world-news

मां ने जिसे हराया बेटी ने उससे की थी शादी, अब BJP सांसद हिमाद्री सिंह का तलाक

September 14, 2026

Sep 14, 2026 10:58 pm ISTलाइव हिन्दुस्तान, शहडोल

Follow us on Google News

share

मध्य प्रदेश के शहडोल से दो बार की भाजपा सांसद हिमाद्री सिंह ने पति नरेंद्र सिंह मरावी से तलाक ले लिया है। आपसी विवादों के कारण दोनों 2021 से अलग रह रहे थे। विस्तृत जानकारी के लिए पढ़ें यह रिपोर्ट…

Shahdol BJP MP Himadri Singh

मध्य प्रदेश की शहडोल भाजपा सांसद का हिमाद्री सिंह का पति नरेंद्र सिंह मारवी से तलाक हो गया है।

मध्य प्रदेश की शहडोल भाजपा सांसद का हिमाद्री सिंह का शादी के करीब 9 साल बाद अपने पति नरेंद्र सिंह मारवी से तलाक हो गया है। हिमाद्री 2 बार की सांसद हैं। दोनों की शादी 23 नवंबर 2017 को हिंदू रीति-रिवाज से राजेंद्रग्राम में हुई थी। शादी के बाद दोनों राजेंद्रग्राम में साथ रहे। 20 जून 2019 को बेटी गिरिशा सिंह का जन्म हुआ। इसके बाद छोटी-छोटी बातों को लेकर दोनों के बीच विवाद होने लगे। विवाद बढ़ने पर दोनों का एक-दूसरे से मिलना-जुलना बंद हो गया। दोनों 5 मई 2021 से अलग रहने लगे। अब दोनों ने सहमति से तलाक ले लिया है।

हिमाद्रि सिंह के साथ रहेगी बेटी

बेटी गिरिशा अपनी मां और सांसद हिमाद्रि सिंह के साथ रहेगी। अदालत में पति और पत्नी दोनों ने साफ कर दिया कि शादी के तोहफों और गहनों को लेकर उनके बीच कोई झगड़ा नहीं है। दोनों ने एक-दूसरे पर कोई गंभीर आरोप भी नहीं लगाए थे। दोनों का मानना था कि उनके बीच शादी का रिश्ता अब सामान्य तरीके से आगे बढ़ना मुमकिन नहीं रह गया है। अदालत ने दोनों को अपने फैसले पर दोबारा सोचने और साथ आने के लिए 6 महीने का वक्त दिया था। अदालत ने उनको आपस में मिलाने की कोशिशें कीं लेकिन बात नहीं बन सकी।

गुजारा भत्ता नहीं लेंगी हिमाद्री

6 महीने का समय पूरा होने पर भी दोनों ने कोर्ट में कहा कि वे पति-पत्नी की तरह साथ नहीं रह सकते हैं और अपनी मर्जी से अलग होना चाहते हैं। उन्होंने कोर्ट को बताया कि उनकी बेटी गिरिशा सिंह अपनी मां हिमाद्री के साथ रह रही है। बेटी की पढ़ाई, सेहत, देखभाल और आगे चलकर उसकी शादी का सारा खर्च हिमाद्री ही उठाएंगी। इसके अलावा हिमाद्री ने साफ किया कि वह अपने या अपनी बेटी के लिए नरेंद्र सिंह मरावी से कोई गुजारा भत्ता नहीं लेंगी।

मां ने जिसे हराया बेटी ने उसी से किया विवाह

जिस लोकसभा चुनाव 2009 में मां राजेश नंदिनी ने भाजपा के नरेंद्र सिंह मरावी को 13,415 वोटों से हराया था। 23 नवंबर 2017 को उन्हीं की बेटी हिमाद्री सिंह ने नरेंद्र सिंह मरावी से शादी कर ली थी। हिमाद्री ने 2016 में कांग्रेस के टिकट पर शहडोल लोकसभा उपचुनाव लड़ा था लेकिन भाजपा के ज्ञान सिंह से हार गई थीं। लोकसभा चुनाव से ठीक पहले 20 मार्च 2019 को कांग्रेस छोड़कर भाजपा में चली गईं। उन्होंने शहडोल से लोकसभा चुनाव लड़ा और जीतीं। 2024 में वह शहडोल से लगातार दूसरी बार लोकसभा चुनाव जीतकर फिर सांसद बनीं।

