अंबिकापुर जनपद क्षेत्र के ग्राम पंचायत चीताबहार में वर्ष 2020-21 में शौचालय निर्माण में 1 लाख 75 हजार रुपए के गबन के मामले में चिताबहार के बजाय ग्राम पंचायत सरईटिकरा के सरपंच को दोषी बना दिया गया। यह गडबड़ी जनपद सीईओ द्वारा दी गई गलत जानकारी के कारण ह
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सरईटिकरा के सरपंच रामसाय मिंज अंबिकापुर जनपद क्षेत्र के सरपंच संघ के अध्यक्ष भी हैं। मामले की जानकारी मिलने पर कांग्रेस पूर्व जिलाध्यक्ष राकेश गुप्ता सहित कांग्रेसी एसडीएम कार्यालय पहुंचे। जनपद सीईओ ने अपनी गलती सुधारते हुए पत्र भेजा तो सरपंच को रिहा किया गया।
जानकारी के मुताबिक, वित्तीय वर्ष वर्ष 2020.-21 में ग्राम पंचायत चिताबहार को सामुदायिक शौचालय के निर्माण में मिली राशि में 175093 का गबन पाया गया है। उस दौरान चिताबहार पंचायत के सरपंच शिवनाथ भगत और सचिव देवेंद्र सिंह थे।
पंचायत सचिव ललित ने 23 जुलाई 2024 को इस मामले की जानकारी चिताबहार के सरपंच के नाम सहित जनपद पंचायत अंबिकापुर के कार्यपालन अधिकारी को लिखित रूप से दी थी।
जनपद ने पड़ोसी गांव के सरपंच को बताया दोषी
जनपद पंचायत अंबिकापुर के सीईओ ने अपने पत्र में ग्राम चिताबहार के सरपंच पर कार्रवाई करने के बजाय पड़ोसी गांव सरईटिकरा के सरपंच और जनपद पंचायत अंबिकापुर के सरपंच संघ के अध्यक्ष रामसाय मिंज के विरुद्ध वसूली का मामला शुरू कर दिया।
प्रारंभिक पत्राचार में रामसाय मिंज ने स्पष्टीकरण दे दिया कि वो ग्राम सरईटिकरा के निवासी हैं और गबन अवधि में वो ग्राम चिताबहार के सरपंच नहीं थे।
पुलिस ने पकड़कर SDM कोर्ट में किया पेश
शुक्रवार सुबह दरिमा पुलिस सरईटिकरा सरपंच रामसाय मिंज के घर पहुंची। वे अपने खेत में काम कर रहे थे। पुलिस उन्हें कपड़े तक बदलने का अवसर नहीं दिया और पकड़कर थाने पहुंची। पुलिस ने उन्हें अंबिकापुर एसडीएम न्यायालय में पेश कर दिया।
मामले की जानकारी मिलने पर कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष राकेश गुप्ता, सहित विनय शर्मा, नारद गुप्ता, जनपद अध्यक्ष विक्रम सोनपाकर, उपाध्यक्ष सतीश यादव सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एसडीएम न्यायालय पहुंच गए।
रामसाय मिंज ने एसडीएम कोर्ट में दस्तावेजों को दिखाते हुए स्वयं के बेकसूर बताया लेकिन जमानत लेने से इनकार कर दिया और स्वयं को जेल भेजने के लिए कहा। इससे हड़कंप मच गया।
सीईओ ने भेजा पत्र, सरपंच किए गए मुक्त
मामले को लेकर कांग्रेस जिलाध्यक्ष बालकृष्ण पाठक ने अंबिकापुर जनपद सीईओ से बातचीत की। इसके बाद सीईओ ने तुरंत अंबिकापुर एसडीएम को पत्र भेजा। पत्र में बताया गया कि सरकारी रिकॉर्ड में चिताबहार के सरपंच के रूप में रामसाय का नाम दर्ज था, इसलिए उनके खिलाफ कार्रवाई की गई।
वहीं, जनपद सीईओ ने रामसाय मिंज पर ही रिकॉर्ड में सुधार नहीं कराने की बात कहते हुए जिम्मेदारी डाल दी।
कांग्रेस ने की जनपद सीईओ को हटाने की मांग
कांग्रेस पूर्व जिलाध्यक्ष राकेश गुप्ता ने कहा कि यह त्रुटि नहीं, बल्कि एक साजिश के तहत कांग्रेस समर्थित जनप्रतिनिधि को जनपद पंचायत अंबिकापुर के सीईओ द्वारा पुलिस से गिरफ्तार करवाकर उन्हें अपमानित किया गया।
उन्होंने इसके लिए लिखित माफी के साथ ही जनपद पंचायत अंबिकापुर के सीईओ को पद से हटाने और कार्रवाई की मांग भी की है। अंबिकापुर जनपद सीईओ का तबादला हो चुका है, लेकिन वे रिलीव नहीं किए गए हैं।