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एडल्ट ऐप्स के नाम पर साइबर फ्रॉड का नया जाल, Android यूजर्स को निशाना बना रहे खतरनाक APK

August 31, 2026

नेशनल साइबरक्राइम थ्रेट एनालिटिक्स यूनिट (NCTAU) ने एडल्ट कंटेंट वाले ऐप्स की आड़ में हो रहे फाइनेंशियल फ्रॉड को लेकर चेतावनी जारी की है.

Published byDheeraj Sharma

नेशनल साइबरक्राइम थ्रेट एनालिटिक्स यूनिट (NCTAU) ने एडल्ट कंटेंट वाले ऐप्स की आड़ में हो रहे फाइनेंशियल फ्रॉड को लेकर चेतावनी जारी की है.

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नेशनल साइबरक्राइम थ्रेट एनालिटिक्स यूनिट (NCTAU) ने एडल्ट कंटेंट वाले ऐप्स की आड़ में हो रहे फाइनेंशियल फ्रॉड को लेकर चेतावनी जारी की है. साइबर अपराधी Facebook और Instagram जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर विज्ञापनों के जरिए ऐसे खतरनाक Android ऐप्स का प्रचार कर रहे हैं.

NCTAU के मुताबिक “Night Play”, “Reloop”, “Kyss”, “Vimo”, “Rivo”, “Nexo” और “Vixa” जैसे नामों से चलने वाले ऐप्स यूजर्स को एडल्ट कंटेंट वाली वेबसाइटों पर ले जाते हैं. यहां यूजर को वीडियो या अन्य कंटेंट देखने के लिए APK फाइल डाउनलोड और इंस्टॉल करने के लिए कहा जाता है.

ऐप इंस्टॉल होते ही शुरू होता है असली खेल

APK इंस्टॉल करने के बाद ये ऐप्स ऐसी संवेदनशील अनुमतियां मांग सकते हैं, जिनका इस्तेमाल डिवाइस पर अतिरिक्त ऐप्स इंस्टॉल करने और यूजर की गतिविधियों में दखल देने के लिए किया जा सकता है.

इनमें सबसे खतरनाक Accessibility Permission का दुरुपयोग है. यह अनुमति मिलने के बाद साइबर अपराधी यूजर के फोन की स्क्रीन और कई इंटरैक्शन पर नियंत्रण हासिल करने की कोशिश कर सकते हैं. इसका इस्तेमाल बैंकिंग और अन्य वित्तीय लेनदेन से जुड़ी संवेदनशील जानकारी हासिल करने तथा फाइनेंशियल फ्रॉड को अंजाम देने में किया जा सकता है.

VPN के जरिए भी संदिग्ध ट्रैफिक रूटिंग

कुछ मामलों में ऐसे ऐप्स डिवाइस पर VPN भी इंस्टॉल कर सकते हैं. इसका इस्तेमाल इंटरनेट ट्रैफिक को किसी दूसरे सर्वर या नेटवर्क के जरिए रूट करने के लिए किया जा सकता है. साइबर सुरक्षा के लिहाज से यह चिंता का विषय है, क्योंकि इस तरह के नेटवर्क का इस्तेमाल संदिग्ध या आपराधिक गतिविधियों से जुड़े ट्रैफिक को छिपाने या रूट करने में किया जा सकता है.

अनइंस्टॉल करना भी हो सकता है मुश्किल

खतरनाक ऐप्स यूजर को इन्हें सामान्य तरीके से हटाने से रोकने की कोशिश भी कर सकते हैं. यानी ऐप इंस्टॉल होने के बाद यूजर के लिए उसे डिवाइस की सेटिंग्स से अनइंस्टॉल करना मुश्किल बनाया जा सकता है.

साइबर एक्सपर्ट्स की सलाह

ऐसे खतरे से बचने के लिए Android यूजर्स को सोशल मीडिया विज्ञापनों या संदिग्ध वेबसाइटों से APK डाउनलोड नहीं करना चाहिए. किसी ऐप के लिए Accessibility, Device Administrator, VPN या अन्य संवेदनशील permissions मांगे जाने पर विशेष सावधानी बरतनी चाहिए.

सबसे जरूरी बात यह है कि यूजर केवल भरोसेमंद और आधिकारिक स्रोतों से ही ऐप डाउनलोड करें. किसी एडल्ट वेबसाइट या सोशल मीडिया विज्ञापन के जरिए APK डाउनलोड करने का निर्देश मिले तो उसे साइबर खतरे का संकेत मानना बेहतर है.