बिहार विधान परिषद चुनाव से पहले मोकामा विधायक अनंत सिंह ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने नीरज कुमार का समर्थन करने से इनकार कर दिया है।
बिहार विधान परिषद चुनाव से पहले मोकामा विधायक अनंत सिंह ने बड़ा बयान दिया है।
- Published: 04 Sep 2026, 01:12 PM IST
- Last Updated: 04 Sep 2026, 01:12 PM IST
Bihar MLC election: बिहार की सियासत में आगामी विधान परिषद (MLC) चुनावों को लेकर सुगबुगाहट तेज हो गई है। इसी बीच मोकामा क्षेत्र की राजनीति से एक ऐसा बड़ा बयान सामने आया है, जिसने मोकामा से लेकर बाढ़ तक के राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। जेडीयू विधायक अनंत सिंह ने आगामी एमएलसी चुनाव के मद्देनजर अपना रुख स्पष्ट कर दिया है।
उन्होंने दो टूक शब्दों में यह साफ कर दिया है कि इस बार के चुनाव में वह मौजूदा जेडीयू एमएलसी नीरज कुमार का साथ नहीं देंगे, बल्कि उनका पूरा समर्थन अनुज सिंह के साथ रहेगा।
समर्थकों की ताकत का दावा और बेढ़ना का दौरा
हाल ही में अनंत सिंह बेढ़ना के दौरे पर गए थे, जहां उनके साथ भारी संख्या में समर्थक भी मौजूद थे। मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने अपनी राजनीतिक ताकत का खुलकर दावा किया। उन्होंने दो टूक कहा कि जो भी व्यक्ति उनके साथ खड़ा रहेगा, वह भी उसका पूरी तरह साथ देंगे।
अनंत सिंह ने ऐलान किया कि उनके समर्थक अनुज सिंह को हर मुमकिन स्तर पर समर्थन प्रदान करेंगे। उन्होंने यह भी दावा किया कि कुल 26 विधानसभा क्षेत्रों में उनके समर्थक पूरी मजबूती के साथ अनुज सिंह के पक्ष में खड़े नजर आएंगे। उनके इस बेबाक बयान के सामने आने के बाद सूबे की राजनीति में कयासों का बाजार गर्म हो गया है।
क्यों अहम माना जा रहा है अनंत सिंह का यह रुख?
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि एमएलसी चुनाव से पहले अनंत सिंह का यह बयान बेहद महत्वपूर्ण है। मोकामा और बाढ़ के पूरे इलाके में अनंत सिंह का खासा राजनीतिक दबदबा और प्रभाव माना जाता है। ऐसे में किसी खास उम्मीदवार के समर्थन में खुलकर सामने आना चुनावी समीकरणों को पूरी तरह प्रभावित कर सकता है। उनके इस कदम को सीधे तौर पर मौजूदा एमएलसी नीरज कुमार के खिलाफ एक कड़ा राजनीतिक संदेश माना जा रहा है।
16 नवंबर 2026 को समाप्त हो रहा है मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल
आपको बता दें कि बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर होने वाले चुनावों को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं। इन सभी आठ सीटों पर वर्तमान में काबिज विधान पार्षदों का कार्यकाल आगामी 16 नवंबर 2026 को समाप्त होने जा रहा है। इन आठ सीटों में चार सीटें शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की और चार सीटें स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आती हैं। चुनाव आयोग द्वारा इन चुनावों को लेकर अपनी तैयारियां पहले ही पूरी की जा चुकी हैं।
इन दलों और निर्दलीय सदस्यों का पूरा हो रहा है कार्यकाल
जिन आठ सीटों पर चुनावी मुकाबला होना है, उनमें मौजूदा समय में तीन सीटों पर निर्दलीय विधान पार्षद काबिज हैं। इसके अलावा दो सीटों पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सदस्य हैं, जबकि कांग्रेस, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) और जनता दल यूनाइटेड (JDU) के कोटे से एक-एक विधान पार्षद का कार्यकाल पूरा हो रहा है। इन सभी मौजूदा सदस्यों को अपनी-अपनी सीटों को बचाने के लिए एक बार फिर से चुनावी मैदान में उतरना होगा और विधान परिषद में वापसी के लिए मतदाताओं का विश्वास जीतना होगा।