पटना26 मिनट पहले
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शिक्षक बहाली (टीआरई 4) आंदोलन से 22 घंटे पहले बड़ा विवाद खड़ा हो गया। बीपीएससी परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह को अभ्यर्थियों के लिए गलत कहावत कहना भारी पड़ गया। उन्होंने प्रश्न पूछने पर ‘हाथी चले बाजार, कुत्ते भौंके हजार’ कहावत कही। इसके महज 4 घंटे के अंदर सरकार ने कड़ा एक्शन लिया। आईएएस अधिकारी राजेश कुमार सिंह को निलंबित कर दिया गया।
दरअसल सोमवार को दोपहर में बीपीएससी ने अपनी बात स्पष्ट कहने के लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई थी। इसमें सचिव हेमंत कुमार सिंह और परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह ने अपनी बात रखी। दोपहर 2 बजे राजेश कुमार सिंह ने ऑफ द रिकॉर्ड यह विवादित टिप्पणी की। हालांकि उन्होंने ये आग्रह भी किया ये आफ-द-रिकार्ड है। कुछ ही देर में यह टिप्पणी सार्वजनिक हो गई। बात राजद के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजस्वी यादव तक पहुंची तो वो आनन-फानन में दोपहर 3 बजे धरना स्थल पहुंच गए। उन्होंने कड़ा विरोध किया। रोहिणी ने भी अमर्यादित भाषा पर आपत्ति जताई। शाम 5 बजे परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह ने सोशल मीडिया पर खेद जताया।
क्या कहा था अफसर ने?
“हाथी चले बाजार, कुत्ते भौंके हजार...” सोमवार दोपहर 2 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस में बीपीएससी के परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह ने अनौपचारिक बातचीत के दौरान अभ्यर्थियों के आंदोलन और उनकी मांगों को लेकर ऑफ द रिकॉर्ड यह विवादित कहावत कही थी। उन्होंने कहा कि “हाथी चले बाजार, कुत्ते भौंके हजार”। हालांकि उन्होंने इसे मीडिया से ऑफ-द-रिकॉर्ड रखने की गुजारिश की थी, लेकिन छात्रों की तुलना भौंकने वाले कुत्तों से करने का यह बयान तुरंत वायरल हो गया।
बयान से सस्पेंशन के निर्देश तक... 4 घंटे की पूरी टाइमलाइन
दोपहर 2:00 बजे : बीपीएससी के सचिव हेमंत कुमार सिंह और परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह ने टीआरई 4 आंदोलन से पहले आयोग का पक्ष रखने के लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसी दौरान राजेश कुमार सिंह ने अभ्यर्थियों को लेकर ‘हाथी चले बाजार, कुत्ते भौंके हजार’ वाली अमर्यादित टिप्पणी की।
दोपहर 3:00 बजे : बयान लीक होने के ठीक एक घंटे बाद राजद नेता तेजस्वी यादव गर्दनीबाग धरना स्थल पहुंचे। उन्होंने छात्रों से मुलाकात की और बीपीएससी सचिव से माफी की मांग करते हुए कहा कि लोकतंत्र में ऐसी भाषा बर्दाश्त नहीं होगी।
दोपहर 3:25 बजे: तेजस्वी यादव ने बयान पर कड़ा ऐतराज जताते हुए इसे छात्रों का अपमान बताया। उनकी बहन रोहिणी आचार्य ने भी सोशल मीडिया पर तीखी आपत्ति दर्ज कराई और अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की।
शाम 5:00 बजे: विवाद बढ़ता देख परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह सोशल मीडिया पर आए। उन्होंने सफाई दी कि उनका इरादा आहत करने का नहीं था, केवल एक लोकोक्ति कही थी जिसे तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया। खेद जताया।
शाम 6:00 बजे (बयान के 4 घंटे बाद): छात्रों के आक्रोश और आंदोलन की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने मामले पर संज्ञान लेते हुए परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह को तत्काल निलंबित कर दिया।
कार्रवाई के तीन कारण
1. आंदोलन से 20 घंटे पहले छात्र-आक्रोश को शांत करने के लिए सरकार ने तुरंत कड़ा संदेश दिया। सरकार कोई जोखिम नहीं लेना चाहती थी। 2. तेजस्वी के तुरंत धरना स्थल पहुंचने और बढ़ते राजनीतिक दबाव के कारण कार्रवाई का दवाब बना। इसने मामले को पूरी तरह राजनीतिक रंग दे दिया। 3. ‘ऑफ द रिकॉर्ड’ की आड़ में कही बात को सरकार ने लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ माना।
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