Bhopal Women March: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में महिलाओं ने सुरक्षा (Women Safety Bhopal) आजादी की मांग को लेकर शनिवार को पैदल मार्च (Bhopal Women March) निकाला। ‘व्हाय लॉइटर कैंपेन’ के तहत आयोजित ‘वुमन्स सॉलिडेरिटी मार्च’ भारत भवन से वन विहार गेट तक निकाला गया। इस दौरान महिलाओं ने ‘एक कचौरी-दो समोसा’ और ‘रानी बेटी के कपड़े नहीं, राजा बेटा सोच बदलो’ जैसे नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि शहर में महिला पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाई जाए, ताकि महिलाएं और युवतियां किसी भी समय सार्वजनिक जगहों पर बिना डर के आ-जा सकें।
महिलाओं ने लगाए दमदार नारे
मार्च (Bhopal Women March) के दौरान महिलाओं ने जबरदस्त नारे लगाए। बोलीं-
‘स्त्री आज ही आएगी, अपनी मर्जी से आएगी’
'भोपाल की बेटी बोल रही, मेरी इज्जत, मेरी मर्जी'
' मैं क्यों घर बैठूं, मेरी तो नाइट शिफ्ट है।'
' सम्मान की दावेदारी है, सारी रात हमारी है।'
...जैसे नारे लगाकर सार्वजनिक जगहों पर अपनी आजादी का अधिकार जताया। युवतियों का कहना था कि महिलाओं के बाहर निकलने पर बंदिशें लगाने के बजाय शहर को उनके लिए सुरक्षित बनाया जाना चाहिए।
प्रदर्शन के जरिए महिलाओं की सुरक्षा और रात में बेखौफ आने-जाने की आजादी का मुद्दा पूरी दमदारी से उठाया गया।
विदुषी शर्मा बोलीं- छेड़छाड़ करने वालों से परेशानी
प्रदर्शन (Bhopal Women March) में शामिल छात्रा विदुषी शर्मा ने कहा कि उनकी लड़ाई सभी पुरुषों से नहीं, बल्कि उन लोगों से है जो महिलाओं पर बंदिशें लगाते हैं, छेड़छाड़ करते हैं और अभद्र टिप्पणियां करते हैं। उन्होंने एमपी नगर, डीबी मॉल के आसपास और शहर के अन्य इलाकों में स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था बेहतर करने के साथ पुलिस सुरक्षा बढ़ाने की मांग की।
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महिला सुरक्षा और पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाने की मांग
मार्च (Bhopal Women March) में शामिल महिलाओं ने कहा कि सार्वजनिक जगहों पर सुरक्षित माहौल होना जरूरी है, ताकि वे अपनी मर्जी से कहीं भी आ-जा सकें। प्रदर्शनकारियों ने महिला पुलिस की पेट्रोलिंग बढ़ाने और रात के समय सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग उठाई। उनका कहना था कि महिलाओं की आजादी पर रोक लगाने के बजाय छेड़छाड़ और असुरक्षा की समस्या दूर करने पर ध्यान दिया जाना चाहिए।
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महिलाओं के अधिकारों के लिए उठाई आवाज
प्रदर्शन (Bhopal Women March) में शामिल एक युवती ने कहा कि बड़ी संख्या में महिलाएं अपनी सुरक्षा, अधिकारों और रात में बिना डर बाहर निकलने की आजादी के लिए एकजुट हुई हैं। उन्होंने कहा कि मार्च के जरिए सरकार तक भी अपनी मांगें पहुंचाई जा रही हैं। महिलाओं ने साफ किया कि सार्वजनिक जगहों पर उनकी मौजूदगी सामान्य बात होनी चाहिए और सुरक्षा के लिए बेहतर इंतजाम किए जाने चाहिए।
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