Asia First Telecom Manufacturing Zone in Gwalior: नई दिल्ली: केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने रविवार को ग्वालियर के श्रीमंत माधवराव सिंधिया काउंटर मैग्नेट सिटी में प्रस्तावित टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन के लिए चिन्हित जमीन का निरीक्षण किया। इस दौरान दूरसंचार विभाग के सचिव और सीनियर अफसर भी मौजूद रहें। सरकार के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट में करीब 5,500 करोड़ रुपये के इन्वेस्टमेंट की उम्मीद है और इससे 18 हजार से अधिक लोगों को डायरेक्ट रोजगार मिल सकेगा।
IBC24 News के लेटेस्ट Updates और ताजा समाचार के लिए हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़े
सिंधिया ने कहा कि यह परियोजना केवल एक इंडस्ट्रियल यूनिट लगाने तक सीमित नहीं है। इसका मकसद ग्वालियर में टेलीकॉम क्षेत्र का पूरा इकोसिस्टम तैयार करना है। इसके तहत करीब 24-25 टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित की जाएंगी। यहां टेलीकॉम उपकरण और अलग-अलग प्रकार के कंपोनेंट तैयार किए जाएंगे। इससे ग्वालियर को टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग के बड़े सेंटर के तौर पर विकसित करने में मदद मिलेगी।
170 एकड़ जमीन चिन्हित
Asia First Telecom Manufacturing Zone in Gwalior: SADA में करीब 90 एकड़ से अधिक और IT पार्क में 70 एकड़ से अधिक, यानी कुल लगभग 170 एकड़ जमीन चिन्हित की गई है। सिंधिया के मुताबिक प्रोजेक्ट में इन्वेस्टर्स की रुचि काफी अधिक है और जमीन की उपलब्धता से ज्यादा आवेदन मिल चुके हैं। ऐसे में पहले स्टेज के विस्तार के लिए अतिरिक्त जमीन की पहचान की जाएगी।
24 कंपनियों ने शुरू की प्रक्रिया
जुलाई 2026 में दूरसंचार विभाग और मध्य प्रदेश सरकार के बीच समझौता हुआ था। इसके बाद अगस्त में दिल्ली और मुंबई में निवेशक रोडशो आयोजित किए गए। दिल्ली रोडशो में करीब 3,500 करोड़ रुपये और मुंबई रोडशो में करीब 2,000 करोड़ रूपये के इन्वेस्टमेंट प्रपोजल मिले थे। सिंधिया ने बताया कि ये केवल ऐलान नहीं हैं। अब तक 24 कंपनियों ने यूनिट लगाने के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है।
सरकार देगी कई तरह की सुविधाएं
Asia First Telecom Manufacturing Zone in Gwalior: मध्य प्रदेश सरकार ने टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग उद्योग के लिए विशेष प्रोत्साहन पैकेज तैयार किया है। इसमें जमीन लीज, बिजली, रोजगार और उत्पादन से जुड़े प्रोत्साहन शामिल हैं। पर्यावरण संरक्षण और ग्रीन डेवलपमेंट को भी पैकेज में जगह दी गई है। इसके अलावा दूरसंचार विभाग करीब 500 करोड़ रुपये की लागत से कॉमन टेस्टिंग लैब स्थापित करने का प्रस्ताव लेकर आया है।
IBC24 News के लेटेस्ट Updates और ताजा समाचार के लिए हमारे Instagram Page को Follow करें
कनेक्टिविटी और तकनीकी मानव संसाधन पर जोर
सिंधिया ने कहा कि ग्वालियर की बेहतर कनेक्टिविटी, इंफ्रास्ट्रक्चर और कुशल मानव संसाधन बड़ी ताकत होंगे। करीब 120 किलोमीटर लंबा आगरा-ग्वालियर हाई-स्पीड कॉरिडोर ग्वालियर को दिल्ली और उत्तर भारत के प्रमुख बाजारों से जोड़ने में मदद करेगा। शहर प्रमुख रेलवे मार्गों से भी जुड़ा है। ग्वालियर एयरपोर्ट को करीब 650 करोड़ रुपये की लागत से 16 महीने में विकसित किया गया है। वहीं शहर के इंजीनियरिंग संस्थानों से हर साल करीब 25 हजार इंजीनियरिंग छात्र पढ़ाई पूरी करते हैं। इससे टेलीकॉम उद्योग को तकनीकी और कुशल कर्मचारियों की उपलब्धता में मदद मिलने की उम्मीद है।
ग्वालियर में एशिया का पहला समर्पित टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन (TMZ) स्थापित किए जाने की योजना है। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने SADA में प्रस्तावित TMZ के लिए चिन्हित स्थल का निरीक्षण किया। ज़ोन में करीब ₹5,500 करोड़ के निवेश और 18,000 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार के… pic.twitter.com/IQwMlUspdB
— PB-SHABD (@PBSHABD) September 20, 2026
इन्हें भी पढ़ें:
हर विधानसभा क्षेत्र में ‘भाजपा के 27,000 वोट कम करने’ का काम करेंगे: अखिलेश यादव
आशियाना हाउसिंग चालू वित्त वर्ष में जमीन खरीदने के लिए 1,000 करोड़ रुपये खर्च करेगी: एमडी
मुंबई पुलिस पर उमर खालिद पर वृत्तचित्र की स्क्रीनिंग रद्द कराने के लिए दबाव बनाने का आरोप
महानगरों से आगे बढ़ी भर्ती की प्रक्रिया, दूसरी और तीसरी श्रेणी के शहर बने नए प्रतिभा केंद्र: रिपोर्ट
पहले उप्र पुलिस भर्ती में आवेदन नहीं करने वालों को भी नियुक्ति पत्र दे दिया जाता था: आदित्यनाथ