धार की भोजशाला से सटी खसरा नंबर 612 की जमीन पर सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद जुमे की नमाज अदा की गई। प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए और बैरिकेडिंग की। वहीं स्थानीय हिंदू समाज ने जमीन को निजी बताते हुए आपत्ति जताई।
सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद पीछे की जमीन पर पढ़ी गई जुमे की नमाज(AI)
- Published: 31 Jul 2026, 03:43 PM IST
- Last Updated: 31 Jul 2026, 03:43 PM IST
धार: मध्य प्रदेश के धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला परिसर को लेकर चल रहे विवाद के बीच शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद नया घटनाक्रम सामने आया। प्रशासन और मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों के बीच हुई चर्चा के बाद भोजशाला की पिछली बाउंड्रीवॉल से सटी खसरा नंबर 612 की जमीन पर जुमे की नमाज अदा की गई। पूरे आयोजन के दौरान पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए और क्षेत्र में बैरिकेडिंग कर कानून-व्यवस्था बनाए रखी।

प्रशासन और मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों के बीच बैठक
जानकारी के अनुसार गुरुवार देर रात प्रशासन और मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों के बीच बैठक हुई थी। इसके बाद खसरा नंबर 612 की जमीन पर जुमे की नमाज अदा करने पर सहमति बनी। शुक्रवार दोपहर करीब डेढ़ बजे से नमाजी निर्धारित स्थल पर पहुंचने लगे। बारिश के कारण जमीन गीली होने से प्रशासन ने वहां तिरपाल बिछाने की व्यवस्था कराई। शुरुआत में 10 से 15 लोग पहुंचे, लेकिन बाद में नमाजियों की संख्या बढ़कर 100 से अधिक हो गई।
पूरे क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात
नमाज में कमाल मौलाना वेलफेयर सोसाइटी के सदर अब्दुल समद सहित मुस्लिम समाज के अन्य प्रतिनिधि भी शामिल हुए। प्रशासन ने दोनों पक्षों के आवागमन के लिए अलग-अलग व्यवस्था की और पूरे क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रखा, ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति न बने।
इस बीच नमाज के लिए तय किए गए स्थान को लेकर स्थानीय हिंदू समाज के कुछ लोगों ने आपत्ति भी दर्ज कराई। उनका कहना है कि भोजशाला के पीछे स्थित यह जमीन निजी कृषि भूमि है और उसका स्वामित्व स्थानीय लोगों के पास है। स्थानीय रहवासियों ने प्रशासन के समक्ष अपनी आपत्ति रखते हुए निजी जमीन पर नमाज की अनुमति नहीं दिए जाने की मांग की।
अंतरिम आदेश महत्वपूर्ण
दूसरी ओर, मुस्लिम पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश को महत्वपूर्ण बताया है। उनका कहना है कि अदालत के निर्देशों के बाद उन्हें निर्धारित स्थान पर नमाज अदा करने का अवसर मिला। अब दोनों पक्षों की नजर 5 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हुई है, जहां मामले में आगे की सुनवाई होगी। पूरे घटनाक्रम के दौरान प्रशासन ने शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने को प्राथमिकता दी। बारिश के बावजूद नमाज स्थल पर आवश्यक व्यवस्थाएं की गईं और पुलिस ने पूरे क्षेत्र में निगरानी बनाए रखी। अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।
भोजशाला विवाद लंबे समय से न्यायालय में विचाराधीन है। ऐसे में प्रशासन का कहना है कि अदालत के निर्देशों के अनुरूप ही आगे की कार्रवाई की जाएगी और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाते रहेंगे।