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BRICS Summit: Su-57, S-500 और AK-203... पुतिन के भारत दौरे पर हो सकते हैं ये बड़े रक्षा समझौते!

September 9, 2026

BRICS Summit: Su-57, S-500 और AK-203… पुतिन के भारत दौरे पर हो सकते हैं ये बड़े रक्षा समझौते!

रूस के राष्ट्रपति पुतिन और पीएम मोदी.Image Credit source: Getty Images

ब्रिक्स समिट में शामिल होने के लिए रूस के राष्ट्रपति पुतिन दिल्ली आ रहे हैं. वो एक दिन पहले यानी 11 सितंबर को भारत पहुंचेगे. इसी दिन पीएम मोदी के साथ उनकी द्विपक्षीय वार्ता होगी. भारत और रूस के बीच कई बड़े सैन्य समझौते हो सकते हैं, जिसमें सबसे ज्यादा चर्चा रूस के पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान सुखोई-57 को लेकर हो रही है.

ऐसा कहा जा रहा है कि इस फाइटर जेट को लेकर पीएम मोदी और पुतिन में अंतिम दौर की बातचीत हो सकती है. इस समझौते की संभावना को हवा तब मिली जब पुतिन के करीबी और क्रेमलिन के प्रेस सचिव दिमित्री पेस्कोव ने इस पर बयान दिया. आइए पहले जानते हैं कि पेस्कोव ने क्या? फिर इस लड़ाकू विमान की ताकत पर बात करेंगे.

पेस्कोव ने साफ कहा, भारत इस डील के साथ सुखोई-57 का टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और जॉइंट प्रोडक्शन भी चाहता है. यानी भारत इस प्रोजेक्ट में अपनी कंपनियों की भागीदारी और जरूरी तकनीक तक पहुंच की मांग रहा है. रूस भारत में ही सुखोई-57 बनाने की पेशकश तो पहले ही कर चुका है.

भारत को इस तरह के फाइटर जेट क्यों चाहिए?

सवाल है कि भारत को इस तरह के फाइटर जेट क्यों चाहिए? दरअसल, भारत के पास अभी जो सबसे एडवांस फाइटर जेट है, वो है राफेल. इसे भारत ने फ्रांस से खरीदा है लेकिन ये 5TH जेनरेशन नहीं है, बल्कि 4.5 पीढ़ी का विमान है. जबकि SU-57 पांचवीं पीढ़ी का फाइटर जेट है. इसका मतलब ये हुआ कि अत्यधिक शक्तिशाली स्टेल्थ तकनीक से लैस है.

इसके कारण ये रहस्यमयी तरीके से रडार से बचने वाला एक लड़ाकू विमान है, जो कि मैक 2.0 यानी 2,400 किमी/घंटा से ज्यादा की टॉप स्पीड से उड़ने में सक्षम है. हवा से हवा और हवा से जमीन दोनों तरह के युद्ध में प्रभावी है. टेक्निकल भाषा में इसे Multirole कहा जाता है. 200 किमी से अधिक रेंज की R-77M मिसाइल और नई RVV-SDM जैसी घातक मिसाइलों से लैस है जिसके कारण ये किसी भी युद्ध में गेमचेंजर साबित हो सकता है.

डील हुई तो कीमत हो सकती है करीब 1 लाख करोड़ रुपये

ऐसी मीडिया रिपोर्ट्स हैं कि भारत और रूस के बीच ऐसे करीब 75 सुखोई-57 की डील हो सकती है. हालांकि, इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है लेकिन ये डील हुई तो इसकी कीमत करीब 1 लाख करोड़ रुपये तक हो सकती है, जिसमें विमान के साथ हथियार, पुर्जे, ट्रेनिंग, सिम्युलेटर और रखरखाव भी शामिल होगा.

अब यही बातें न सिर्फ अमेरिका को परेशान कर सकती हैं बल्कि पाकिस्तान की बेचैनी भी बढ़ा सकती हैं. अमेरिका इसलिए परेशान हो सकता है क्योंकि वो भारत को F-35 फाइटर जेट बेचने की कोशिशें बहुत दिनों से कर रहा है. जबकि पाकिस्तान इसलिए बेचैन हो सकता है क्योंकि उसने चीन के 5TH जेनरेशन फाइटर जेट J-35A को लेकर डील की है, जो कि इस वर्ष के अंत तक इस्लामाबाद को डिलीवर हो सकता है.

जंग में Su-57 की ताकत आजमा चुका है रूस

मगर, चीन का ये विमान युद्ध में TESTED नहीं है. जबकि रूस Su-57 की शक्ति को यूक्रेन जंग में अच्छे से आजमा चुका है. युद्ध के शुरुआती दौर में ही रूसी सेना ने इस पांचवीं पीढ़ी के विमान को सीधे यूक्रेनी हवाई क्षेत्र में भेजने की बजाय दूर से ही मिसाइलें दागने के लिए इस्तेमाल किया था.

कहा ये भी जा रहा है कि Su-57 के अलावा रूस के पास एक और विकल्प है. इसका नाम Su-75 Checkmate है, जो Su-57 से छोटा सिंगल इंजन वाला फाइटर जेट है. हालांकि, Su-75 अभी डेवलपमेंट स्टेज में है. इसके मुकाबले Su-57 ऑपरेशनल प्लेटफॉर्म है और रूस इसके एक्सपोर्ट वर्जन Su-57E को आगे बढ़ा रहा है. भारत और रूस के बीच सिर्फ फाइटर जेट को लेकर ही डील संभव नहीं है बल्कि कई तरह के आधुनिक हथियारों को लेकर भी समझौता हो सकता है.

S-500 डिफेंस सिस्टम पर भी हो सकती है बातचीत

इसमें पहला नाम है- S-400 एयर डिफेंस सिस्टम. इसकी डील साल 2018 में हुई थी. तब पांच S-400 स्क्वाड्रन का समझौता हुआ था. इनमें से चार भारत को मिल चुके हैं, जबकि आखिरी स्क्वाड्रन इसी वर्ष नवंबर महीने में मिलने की उम्मीद है. इसके बाद कहा जा रहा है कि पीएम मोदी और पुतिन में S-500 डिफेंस सिस्टम पर भी बातचीत हो सकती है. ये S-400 का एडवांस वर्जन है, जो 600 किमी. की रेंज के साथ दुश्मन की मिसाइलों, जेट्स और सेटेलाइट्स को भी नष्ट करने में सक्षम है.

फिर, Su-30 MKI अपग्रेड करने और नए रडार पर भी बातचीत मुमकिन है. भारत सुखोई-30 में 300 किमी की रेंज वाली एयर टू एयर R-37 मिसाइल लगाने के लिए इसकी तकनीक में बदलाव करना चाहता है. कहा जा रहा है कि इसके लिए रूस तैयार है. भारत-रूस के बीच AK-203 राइफल का प्रोडक्शन बढ़ाने समेत नए हथियारों पर भी चर्चा हो सकती है.

ब्यूरो रिपोर्ट टीवी9 भारतवर्ष.

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