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Anup Ranjan Pandey News : छत्तीसगढ़ की लोककला को दुनिया तक पहुंचाने वाले लोक कलाकार को मिला संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार, राष्ट्रपति ने किया सम्मनित

August 13, 2026

छत्तीसगढ़ की लोक और जनजातीय संस्कृति को देश-दुनिया तक पहुंचाने वाले वरिष्ठ संस्कृतिकर्मी और पद्मश्री अनूप रंजन पांडेय को प्रतिष्ठित संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। नई दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने उन्हें यह राष्ट्रीय सम्मान प्रदान किया। पांडेय ने यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ के लोक एवं आदिवासी कलाकारों और प्रदेश की जनता को समर्पित की।

Anup Ranjan Pandey News : छत्तीसगढ़ की लोककला को दुनिया तक पहुंचाने वाले लोक कलाकार को मिला संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार, राष्ट्रपति ने किया सम्मनित

Anup Ranjan Pandey News / Image Source : X

Modified Date: August 13, 2026 / 11:46 pm IST

Published Date: August 13, 2026 11:32 pm IST

HIGHLIGHTS

  • अनूप रंजन पांडेय को संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
  • राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने नई दिल्ली में उन्हें यह राष्ट्रीय सम्मान प्रदान किया।
  • उन्होंने 'बस्तर बैंड' के जरिए छत्तीसगढ़ की लोक और जनजातीय संस्कृति को अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाया। 3 Highlights (Hindi)

नई दिल्ली : Anup Ranjan Pandey News छत्तीसगढ़ की लोक और जनजातीय संस्कृति को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने वाले वरिष्ठ संस्कृतिकर्मी व पद्मश्री अनूप रंजन पांडेय को प्रतिष्ठित ‘संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया है। नई दिल्ली में आयोजित भव्य समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने उन्हें इस राष्ट्रीय सम्मान से नवाजा। अनूप रंजन पांडेय ने इस उपलब्धि को छत्तीसगढ़ के लोक व आदिवासी कलाकारों और प्रदेश की जनता को समर्पित किया है।

1965 को बिलासपुर में हुआ था जन्म

चार दशकों से अधिक समय से लोककला के संरक्षण में जुटे अनूप रंजन पांडेय का जन्म 21 जुलाई 1965 को बिलासपुर में हुआ था। उन्होंने नौ साल की उम्र में रंगमंच की शुरुआत की और हबीब तनवीर के ‘नया थिएटर’ के साथ जुड़कर ‘चरणदास चोर’ व ‘माटी की गाड़ी’ जैसे प्रसिद्ध नाटकों में अभिनय किया।

बस्तर बैंड की थी स्थापना

उनकी सबसे बड़ी पहचान ‘बस्तर बैंड’ की स्थापना रही, जिसके माध्यम से उन्होंने हिंसा से प्रभावित क्षेत्र में ‘बंदूक छोड़ो, ढोल पकड़ो’ का शांति संदेश दिया। इस पहल ने 5000 से अधिक कलाकारों को एक नया मंच प्रदान किया। अनूप रंजन के नेतृत्व में बस्तर की लोकसंस्कृति रूस, इटली, नाइजीरिया और दक्षिण अफ्रीका जैसे देशों तक पहुंची। वर्ष 2019 में पद्मश्री से सम्मानित हो चुके पांडेय को इससे पहले राष्ट्रीय तुलसी सम्मान और दाऊ मंदराजी लोक कला सम्मान भी मिल चुका है।

बस्तर की समृद्ध लोक संस्कृति और लुप्त होती पारंपरिक लोक धुनों को सहेजने के लिए निरंतर प्रयासरत बस्तर बैंड के अनूप रंजन पांडेय जी को लोक संगीत श्रेणी में माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी द्वारा राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किए जाने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ।

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— Rajesh Agrawal (@RajeshAgBJP) August 13, 2026

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लेखक के बारे में

Sneha Singh

I’m Sneha Singh, a journalist and news producer at IBC24. A Gold Medalist in Journalism and Mass Communication, I specialize in news production, content writing, and digital storytelling. With a keen interest in political and crime reporting, I believe in delivering accurate, ethical, and impactful journalism that informs and connects with people.

Web Title: Anup Ranjan Pandey Honoured with Sangeet Natak Akademi Award for Promoting Chhattisgarh Folk Culture

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