Updated: Tuesday, September 15, 2026, 17:34 [IST]
भारतीय जनता पार्टी (BJP) से इस्तीफा देने के बाद शहजाद पूनावाला के तीखे तेवरों ने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है। शहजाद पूनावाला ने फिर से भाजपा से लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राहुल गांधी और पेपर लीक आंदोलन तक पर अपनी राय दी। पूनावाला ने कहा कि भाजपा छोड़ने के बाद अब उन्हें पार्टी से किसी कार्रवाई या आर्थिक मदद का डर नहीं है। इसी दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को लेकर बेहद तीखी टिप्पणी की और यहां तक कहा कि उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए।
पत्रकार बरखा दत्त के 'इनसाइड आउट' और 'मोजो स्टोरी' पॉडकास्ट में उन्होंने बीजेपी छोड़ने की असल वजह से लेकर आगे के प्लान पर भी दिल खोलकर बात की। पूनावाला ने खुलकर कहा कि अब वे किसी के दबाव में नहीं हैं और अपनी बात बेबाकी से रख सकते हैं। उन्होंने यहां तक कह दिया कि BJP उनका अब बाल भी बांका नहीं कर सकती है।
'अब भाजपा मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकती'
पॉडकास्ट के दौरान पूनावाला ने कहा कि अब वे भाजपा के हिस्सा नहीं हैं, इसलिए पार्टी उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकती। इसके बावजूद उन्होंने निष्पक्षता का दावा करते हुए कहा कि दूसरी पार्टियों के मुकाबले बीजेपी में अब भी कुछ नैतिकता बची है। NEET पेपर लीक आंदोलन पर पार्टी के धीमे रिस्पॉन्स का बचाव करते हुए उन्होंने कहा कि बीजेपी एक बहुत बड़ा संगठन है, जहां फैसले लेने में वक्त लगता है।
शहजाद पूनावाला ने कहा,
"मैंने अब बीजेपी छोड़ दी है। पार्टी ना मेरा बाल बांका कर सकती है और ना मुझे पैसे दे रही है। लेकिन मैं ईमानदारी से कहूंगा कि बीजेपी बेशरम नहीं है। मामला बढ़ने पर धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हुआ। क्या कर्नाटक, पंजाब या झारखंड के शिक्षा मंत्रियों ने 6-6 पेपर लीक होने के बाद इस्तीफा दिया?"
पीएम मोदी को बताया 'बुरा तानाशाह', मांगे इस्तीफे के जवाब
बातचीत के दौरान पूनावाला ने व्यंग्यात्मक लहजे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा और उन्हें 'बुरा तानाशाह' बताया। उन्होंने कहा कि तानाशाही के मामले में वे पीएम को 100 में से शून्य नंबर देंगे। शहजाद पूनावाला ने कहा, "मैंने मोदी जी से कहा कि आप पूरी तरह फेल रहे, इसलिए इस्तीफा दे दीजिए। उन्होंने ना तो इंदिरा गांधी की तरह इमरजेंसी लगाई, ना अन्ना हजारे जैसे प्रदर्शनकारियों पर देशद्रोह ठोका, ना मीडिया को दबाया और ना ही किताबें बैन कराईं।"
राहुल गांधी में बदलाव, लेकिन 'कंसिस्टेंसी' की कमी
राहुल गांधी को लेकर पूनावाला का रुख कुछ नरम दिखा। उन्होंने माना कि 2009 से 2026 के बीच राहुल गांधी में बदलाव आया है। हालांकि, उनके मुताबिक यह बदलाव अभी उतना नहीं है जितना होना चाहिए था। उन्होंने कहा,
"राहुल गांधी ने खुद में सुधार किया है, इसमें कोई शक नहीं। लेकिन उनकी दिक्कत यह है कि उन्हें लगता है कि उन्हें हर चीज की जानकारी है। उनमें कंसिस्टेंसी की भी कमी दिखाई देती है।"
पूनावाला ने अपने और राहुल गांधी के बीच एक समानता भी बताई। उन्होंने दावा किया कि दोनों को पता है कि कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन को अरविंद केजरीवाल ने फंड किया था। यह उनका दावा है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि इस बयान से नहीं होती।
क्या बड़े पद की उम्मीद टूटने पर छोड़ी BJP?
भाजपा छोड़ने को लेकर सबसे बड़ा सवाल यह भी रहा कि क्या पूनावाला किसी बड़े पद की उम्मीद कर रहे थे। उनसे यह भी पूछा गया कि क्या वह अमित मालवीय वाला पद चाहते थे। पूनावाला ने इस संभावना को खारिज करते हुए अपनी तारीखों का हवाला दिया।
उन्होंने कहा,
"मैंने अपना पहला इस्तीफा 30 जुलाई को दे दिया था, जबकि भाजपा में बदलाव और औपचारिक ऐलान 17 अगस्त को दोपहर करीब तीन-चार बजे हुआ। 30 जुलाई को मुझे कैसे पता हो सकता था कि 17 अगस्त को क्या होने वाला है और उसमें मेरा नाम होगा?"
इस्तीफे में जिन 'लोगों' का जिक्र था, वे कौन हैं?
शहजाद पूनावाला ने अपने इस्तीफे में कुछ व्यक्तियों की प्रतिक्रियाओं का जिक्र किया था। हालांकि उन्होंने किसी का नाम सार्वजनिक नहीं किया। पॉडकास्ट में इस पर सवाल हुआ तो उन्होंने कहा,
"जिन लोगों की आप बात कर रहे हैं, वे शायद वे लोग नहीं हैं जिनका आप अंदाजा लगा रहे हैं। पार्टी के बहुत ऊंचे स्तर पर जिन लोगों को यह जानकारी देनी थी, उन्हें सब बता दिया गया है।"
उन्होंने कहा,
"मेरे फैसले को कुछ लोगों के रवैये ने मजबूत किया। वे लोग वो नहीं हैं जिनके नाम कयासों में चल रहे हैं। जिन्हें बताना था, उन्हें पार्टी के सर्वोच्च स्तर पर सब बता दिया गया है। मैं निजी और आर्थिक वजहों से राजनीति से दूर हो रहा हूं, लेकिन पीएम मोदी का समर्थक रहूंगा और अपनी विचारधारा नहीं बदलूंगा।"
उन्होंने यह भी कहा था कि भाजपा छोड़ने के बावजूद वह प्रधानमंत्री मोदी के समर्थक बने रहेंगे और अपनी राजनीतिक विचारधारा नहीं छोड़ रहे हैं। यानी उनका विरोध भाजपा छोड़ने के बाद भी हर चीज का विरोध करने वाला नहीं है। पूनावाला ने साफ कहा कि उनकी नजर में भाजपा अभी भी दूसरी पार्टियों की तुलना में बेहतर विकल्प है।