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स्कूलों में यूट्यूबर और इन्फ्लुएंसर्स की 'नो एंट्री', BSA ने जारी किया कड़ा आदेश, क्यों लिया ये फैसला?

August 20, 2026

Time Published: Thursday, August 20, 2026, 10:05 [IST]

Ayodhya BSA Order: बीते कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर स्कूल की हालत को लेकर वीडियो वायरल हो रहे हैं। यूट्यूबर्स और इन्फ्लुएंसर्स द्वारा स्कूल टाइम के बीच में बनाए गए वीडियो को लेकर विवाद हो रहा है। इसी बीच अयोध्या के सरकारी यानी परिषदीय स्कूलों को लेकर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बड़ा आदेश जारी किया है। अब इन स्कूलों में कोई भी बाहरी व्यक्ति, यूट्यूबर या सोशल मीडिया से जुड़ा व्यक्ति बिना अनुमति प्रवेश नहीं कर सकेगा। स्कूल परिसर में फोटो और वीडियो बनाने पर भी रोक लगा दी गई है।

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी लाल चन्द्र की ओर से 19 अगस्त 2026 को जारी आदेश में कहा गया है कि कुछ बाहरी लोग बिना अनुमति स्कूलों में पहुंचकर शिक्षकों और स्कूल की गतिविधियों की फोटो-वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे हैं। इससे पढ़ाई प्रभावित होने के साथ शिक्षक पद की गरिमा और विभाग की छवि पर भी असर पड़ रहा है। आदेश के मुताबिक, अब किसी भी बाहरी व्यक्ति को स्कूल में आने या फोटो-वीडियोग्राफी करने से पहले संबंधित अधिकारी से अनुमति लेनी होगी।

Ayodhya BSA Order

बिना अनुमति स्कूल में नहीं जा सकेंगे बाहरी लोग

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अयोध्या के कार्यालय से जारी आदेश में कहा गया है कि कुछ बाहरी व्यक्ति, यूट्यूबर और अन्य लोग बिना अनुमति परिषदीय स्कूलों में प्रवेश कर रहे हैं। ऐसे लोग स्कूल और वहां काम करने वाले स्टाफ की फोटो और वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर करते हैं। विभाग का कहना है कि इससे स्कूल में चल रही पढ़ाई प्रभावित होती है। इसी को देखते हुए जिले के सभी परिषदीय विद्यालयों में ऐसे बाहरी लोगों का प्रवेश तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है।

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फोटो-वीडियो बनाने के लिए लेनी होगी अनुमति

नए आदेश के अनुसार, कोई भी बाहरी व्यक्ति, यूट्यूबर या सोशल मीडिया से जुड़ा व्यक्ति बिना अनुमति स्कूल में प्रवेश नहीं कर सकेगा। अगर किसी को स्कूल परिसर में फोटो या वीडियो बनाना है तो उसे पहले जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी या सक्षम अधिकारी से अनुमति लेनी होगी। बिना अनुमति फोटो या वीडियोग्राफी करने की भी इजाजत नहीं होगी। यह आदेश जारी होते ही लागू कर दिया गया है।

विभाग ने बताई रोक लगाने की वजह

विभाग के अनुसार, स्कूलों की जांच और उनकी व्यवस्था देखने के लिए सरकार और प्रशासन की ओर से पहले से ही अधिकारियों की जिम्मेदारी तय है। ये अधिकारी समय-समय पर परिषदीय विद्यालयों का निरीक्षण और निगरानी करते हैं। निरीक्षण के दौरान सामने आने वाली कमियों के आधार पर नियम के अनुसार कार्रवाई भी की जाती है। ऐसे में विभाग का कहना है कि स्कूलों की जांच के लिए अलग से बाहरी लोगों के अनधिकृत प्रवेश की जरूरत नहीं है।

पढ़ाई का माहौल बनाए रखना मकसद

आदेश में कहा गया है कि स्कूलों में पढ़ाई का काम बिना किसी रुकावट के चलता रहे और शिक्षक पद की गरिमा बनी रहे, इसी वजह से यह फैसला लिया गया है। विभाग का कहना है कि बिना अनुमति फोटो और वीडियो बनाने की गतिविधियों से स्कूल का सामान्य काम प्रभावित हो सकता है। साथ ही सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर होने से विभाग की छवि पर भी असर पड़ने की बात कही गई है।

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने जिले के सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को आदेश का सख्ती से पालन कराने का निर्देश दिया है। उन्हें अपने-अपने विकासखंड के सभी परिषदीय विद्यालयों में इस आदेश को लागू कराना होगा। इसके अलावा सभी प्रधानाध्यापकों और प्रभारी प्रधानाध्यापकों को भी आदेश का पालन सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।

इन अधिकारियों को भी भेजी गई कॉपी

अयोध्या बेसिक शिक्षा विभाग ने आदेश की प्रतिलिपि कई वरिष्ठ अधिकारियों को भी भेजी है। इसमें महानिदेशक स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक, उत्तर प्रदेश, लखनऊ; जिलाधिकारी अयोध्या; मुख्य विकास अधिकारी अयोध्या और शिक्षा निदेशक (बेसिक), उत्तर प्रदेश शामिल हैं। इसके अलावा उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद, प्रयागराज के सचिव और अयोध्या मंडल के सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक) को भी इसकी जानकारी दी गई है।

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी लाल चन्द्र के हस्ताक्षर से जारी यह आदेश 19 अगस्त 2026 का है और इसमें साफ कहा गया है कि बाहरी लोगों के प्रवेश और बिना अनुमति फोटो-वीडियोग्राफी पर रोक तत्काल प्रभाव से लागू होगी।

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