हो रहा है। इसके लिए यूज़र्स को ChatGPT Plus (या GPT-4 सपोर्टेड किसी अन्य इमेज जेनरेटर) की जरूरत पड़ती है। आप अपनी एक साफ तस्वीर चैटबॉक्स में अपलोड करते हैं। इसके बाद मशीन को निर्देश देना होता है कि वह तस्वीर में 80 के दशक का डेनिम-ऑन-डेनिम फैशन, सॉफ्ट लाइटिंग और आर्केड पार्लर जैसा बैकग्राउंड जोड़ दे।
चंद सेकंडों में तस्वीर का पूरा मिजाज बदल जाता है। बालों में वो क्लासिक पर्म या मलेट हेयरस्टाइल आ जाता है। चेहरों पर 35mm कोडक रील वाला वो खास विंटेज पीलापन छा जाता है, जो आज के आधुनिक स्मार्टफोन कैमरों में कहीं खो गया है।
वो सीक्रेट ‘प्रॉम्प्ट’ जो कर रहा है जादू
इंटरनेट पर कई लोग इस लुक को पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, क्योंकि AI को सही निर्देश देना एक कला है। एकदम सटीक 1980s एस्थेटिक पाने के लिए यूज़र्स जिस खास प्रॉम्प्ट का सबसे ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं, वह कुछ इस तरह है:
“Transform this photo into a genuine 1980s analog film snapshot. Add a classic 80s hairstyle, vintage denim clothing, authentic 35mm film grain, muted retro colors, and soft lighting reminiscent of 1985.”
इस टेक्स्ट को कॉपी करके अपनी फोटो के साथ पेस्ट करते ही AI समझ जाता है कि उसे एक पुरानी, खुरदरी और क्लासिक अमेरिकन हाई-स्कूल ईयरबुक जैसी छवि तैयार करनी है।
‘अति-परफेक्ट’ 4K तस्वीरों से ऊब
डिजिटल कल्चर पर नज़र रखने वाले विशेषज्ञों का मानना है कि आज की जेनरेशन ‘अति-परफेक्ट’ और प्लास्टिक जैसी दिखने वाली 4K तस्वीरों से ऊब चुकी है। फोन के कैमरे अब हर दाग-धब्बे को मिटा देते हैं। इसके उलट, 80 के दशक की तस्वीरों का हल्का सा धुंधलापन और रंगों की नरमी लोगों को एक अजीब सा सुकून देती है।
चेहरे की निजता और जरूरी सेटिंग्स
ट्रेंड मनोरंजक जरूर है, लेकिन टेक एक्सपर्ट्स एक बड़े खतरे की ओर भी इशारा कर रहे हैं। जब आप अपनी हाई-रेज़ोल्यूशन क्लोज़-अप तस्वीर AI प्लेटफॉर्म पर डालते हैं, तो आपका बायोमेट्रिक डेटा मशीन को ‘ट्रेन’ करने के काम आ सकता है।
सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है कि यूज़र्स अकाउंट की प्राइवेसी सेटिंग्स में बदलाव करें। तुरंत अपनी ChatGPT सेटिंग्स खोलें। ‘Data Controls’ सेक्शन में जाएं और ‘Improve the model for everyone’ वाले टॉगल को बंद (Turn Off) कर दें। ऐसा करने से आपकी तस्वीरें सर्वर पर सुरक्षित रहेंगी और भविष्य में किसी और के लिए जनरेट की जाने वाली तस्वीरों में आपके चेहरे का डेटा इस्तेमाल नहीं होगा। फिलहाल, थोड़ी सी सावधानी के साथ इंटरनेट पुरानी यादों की इस कृत्रिम मशीन में मजे से गोते लगा रहा है।