अदालत ने माना दोनों का साथ रहना संभव नहीं

अनूपपुर जिले के राजेंद्रग्राम न्यायालय ने माना कि दोनों का पति-पत्नी के रूप में साथ रहकर शादी निभाना संभव नहीं है। छह महीने के समय और बातचीत से मामला सुलझाने की कोशिशें नाकाम होने के बाद कोर्ट ने 3 सितंबर 2026 को हिंदू मैरिज एक्ट की धारा 13-बी के तहत दोनों की रजामंदी से तलाक का फैसला सुना दिया। इस तलाक पर नरेंद्र मरावी ने बताया कि यह फैसला दोनों की आपसी सहमति से हुआ है। कोर्ट ने भी इस पर अपनी मंजूरी दी है।

हिमाद्री के पिता तीन बार के रहे हैं सांसद

भाजपा सांसद हिमाद्री सिंह 38 साल की हैं। हिमाद्री सिंह शहडोल से 2019 और 2024 में लगातार दो लोकसभा चुनाव जीत चुकी हैं। पिता दलबीर सिंह 1980, 1984 और 1991 में तीन बार लोकसभा सांसद और केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं। मां राजेश नंदिनी सिंह 1993 में विधानसभा और 2009 में लोकसभा का चुनाव जीत चुकी हैं। लोकसभा चुनाव 2009 में राजेश नंदिनी ने भाजपा के नरेंद्र सिंह मरावी को 13,415 वोटों से हराया था। 23 नवंबर 2017 को उन्हीं की बेटी हिमाद्री सिंह और नरेंद्र सिंह मरावी की शादी हुई थी।

लेखक के बारे में

Krishna Bihari Singh

कृष्ण बिहारी सिंह वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम का हिस्सा (दिल्ली-NCR, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, राजस्थान और गुजरात )

संक्षिप्त विवरण

कृष्ण बिहारी सिंह पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। कृष्ण बिहारी सिंह लाइव हिन्दुस्तान में कार्यरत हैं। वह स्टेट टीम के साथ काम कर रहे हैं। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय मीडिया जगत में केबी उपनाम से चर्चित हैं। यूपी के मऊ जिले से ताल्लुक रखने वाले केबी महाराष्ट्र और हरियाणा में पत्रकारिता कर चुके हैं। मौजूदा वक्त में वह दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय हैं।

विस्तृत बायो

परिचय और अनुभव: कृष्ण बिहारी सिंह लोकमत, आज समाज, राष्ट्रीय सहारा, अमर उजाला और दैनिक जागरण अखबार में विभिन्न पदों पर काम कर चुके हैं। उन्होंने साल 2019 में जागरण डॉट कॉम से डिजिटल मीडिया में कदम रखा। कृष्ण बिहारी सिंह मौजूदा वक्त में भारत के प्रसिद्ध समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) की स्टेट टीम में डिप्टी चीफ एडिटर (कंटेंट क्रिएटर) के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि: लॉ (एलएलबी) और साइंस (बी.एससी, बायोलॉजी) से ग्रेजुएट कृष्ण बिहारी सिंह ने महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए और एमफिल किया है। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय राजनीति और वैश्विक मामलों के साथ विधि विषय की गहरी समझ रखते हैं। अखबार से लेकर टेलीविजन और अब डिजिटल मीडिया के बदलावों के साक्षी रहे कृष्ण बिहारी सिंह पाठकों की पसंद और बदलते ट्रेंड को बारीकी से समझते हैं।

रिपोर्टिंग एवं विशेषज्ञता: कृष्ण बिहारी सिंह राजनीति, जिओ पॉलिटिक्स, जन सरोकार और क्राइम की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। कृष्ण बिहारी सिंह ने अब तक विभिन्न मीडिया संस्थानों में नेशनल, इंटरनेशनल, बिजनेस, रिसर्च एवं एक्सप्लेनर और संपादकीय टीमों के साथ लंबे समय तक काम किया है। यही वजह है कि खबर के पीछे छिपे एजेंडे की समझ रखने वाले केबी समसामयिक घटनाक्रमों पर गहरा विश्लेषण करते हैं।

पत्रकारिता का उद्देश्य: कृष्ण बिहारी सिंह 'राष्ट्र प्रथम' की भावना के साथ काम करते हैं। केबी का मानना है कि एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी उसका राष्ट्र और लोक कल्याण है। केबी खबरों को पहले प्रमाणिकता की कसौटी पर कसते हैं, फिर आम जनमानस की भाषा में उसे परोसने का काम करते हैं। केबी का मानना है कि रिपोर्टिंग का उद्देश्य पाठकों को न केवल सूचना देना वरन उन्हें सही और असल जानकारी देना है।

और पढ़ें

See Less