दुनिया के दिग्गज निवेशक वॉरेन बफेट ने Berkshire Hathaway के चेयरमैन पद से इस्तीफा दे दिया है। कंपनी ने शुक्रवार, 18 सितंबर 2026 को इसकी घोषणा की। बफेट अब Chairman Emeritus यानी मानद चेयरमैन की भूमिका में रहेंगे। हालांकि, वह कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में बने रहेंगे और अपनी सलाह व अनुभव से कंपनी को मार्गदर्शन देते रहेंगे।
कंपनी की लंबे समय से तय सक्सेशन प्लान के तहत बोर्ड ने वॉरेन बफेट के बेटे हॉवर्ड जी. बफेट को Berkshire Hathaway का नया चेयरमैन चुना है। हॉवर्ड 1993 से कंपनी के बोर्ड में डायरेक्टर हैं। वहीं ग्रेग एबेल CEO के पद पर बने रहेंगे और सुजैन डेकर Lead Independent Director की जिम्मेदारी संभालती रहेंगी।
50 साल से ज्यादा की चेयरमैनशिप का अंत
वॉरेन बफेट ने 1970 में Berkshire Hathaway के चेयरमैन का पद संभाला था। यानी पांच दशक से ज्यादा समय तक उन्होंने कंपनी के बोर्ड का नेतृत्व किया। इस दौरान उन्होंने एक संघर्ष कर रही टेक्सटाइल कंपनी को एक विशाल बिजनेस समूह में बदल दिया। आज Berkshire Hathaway की वैल्यू 1 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा है।
बर्कशायर की ओर से जारी बयान में CEO ग्रेग एबेल ने कहा कि अमेरिकी बिजनेस के इतिहास में कंपनी और उसके शेयरधारकों पर वॉरेन बफेट के प्रभाव की तुलना नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि बफेट ने जिस संस्कृति और मूल्यों को कंपनी में स्थापित किया, उन्हें आगे भी कायम रखा जाएगा।
CEO पद भी छोड़ चुके हैं बफेट
चेयरमैन पद छोड़ने से पहले वॉरेन बफेट Berkshire Hathaway के CEO पद से भी हट चुके थे। उन्होंने 2025 के अंत में CEO की जिम्मेदारी छोड़ी थी और उनकी जगह लंबे समय से कंपनी से जुड़े ग्रेग एबेल को CEO बनाया गया था। अब चेयरमैन पद की जिम्मेदारी भी हॉवर्ड बफेट को सौंप दी गई है।
इस तरह कंपनी में नेतृत्व परिवर्तन का अगला बड़ा चरण पूरा हो गया है। वॉरेन बफेट हालांकि पूरी तरह कंपनी से अलग नहीं हुए हैं और बोर्ड में डायरेक्टर के रूप में बने रहेंगे।
कौन हैं हॉवर्ड बफेट?
