Bihar EOU Raid : बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए रोहतास जिले के सासाराम में तैनात लघु सिंचाई प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता अरविन्द कुमार चौधरी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले में छापेमारी शुरू की है। EOU की टीम ने गुरुवार सुबह अभियंता के छह अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। इस कार्रवाई के बाद विभागीय और प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।
आर्थिक अपराध इकाई के अनुसार, विश्वसनीय सूत्रों से मिली जानकारी के सत्यापन के बाद कार्यपालक अभियंता अरविन्द कुमार चौधरी के खिलाफ ज्ञात आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई है। EOU थाना कांड संख्या-15/26, दिनांक 29 जुलाई 2026 के तहत भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 13(2) सहपठित धारा 13(1)(बी) के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है।
1.19 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध संपत्ति का आरोप
EOU की जांच में प्रथम दृष्टया यह सामने आया है कि अभियुक्त कार्यपालक अभियंता अरविन्द कुमार चौधरी ने अपनी ज्ञात आय के मुकाबले 1 करोड़ 19 लाख 98 हजार 534 रुपये अधिक संपत्ति अर्जित की है। जांच एजेंसी के मुताबिक यह संपत्ति उनकी ज्ञात आय से करीब 85.05 प्रतिशत अधिक है। इसी आधार पर विशेष न्यायालय निगरानी, पटना से तलाशी अधिपत्र प्राप्त करने के बाद आर्थिक अपराध इकाई की अलग-अलग टीमों ने कार्रवाई शुरू की।
छह ठिकानों पर एक साथ छापेमारी
EOU की टीम ने पुलिस उपाधीक्षक स्तर के अधिकारियों के नेतृत्व में गुरुवार सुबह अभियंता से जुड़े छह स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया।
जिन ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है, उनमें शामिल हैं—
पटना के आदमपुर, दानापुर स्थित वीनस पैराडाइज अपार्टमेंट का फ्लैट नंबर-405, चतुर्थ टावर।
पटना के आशोपुर, दानापुर स्थित वीनस इम्पायर, फ्लैट नंबर-1301, यूनिट-01।
मुजफ्फरपुर के महामाया स्थान स्थित मकान नंबर-66, जहां अभियंता का ससुराल बताया गया है।
सासाराम स्थित लघु सिंचाई प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता कार्यालय।
डेहरी ऑन सोन स्थित सरकारी आवास।
बांका जिले के रजौन थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पीपराडीह स्थित पैतृक मकान।
EOU की अलग-अलग टीमें सभी स्थानों पर दस्तावेज, संपत्ति से जुड़े कागजात, बैंक खातों की जानकारी और अन्य महत्वपूर्ण रिकॉर्ड खंगाल रही हैं।
दस्तावेज और संपत्ति की जांच जारी
आर्थिक अपराध इकाई के अधिकारियों के अनुसार, तलाशी अभियान पूरा होने के बाद ही बरामद सामान और दस्तावेजों की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक की जाएगी। टीम इस बात की जांच कर रही है कि कथित अवैध संपत्ति किन माध्यमों से अर्जित की गई और इसमें किन लोगों की भूमिका रही है।
बिहार में पिछले कुछ वर्षों से भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ EOU लगातार कार्रवाई कर रही है। आय से अधिक संपत्ति के मामलों में अधिकारियों के ठिकानों पर छापेमारी कर संपत्ति और वित्तीय लेन-देन की जांच की जा रही है।
EOU की कार्रवाई से मचा हड़कंप
लघु सिंचाई विभाग के कार्यपालक अभियंता के खिलाफ हुई इस कार्रवाई से सरकारी विभागों में हड़कंप मच गया है। EOU का कहना है कि भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में जांच और कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।फिलहाल अरविन्द कुमार चौधरी के सभी ठिकानों पर तलाशी जारी है। छापेमारी पूरी होने के बाद बरामद संपत्ति, नकदी, दस्तावेज और अन्य सामान की आधिकारिक जानकारी आर्थिक अपराध इकाई की ओर से साझा की जाएगी।