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झारखंड में 22 परीक्षाएं रद्द, इनमें पास होकर नौकरी कर रहे 2394 अफसर बेरोजगार... किस विभाग के कितने अधिकारियों की गई JOB?

August 20, 2026

झारखंड में 22 परीक्षाएं रद्द, इनमें पास होकर नौकरी कर रहे 2394 अफसर बेरोजगार... किस विभाग के कितने अधिकारियों की गई JOB?

झारखंड में बड़ा प्रशासनिक भूचाल.

Jharkhand 22 Exams Cancelled Order News: झारखंड की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में इस समय बहुत बड़ा भूचाल आ गया है. प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली, अनियमतताओं और प्रश्नपत्र लीक के आरोपों के बीच झारखंड सरकार के कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग ने एक ऐतिहासिक और कड़ा कदम उठाया है. सरकार ने झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा आयोजित 22 प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाओं को पूरी तरह रद्द कर दिया है.

इसके साथ ही सरकार ने 23 अन्य परीक्षाओं की जांच सीआईडी (CID) को सौंप दी है. सरकार के इस अप्रत्याशित फैसले के बाद जहां 26 दिनों से आंदोलन कर रहे छात्रों ने अपना धरना स्थगित कर दिया है, वहीं दूसरी ओर विभिन्न सरकारी विभागों में पदस्थापित होकर सेवाएं दे रहे 2,394 नव-नियुक्त अधिकारी और कर्मचारी अचानक सड़क पर आ गए हैं और न्याय के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है.

आंदोलन खत्म, तो दूसरी तरफ नया असंतोष

झारखंड सरकार के इस फैसले के बाद राज्य की राजधानी रांची में दो बिल्कुल अलग-अलग तस्वीरें देखने को मिल रही हैं. JPSC और JSSC परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों के खिलाफ रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में पिछले 26 दिनों से छात्र लगातार आंदोलन कर रहे थे. सरकार द्वारा 22 परीक्षाएं रद्द करने, 23 की CID जांच कराने और IAS अधिकारी अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में ‘परीक्षा सुधार कमेटी’ का गठन करने के आश्वासन के बाद आंदोलनकारी छात्रों ने अपने धरने को दो महीने के लिए स्थगित कर दिया है और अपने-अपने घर लौट गए हैं.

दूसरी तरफ, जो अभ्यर्थी कड़ी मेहनत और परीक्षा पास करके पिछले कई महीनों से सरकारी विभागों में अफसर के तौर पर सेवाएं दे रहे थे, उनकी दुनिया एक झटके में उजड़ गई है. बुधवार को सचिवालय (प्रोजेक्ट भवन) पहुंचे अफसरों को जब अंदर प्रवेश नहीं करने दिया गया, तो वे मुख्य द्वार के बाहर प्रदर्शन करने लगे. इस फैसले के खिलाफ प्रभावित अभ्यर्थियों ने तुरंत झारखंड हाईकोर्ट में याचिकाएं दाखिल कर दी हैं, जिस पर अदालत में सुनवाई होगी.

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JSSC CGL से नियुक्त 1,932 युवाओं सहित 2,394 अफसरों पर गिरी गाज

सरकार द्वारा जिन 22 परीक्षाओं को रद्द किया गया है, उनमें से 4 परीक्षाओं की चयन प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी और अभ्यर्थी अपने-अलग विभागों में तैनात थे. रद्द किए गए 2,394 प्रमुख पदों का ब्योरा इस प्रकार है.

(A) JSSC-CGL परीक्षा से बहाल 1,932 पद:

  • सहायक प्रशाखा पदाधिकारी (ASO): 847 पद (सचिवालय में फाइल कस्टोडियन)
  • कनीय सचिवालय सहायक (JSA): 293 पद
  • श्रम प्रवर्तन अधिकारी (LEO): 170 पद
  • प्रखंड कल्याण अधिकारी (BWO): 191 पद
  • प्रखंड आपूर्ति अधिकारी (BSO): 249 पद
  • अंचल निरीक्षक – कानूनगो (CI): 178 पद

(B) JPSC और अन्य सेवाओं से बहाल अधिकारी

  • 11वीं-13वीं JPSC संयुक्त सिविल सेवा: 342 अधिकारी (जिनमें लगभग 200 से अधिक उप समाहर्ता/डिप्टी कलेक्टर शामिल हैं)
  • बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (CDPO): 64 अधिकारी
  • खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी (Food Safety Officer – FSO): 54/56 अधिकारी
  • अन्य संवर्ग (SDPO, महिला पर्यवेक्षिका आदि): 300+ पद
  • रद्दीकरण की जद में आईं 22 प्रतियोगी परीक्षाओं की पूरी सूची

सरकार ने जिन 22 परीक्षाओं को रद्द करने का विज्ञापन/आदेश जारी किया है, उनमें से मुख्य रूप से वही परीक्षाएं शामिल हैं जिनमें परीक्षा संचालन एजेंसी (TDPL) की भूमिका संदिग्ध या पूर्ण/आंशिक रूप से संलिप्त पाई गई थी.

