मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कानपुर कलेक्ट्रेट गेट पर प्रदर्शन करते हुए सपा नेता।
कानपुर में समाजवादी पार्टी ने गुरुवार को मतदाता सूची में धांधली का आरोप लगाते हुए कलेक्ट्रेट गेट पर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान सपा नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ नारेबाजी और उनके इस्तीफे की मांग की है। इसके साथ ही एसआईआर के तहत मतदाता सूची म
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प्रदर्शन से जुड़ी प्रमुख तस्वीरें…।

कलेक्ट्रेट गेट पर प्रदर्शन करते हुए सपा नेता।

एडीएम सिटी सौरभ सिंह को ज्ञापन देते हुए सपा नेता।

प्रदर्शन करते हुए सपा विधायक अमिताभ बाजपेई और मो. हसन रूमी।
मांग और शिकायतों का सौंपा ज्ञापन समाजवादी पार्टी के नेता गुरुवार दोपहर को कलेक्ट्रेट गेट पर एकजुट हुए। इस दौरान सपा नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए मुर्दाबाद के नारे लगाए। सपा नेता अमिताभ बाजपेई ने कहा कि एसआईआर के तहत वोट चोरी करके भाजपा ने जनता का वोट चोरी करके देशद्रोह का काम किया है।
वहीं, सपा विधायक हसन रूमी ने कहा कि भाजपा को चुनाव जिताने के लिए मुख्य चुनाव आयुक्त ने एसआईआर कराया और जहां-जहां पर भाजपा कमजोर है वहां पर मतदाताओं के नाम काटे गए हैं। इससे कि भाजपा उन क्षेत्रों से भी चुनाव जीत सके। वरिष्ठ उपाध्यक्ष शैलेन्द्र यादव मिंटू, महासचिव संजय सिंह बंटी सेंगर, कोषाध्यक्ष नंदलाल जायसवाल, जिलाध्यक्ष फजल महमूद समेत अन्य नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करने के साथ ही राष्ट्रपति संबोधित पांच सूत्रीय मांगों का ज्ञापन डीएम को सौंपा। इस दौरान भारी पुलिस फोर्स तैनात रहा।
ज्ञापन में ये शिकायतें की
- फर्जी मतदाता सूचीः सत्यापन के बावजूद मृत लोगों के नाम न हटाना और एक ही व्यक्ति का 6-7 अलग-अलग पतों पर फर्जी पंजीकरण करना।
- फॉर्म-6 में धांधली: नए मतदाताओं को रोकने के लिए फॉर्म-6 में अनधिकृत जटिलताएं जोड़ना और सुप्रीम कोर्ट के नाम पर भ्रामक प्रचार करना।
- पक्षपातः सत्ता पक्ष को लाभ पहुंचाने के लिए विपक्षी, दलित और अल्पसंख्यक मतदाताओं के नाम बिना सुनवाई के अवैध रूप से काटना।
- ईवीएम पर अविश्वासः EVM में गड़बड़ी की आशंकाओं के बावजूद पारदर्शी समाधान न देना।
ये प्रमुख मांगें रखीं
- संवैधानिक मर्यादा तोड़ने के दोषी मुख्य चुनाव आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार तत्काल इस्तीफा दें।
- फर्जी व मृत मतदाताओं के नाम तुरंत हटाए जाएं और काटे गए सभी वैध मतदाताओं के नाम बहाल हों।
- फॉर्म-6 में किए गए अनधिकृत बदलाव वापस लिए जाएं।
- चुनाव प्रक्रिया में विश्वास बहाली हेतु ईवीएम हटाकर बैलेट पेपर से चुनाव हों या VVPAT का 100% मिलान हो।
- मतदाता सूची में धांधली करने वाले अधिकारियों व BLO पर कठोर कानूनी कार्रवाई हो। अतः आपसे प्रार्थना है कि लोकतंत्र की रक्षा हेतु तत्काल उचित निर्देश जारी करने की कृपा करें।