Sep 01, 2026 07:10 pm ISTलाइव हिन्दुस्तान

टीटीपी ने कहा कि हमले को स्पेशल इस्तिशहादी फोर्स ने अंजाम दिया। कार्रवाई में कुल 15 सुरक्षाकर्मियों को मारा या घायल किया गया। दूसरी ओर, सुरक्षा अधिकारियों ने 5 सुरक्षाकर्मियों की मौत और 7 के घायल होने की जानकारी दी।

बलूचिस्तान क्षेत्रफल के लिहाज से पाकिस्तान का सबसे बड़ा प्रांत है।
पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत में सुरक्षा बलों पर एक और बड़ा हमला हुआ है। तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) ने जियारत क्रॉस इलाके में हुए इस हमले की जिम्मेदारी ली है। सुरक्षा अधिकारियों के मुताबिक, हमले में 5 सुरक्षाकर्मियों की मौत हुई, जबकि 7 अन्य घायल हो गए। मारे गए लोगों में पाकिस्तान सेना के कैप्टन जियाउल्लाह भी शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार, आतंकियों और सुरक्षा बलों के बीच काफी देर तक गोलीबारी हुई। हमले के बाद इलाके में सुरक्षा बलों ने तलाशी अभियान शुरू किया, ताकि हमलावरों का पता लगाया जा सके और इलाके को सुरक्षित किया जा सके।
बताया गया कि आतंकियों ने जियारत क्रॉस पर पुलिस चौकी और सीमा शुल्क से जुड़ी एक फैसिलिटी को निशाना बनाया। हमले के दौरान सीमा शुल्क के एक गोदाम और कई वाहनों में आग लगा दी गई। गोलीबारी और आगजनी के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सुरक्षा बलों ने जवाबी कार्रवाई करते हुए इलाके को घेर लिया और हमलावरों की तलाश शुरू की। टीटीपी ने दावा किया कि उसके लड़ाकों ने सुरक्षा बलों को भारी नुकसान पहुंचाया, हथियार कब्जे में लिए और सुरक्षा अभियान के दौरान इस्तेमाल किए जा रहे क्वाडकॉप्टर को भी मार गिराया। हालांकि, टीटीपी के इन अतिरिक्त दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
टीटीपी ने 15 पाकिस्तानी सैनिकों को मारने का दावा
टीटीपी ने कहा कि इस हमले को उसके स्पेशल इस्तिशहादी फोर्स ने अंजाम दिया। संगठन के मुताबिक, कार्रवाई में कुल 15 सुरक्षाकर्मियों को मारा या घायल किया गया। दूसरी ओर, सुरक्षा अधिकारियों ने 5 सुरक्षाकर्मियों की मौत और सात के घायल होने की जानकारी दी है। यह हमला ऐसे समय हुआ है जब बलूचिस्तान में सुरक्षा स्थिति लगातार बिगड़ रही है। इससे कुछ समय पहले ही बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) ने भी पाकिस्तानी सुरक्षा बलों पर बड़ा हमला किया था। लगातार हो रहे इन हमलों ने पाकिस्तान सरकार और सेना के सामने प्रांत में कानून-व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती और बढ़ा दी है।
बलूचिस्तान क्षेत्रफल के लिहाज से पाकिस्तान का सबसे बड़ा प्रांत है और लंबे समय से अलगाववादी व उग्रवादी हिंसा का सामना कर रहा है। यहां बीएलए समेत कई संगठन पाकिस्तान सरकार और सुरक्षा बलों के खिलाफ सशस्त्र अभियान चला रहे हैं। बीएलए बलूचिस्तान के लिए अधिक स्वायत्तता या स्वतंत्रता की मांग करता है, जबकि टीटीपी पाकिस्तानी राज्य को चुनौती देने वाला कट्टरपंथी संगठन है। एक के बाद एक हो रहे हमलों से यह संकेत मिलता है कि पाकिस्तान को बलूचिस्तान में एक साथ कई मोर्चों पर सुरक्षा चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।