परीक्षा का नाम विज्ञापन संख्या पदों की संख्या
विश्वविद्यालयों में गैर-शैक्षणिक पदों की भर्ती वि. सं. 09/2025 23
सहायक निदेशक/वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी (बैकलॉग) वि. सं. 10/2025 8
सहायक निदेशक/वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी (नियमित) वि. सं. 11/2025 7
ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती
इंजीनियरिंग कॉलेजों में सहायक प्रोफेसर (बैकलॉग) वि. सं. 02/2026 11
पॉलिटेक्निक/महिला पॉलिटेक्निक में लेक्चरर (बैकलॉग) वि. सं. 03/2026 6
पॉलिटेक्निक/महिला पॉलिटेक्निक में लेक्चरर (नियमित) वि. सं. 04/2026 349
मेडिकल कॉलेजों में सुपर स्पेशलिस्ट विभाग सहायक प्रोफेसर वि. सं. 07/2026 90
सिविल जज (जूनियर डिवीजन) वि. सं. 22/2023 138
सहायक वन संरक्षक भर्ती (ACF) वि. सं. 03/2024 78
वन क्षेत्र पदाधिकारी भर्ती (FRO) वि. सं. 04/2024 170
सहायक लोक अभियोजक भर्ती (APP – बैकलॉग) वि. सं. 05/2025 26
सहायक लोक अभियोजक भर्ती (APP – नियमित) वि. सं. 06/2025 134
झारखंड संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा-2025 वि. सं. 01/2026 103
झारखंड संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा, बैकलॉग-2025 वि. सं. 05/2026 45
झारखंड संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा, बैकलॉग-2023 वि. सं. 06/2026 7
खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी (Food Safety Officer) वि. सं. 18/2023 54
बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (CDPO) वि. सं. 21/2023 62
संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा-2023 (11वीं-13वीं JPSC) वि. सं. 01/2024 342
छठी सीमित उप समाहर्ता भर्ती परीक्षा वि. सं. 11/2018 28
झारखंड पात्रता परीक्षा-2024 (JET) वि. सं. 08/2025
संयुक्त स्नातक स्तरीय (JSSC-CGL) परीक्षा वि. सं. 10/2023 1,932

इन 23 परीक्षाओं की अब CID करेगी जांच

22 परीक्षाएं रद्द करने के अलावा, राज्य सरकार ने वर्ष 2010 से लेकर 2022 के बीच आयोजित 23 पुरानी और संवेदनशील परीक्षाओं की जांच सीआईडी (CID) को सौंपने का निर्णय लिया है. इन परीक्षाओं के माध्यम से वर्तमान में 2,044 अधिकारी व कर्मचारी राज्य के विभिन्न विभागों में कार्य कर रहे हैं, जिनकी नौकरियों पर भी अब तलवार लटक गई है.

  • 5वीं संयुक्त असैनिक सेवा प्रतियोगिता परीक्षा (वि. सं. 06/2013)
  • सिविल जज (जूनियर डिवीजन) भर्ती परीक्षा (वि. सं. 10/2015)
  • सिविल जज (जूनियर डिवीजन) विशेष भर्ती परीक्षा (वि. सं. 11/2015)
  • मृदा संरक्षण पदाधिकारी भर्ती परीक्षा (वि. सं. 12/2015)
  • सहायक निदेशक कृषि/अनुमंडल कृषि पदाधिकारी (वि. सं. 03/2015)
  • सहायक निदेशक कृषि/अनुमंडल कृषि पदाधिकारी, बैकलॉग (वि. सं. 04/2015)
  • खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी भर्ती परीक्षा (वि. सं. 01/2016)
  • दंत चिकित्सक (बेसिक कैडर) भर्ती परीक्षा (वि. सं. 02/2016)
  • संयुक्त असैनिक सेवा परीक्षा, बैकलॉग (वि. सं. 27/2017)
  • वाणिज्यिक कर (सीमित) परीक्षा (वि. सं. 10/2010)
  • संयुक्त असैनिक सेवा परीक्षा-2016 (6ठी JPSC – वि. सं. 23/2016)
  • भू-वैज्ञानिक एवं रसायनज्ञ भर्ती (वि. सं. 01/2017 एवं 02/2017)
  • सहायक लोक अभियोजक (APP) भर्ती परीक्षा (वि. सं. 03/2018)
  • सिविल जज (जूनियर डिवीजन) नियमित भर्ती (वि. सं. 12/2018)
  • संयुक्त सहायक अभियंता (AE) भर्ती (वि. सं. 05/2019)
  • संयुक्त असैनिक सेवा प्रतियोगिता परीक्षा-2021 (7वीं-10वीं JPSC – वि. सं. 01/2021)
  • डेंटल डॉक्टर भर्ती (वि. सं. 01/2022)