हॉवर्ड जी. बफेट वॉरेन बफेट के बेटे हैं और 1993 से Berkshire Hathaway के बोर्ड में शामिल हैं। वह हॉवर्ड जी. बफेट फाउंडेशन का नेतृत्व भी करते हैं, जो खाद्य सुरक्षा और संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों से जुड़े मुद्दों पर काम करता है।
हॉवर्ड कई सार्वजनिक और निजी कंपनियों के बोर्ड में भी काम कर चुके हैं। उनका अनुभव खेती, परोपकार और वैश्विक खाद्य सुरक्षा से जुड़े क्षेत्रों में भी रहा है।
डूबती टेक्सटाइल कंपनी को बनाया बिजनेस साम्राज्य
वॉरेन बफेट ने 1960 के दशक में Berkshire Hathaway पर नियंत्रण हासिल किया था। उस समय कंपनी मुख्य रूप से एक संघर्ष कर रही टेक्सटाइल कंपनी थी। बाद में बफेट ने इसका फोकस बदलकर इंश्योरेंस, निवेश और अलग-अलग कारोबारों में हिस्सेदारी पर केंद्रित किया।
आज Berkshire Hathaway के पास कई बड़े कारोबार और कंपनियों में हिस्सेदारी है। इसके पोर्टफोलियो में Coca-Cola, Apple और Kraft Heinz जैसी कंपनियों की हिस्सेदारी रही है, जबकि GEICO और NetJets जैसे कारोबार भी Berkshire के समूह का हिस्सा हैं।
यही वजह है कि Berkshire Hathaway को बफेट के निवेश दर्शन और लंबे समय तक पूंजी आवंटन की रणनीति का सबसे बड़ा उदाहरण माना जाता है।
लेकिन जिस कंपनी ने बनाया अमीर, उसी डील को बफेट ने बताया था गलती
वॉरेन बफेट के करियर की सबसे दिलचस्प कहानियों में Berkshire Hathaway की खरीद भी शामिल है। बफेट ने बाद में इस फैसले को अपनी बड़ी निवेश गलतियों में गिना था।
बफेट के मुताबिक, उन्होंने शुरुआत में कंपनी के शेयर खरीदना शुरू किए थे। एक कारोबारी विवाद के बाद उन्होंने कंपनी पर नियंत्रण हासिल कर लिया। बाद में उन्हें लगा कि टेक्सटाइल बिजनेस में पैसा लगाने के बजाय वही पूंजी इंश्योरेंस बिजनेस में लगाई जाती तो उनका रिटर्न कहीं ज्यादा हो सकता था।
यानी जिस कंपनी को लेकर बफेट ने कभी अपने फैसले पर पछतावा जताया था, वही आगे चलकर उनके निवेश साम्राज्य की सबसे बड़ी पहचान बन गई।
बफेट के निवेश मंत्र आज भी चर्चा में
वॉरेन बफेट की पहचान सिर्फ निवेशक के तौर पर नहीं, बल्कि उनकी सरल और लंबे समय वाली निवेश सोच के लिए भी रही है। उनके कई विचार दुनियाभर के निवेशकों और बिजनेस लीडर्स के बीच चर्चित रहे हैं।
उनकी निवेश सोच के प्रमुख सिद्धांतों में शामिल हैं—
- लंबे समय का नजरिया: अच्छे निवेश को जल्दबाजी में बेचने के बजाय लंबे समय तक बनाए रखना।
- जिसे समझें, उसी में निवेश: ऐसे बिजनेस में पैसा लगाने से बचना जिसे आप समझते नहीं हैं।
- कीमत और वैल्यू में अंतर: किसी संपत्ति की कीमत और उसकी वास्तविक कारोबारी वैल्यू को अलग-अलग देखना।
- धैर्य: हर समय निवेश करना जरूरी नहीं; सही मौके का इंतजार भी रणनीति का हिस्सा है।
- साख की अहमियत: पैसा खोने के मुकाबले प्रतिष्ठा और भरोसा खोना ज्यादा नुकसानदेह हो सकता है।
क्या होता है Chairman Emeritus?
Chairman Emeritus किसी कंपनी के पूर्व चेयरमैन या लंबे समय तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले व्यक्ति को दिया जाने वाला सम्मानजनक पद होता है।
आमतौर पर यह पद रोजमर्रा के एग्जीक्यूटिव कामकाज से अलग होता है। व्यक्ति कंपनी के बोर्ड या बैठकों से जुड़ा रह सकता है और अपने अनुभव के आधार पर सलाह दे सकता है।
वॉरेन बफेट के मामले में भी वह Chairman Emeritus बनने के बाद Berkshire Hathaway के बोर्ड में बने रहेंगे और कंपनी के आधिकारिक बयान के मुताबिक अपनी समझ और अनुभव से योगदान देते रहेंगे।
इस तरह 1970 से शुरू हुआ वॉरेन बफेट का Berkshire Hathaway चेयरमैन के तौर पर लंबा अध्याय अब औपचारिक रूप से खत्म हो गया है, लेकिन कंपनी में उनकी भूमिका पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।