Kharge on CEC Gyanesh Kumar: SIR विवाद के बीच Mallikarjun Kharge ने CEC Gyanesh Kumar पर तीखा हमला बोला और उनके हटाने की मांग की। जानिए CWC में कांग्रेस ने Election Commission के सामने कौन-सी 5 मांगें रखीं।
वोटर लिस्ट में बदलाव और Special Intensive Revision (SIR) को लेकर जारी विवाद अब सीधे Election Commission के नेतृत्व तक पहुंच गया है। कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge ने मंगलवार को CWC की बैठक में Chief Election Commissioner Gyanesh Kumar पर तीखा हमला बोला और उन्हें 'BJP सरकार का puppet' बताते हुए तत्काल पद से हटाने की मांग की।
Kharge ने CEC पर क्या आरोप लगाया?
Kharge ने आरोप लगाया कि Election Commission के फैसलों से सत्तारूढ़ दल को फायदा पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि CEC को पद पर बने रहने का अधिकार नहीं है। साथ ही प्रधानमंत्री Narendra Modi पर CEC पर दबाव डालने का आरोप लगाते हुए नैतिक आधार पर इस्तीफे की मांग भी की। ये कांग्रेस के राजनीतिक आरोप हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं हुई है।
विवाद की पृष्ठभूमि में The Indian Express की रिपोर्ट है, जिसके मुताबिक Election Commissioners Sukhbir Singh Sandhu और Vivek Joshi ने 10 महीनों में कम-से-कम 14 बार SIR और अन्य चुनावी मामलों से जुड़े फैसलों पर लिखित आपत्तियां दर्ज कीं। इनमें Form 6, वोटर नाम हटाने और चुनावी डेटाबेस तक पहुंच जैसे मुद्दे शामिल थे।
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Election Commission ने क्या कहा?
Election Commission ने इन आपत्तियों को संस्थागत असहमति मानने से इनकार किया है। आयोग के मुताबिक अलग-अलग सुझाव और टिप्पणियां निर्णय प्रक्रिया का सामान्य हिस्सा हैं और पिछले एक साल में लिए गए फैसले पूर्ण आयोग की सर्वसम्मति से हुए हैं।
Kharge की 5 बड़ी मांगें क्या हैं?
CWC में Kharge ने मांग की कि वोटर लिस्ट में हुए बदलाव का पूरा डेटा सार्वजनिक किया जाए। जिन मतदाताओं के नाम हटे हैं, उन्हें अपील का अवसर मिले और राजनीतिक दलों को समय पर सरल प्रारूप में मतदाता सूची उपलब्ध कराई जाए। गंभीर गड़बड़ियों वाले मामलों में स्वतंत्र और समयबद्ध जांच हो तथा चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाई जाए।
कांग्रेस का कहना है कि उसका मुद्दा मतदाताओं के अधिकार और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता से जुड़ा है। दूसरी ओर, EC का कहना है कि SIR और संबंधित फैसले निर्धारित संस्थागत प्रक्रिया के तहत लिए गए हैं।
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