(और अन्य संबद्ध परीक्षाएं- कुल 45 परीक्षाएं अब जांच के दायरे में हैं)

राज्य में गहराया बड़ा प्रशासनिक संकट: ठप होने लगा काम

एक ही दिन में 2,394 अधिकारियों की सेवाएं प्रभावित होने से झारखंड का पूरा प्रशासनिक ढांचा चरमरा गया है. राज्य सचिवालय में 854 सहायक प्रशाखा पदाधिकारी (ASO) ‘फाइल कस्टोडियन’ (फाइलों के रखवाले) का काम करते थे. पिछले 8 महीनों से सभी विभागों की फाइलें आगे बढ़ाने की मुख्य जिम्मेदारी इन्हीं की थी. इनके हटने से फाइल मूवमेंट पूरी तरह रुक गया है. अब प्रशाखा पदाधिकारियों (SO) को ही ASO का अतिरिक्त काम संभालना पड़ रहा है.

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राज्य में राज्य प्रशासनिक सेवा के स्वीकृत 1,450 पदों में से बेसिक ग्रेड (डिप्टी कलेक्टर) के 850 पदों में से 250 पद पहले से ही खाली थे. 11वीं-13वीं JPSC से नियुक्त 207 नए उप समाहर्ताओं (डिप्टी कलेक्टर्स) को ट्रेनिंग के बाद हाल ही में अंचल और प्रखंड की जिम्मेदारी दी गई थी. इनकी ट्रेनिंग और सेवाएं रुकने से प्रशासनिक संकट गहरा गया है और अब डिप्टी कलेक्टर के 450 से ज्यादा पद खाली हो गए हैं.

विधि-व्यवस्था और पुलिस प्रशासन पर असर

राज्य पुलिस सेवा में DSP रैंक के 35 पद पहले से खाली थे। नए नियुक्त 35 अधिकारियों की सेवाएं समाप्त होने की स्थिति में राज्य में DSP रैंक के करीब 70 पद खाली हो जाएंगे, जिससे जिलों में कानून-व्यवस्था (Law & Order) बनाए रखने में गंभीर समस्या आ सकती है. 64 CDPO की सेवा समाप्त होने से आंगनबाड़ी व बाल विकास परियोजनाएं प्रभावित होंगी, वहीं 56 फूड सेफ्टी अफसरों के हटने से खाद्य सुरक्षा से जुड़े मामले लटक गए हैं.

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हाईकोर्ट में दलील: “प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत का उल्लंघन”

सरकार के इस कठोर फैसले के खिलाफ परीक्षा पास कर नौकरियां कर रहे अभ्यर्थियों ने झारखंड हाईकोर्ट में याचिकाएं दाखिल की हैं। याचिकाकर्ताओं का पक्ष रख रहे वकीलों और अभ्यर्थियों का कहना है- बिना किसी की व्यक्तिगत संलिप्तता या दोष तय किए, पूरी परीक्षा प्रक्रिया और उसके आधार पर पिछले 8-10 महीनों से काम कर रहे हजारों निर्दोष युवाओं को एकमुश्त हटा देना प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत का सीधा उल्लंघन है. यदि परीक्षा में कोई धांधली हुई थी, तो जांच करके केवल दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए, न कि पूरी भर्ती रद्द कर योग्य और मेहनती अभ्यर्थियों का भविष्य बर्बाद किया जाए.

अमिताभ कौशल कमेटी और भविष्य की दिशा

प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता लाने और भविष्य में लीक रोकने के लिए सरकार ने IAS अधिकारी अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय सुधार समिति का गठन किया है. इस कमेटी में प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों के निदेशकों को शामिल किया गया है. यह कमेटी अगले दो महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी, जिसके आधार पर राज्य में नई पारदर्शी परीक्षा नियमावली तैयार की जाएगी. फिलहाल पूरी राज्य सरकार, आंदोलनकारी छात्र और सड़क पर उतरे चयनित अधिकारी, सभी की निगाहें झारखंड हाईकोर्ट की आने वाली सुनवाई और उसके फैसले पर टिकी हुई हैं.

अशोक कुमार

अशोक कुमार

अशोक कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में 7 वर्षों से अधिक का अनुभव है. राजनीति, क्राइम और ऑफबीट खबरों में दिलचस्पी रखने के कारण इन क्षेत्रों की खबरों पर बेहतरीन पकड़ है. नई जगहों को एक्सप्लोर करने के साथ पढ़ने-लिखने का शौक रखते हैं. झारखंड की स्थानीय न्यूज़ चैनल में विभिन्न पदों पर काम करने के साथ-साथ, इन्होंने एपीएन न्यूज़ में बतौर ब्यूरो चीफ के रूप में भी काम किया है. अशोक कुमार ने झारखंड में पिछले 7 वर्षों के दौरान हुई छोटी-बड़ी राजनीतिक हलचलों को रिपोर्ट किया है. वर्तमान में वो टीवी9 डिजिटल से जुड़े हैं.

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