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Anti-Paper Leak Bill Passed: हंगामे के बीच लोकसभा से पास हुआ संशोधन बिल, अब कानून बनने में क्या-क्या अड़चनें?

July 29, 2026

Time Updated: Wednesday, July 29, 2026, 15:58 [IST]

Anti Paper Leak Amendment Bill Passed: पेपर लीक से परेशान लाखों छात्रों के लिए राहत की खबर है। संसद के मानसून सत्र के 10वें दिन बुधवार (29 जुलाई) को लोकसभा में विपक्ष के हंगामे के बीच ध्वनि मत से 'पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) संशोधन बिल 2026' पास हो गया। विपक्ष के वॉकआउट के बीच बिल पास होने के बाद लोकसभा की कार्यवाही 30 जुलाई तक स्थगित कर दी गई। अब यह विधेयक राज्यसभा में जाएगा, जहां से पास होने के बाद राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने पर कानून बनेगा।

यह बिल पेपर लीक, नकल और परीक्षा में अनुचित साधनों को रोकने के लिए लाया गया है। सरकार इसे छात्रों के भविष्य की सुरक्षा का बड़ा कदम बता रही है, जबकि विपक्ष ने इसे युवाओं की आवाज दबाने वाला बताया।

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क्या है यह संशोधन बिल?

'पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) संशोधन बिल 2026' परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी और सख्त बनाने का प्रयास है। इसमें पेपर लीक, डेटा चोरी, नकल, गैंगवार आदि पर भारी जुर्माना और जेल की सजा का प्रावधान है। NEET, UGC-NET, SSC जैसी परीक्षाओं में बार-बार हो रहे घोटालों व लीक के बाद सरकार ने इसे प्राथमिकता दी। सरकार का तर्क है कि इससे छात्रों में नया आत्मविश्वास आएगा और परीक्षा व्यवस्था मजबूत होगी। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू (Kiren Rijiju) ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में यह छात्र कल्याण का महत्वपूर्ण कदम है।

क्यों जरूरी था यह बिल?

आपको बता दें कि, पिछले कुछ सालों में NEET, NET, SSC CGL जैसी परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर पेपर लीक हुए। छात्रों का भविष्य बर्बाद हुआ। सड़कों पर प्रदर्शन, आत्महत्याएं और आंदोलन देखने को मिले। सरकार का दावा है कि नया कानून इन गैंग्स पर नकेल कसेगा। आखिर क्या है इस मुख्य प्रावधान (संभावित) में...

  • पेपर लीक पर 5-10 साल जेल और भारी जुर्माना।
  • सेवा प्रदाताओं (प्रिंटिंग, ट्रांसपोर्ट) पर भी सजा।
  • फास्ट-ट्रैक कोर्ट और जांच एजेंसियां।
  • डिजिटल सुरक्षा और पारदर्शिता।

संसद में ड्रामा, सत्ता पर विपक्ष का हमला

10वें दिन के मानसून सत्र में उस समय जोरदार हंगामा देखने को मिला, जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने जंतर-मंतर पर सीजेपी के नेतृत्व में हुए छात्र आंदोलन और कथित परीक्षा अनियमितताओं का मुद्दा उठाते हुए केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। राहुल ने कहा कि छात्रों का विरोध युवाओं की आकांक्षाओं का प्रतीक है, लेकिन भाषण के दौरान उन्होंने एक छात्र से बातचीत का हवाला देते हुए कुछ विवादित शब्दों का इस्तेमाल किया, जिस पर भाजपा सांसदों ने कड़ा विरोध जताया।

राहुल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई कराने का आरोप भी लगाया। इन आरोपों के बाद सदन में शोर-शराबा बढ़ गया और भाजपा ने उनसे माफी मांगने और आरोपों के सबूत की मांग की। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने राहुल के भाषण के कुछ हिस्सों को असंसदीय शब्दों के कारण कार्यवाही से हटाने की जानकारी दी। यह विवाद हाल ही में जंतर-मंतर पर हुए NEET पेपर लीक विरोध प्रदर्शन को लेकर आमने-सामने आए।

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