पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उन्हें श्रद्धांजलि दी और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को याद किया।
पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर पीएम मोदी ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।
- Published: 16 Aug 2026, 09:31 AM IST
- Last Updated: 16 Aug 2026, 09:31 AM IST
पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर रविवार को देशभर में उन्हें याद किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अटल जी के व्यक्तित्व और देश के लिए उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि उनकी सोच, नेतृत्व और सुशासन की दृष्टि आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देती रहेगी।
PM मोदी ने बताया ‘असाधारण राजनेता’
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी एक असाधारण राजनेता और दूरदर्शी नेता थे। उन्होंने अपना पूरा जीवन राष्ट्र की सेवा के लिए समर्पित किया। पीएम ने कहा कि अटल जी के विचार और उनके कार्यों ने कई पीढ़ियों को प्रभावित किया। उन्होंने यह भी कहा कि सुशासन और जनकल्याण को लेकर अटल जी का जोर आज भी देश के लिए मार्गदर्शक है।
‘सदैव अटल’ पहुंचकर दी श्रद्धांजलि
अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर दिल्ली में उनके स्मारक ‘सदैव अटल’ पर प्रार्थना सभा आयोजित की गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने यहां पहुंचकर पूर्व प्रधानमंत्री को श्रद्धांजलि दी।
अमित शाह ने भी किया अटल जी को याद
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने अटल जी को महान देशभक्त और ऐसे राजनेता के रूप में याद किया, जिन्होंने अपना जीवन देश की सेवा में लगा दिया।
शाह ने कहा कि अटल जी के नेतृत्व में भारत ने परमाणु परीक्षण और कारगिल युद्ध के दौरान अपनी सामरिक ताकत का परिचय दिया। साथ ही उनकी राजनीति में अंत्योदय और सुशासन की सोच को भी प्रमुख स्थान मिला।
राजनाथ सिंह बोले- ‘राष्ट्र प्रथम’ थी भावना
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी पूर्व प्रधानमंत्री को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी ने अपने विचारों और कार्यों से भारतीय लोकतंत्र को समृद्ध किया।
राजनाथ सिंह ने अटल जी की राजनीति को ‘राष्ट्र प्रथम, सदैव प्रथम’ की भावना से जोड़ते हुए कहा कि उनके लिए राजनीति का मूल उद्देश्य राष्ट्रहित और जनसेवा था।
2018 में हुआ था अटल जी का निधन
अटल बिहारी वाजपेयी का निधन 16 अगस्त 2018 को हुआ था। वह तीन बार देश के प्रधानमंत्री रहे। अपनी प्रभावशाली वक्तृत्व शैली, लोकतांत्रिक मूल्यों और सर्वसम्मति की राजनीति के लिए उन्हें भारतीय राजनीति के सबसे प्रमुख नेताओं में गिना जाता है। उनके निधन के बाद देशभर में उन्हें व्यापक श्रद्धांजलि दी गई थी।