गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर छात्र आंदोलन पर चर्चा की मांग की, विपक्ष को दिया रातभर बहस का ऑफर।
गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर छात्र आंदोलन पर चर्चा की मांग की।
- Published: 12 Aug 2026, 03:17 PM IST
- Last Updated: 12 Aug 2026, 03:24 PM IST
Amit Shah Lok Sabha Speaker letter: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को एक पत्र लिखा, जिसमें उन्होंने हाल ही में दिल्ली में पेपर लीक को लेकर हुए छात्र आंदोलन और 21 जुलाई को संसद तक निकाले गए मार्च के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई पर निचले सदन में चर्चा कराने की मांग की।
यह घटनाक्रम उस समय सामने आया है, जब शाह ने संसद में जारी गतिरोध को खत्म करने के लिए विपक्ष को चर्चा के लिए 24 घंटे की समयसीमा का प्रस्ताव दिया था। उन्होंने कहा था कि वे विपक्ष द्वारा उठाए गए सभी सवालों का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। शाह ने बताया कि वे इस चर्चा में हिस्सा लेने के लिए बुधवार दोपहर 3 बजे से गुरुवार दोपहर 3 बजे तक सदन में मौजूद रहेंगे।

विपक्ष से दोपहर 2 बजे तक पत्र देने का आग्रह
संसद परिसर के बाहर मीडियाकर्मियों से बातचीत में गृह मंत्री ने विपक्षी दलों से आग्रह किया कि वे दोपहर 2 बजे तक लोकसभा अध्यक्ष को पत्र सौंप दें, जिसके बाद दोपहर 3 बजे से चर्चा शुरू की जा सके। उन्होंने कहा कि वे विपक्ष द्वारा उठाए गए हर मुद्दे का जवाब देने के लिए रातभर बहस जारी रखने और गुरुवार दोपहर 3 बजे तक सदन में मौजूद रहने के लिए भी तैयार हैं।
'गंभीर मुद्दे पर सिर्फ बयान से बात नहीं बनती': शाह
अमित शाह ने कहा, "संसदीय चर्चाओं के लिए स्थापित नियम और प्रक्रियाएं हैं। इतने गंभीर मुद्दे पर सिर्फ एक बयान के जरिए चर्चा नहीं की जा सकती। संसद में चर्चाएं विस्तार से होती हैं।" उन्होंने आगे यह भी कहा कि अगर लोकसभा अध्यक्ष अनुमति दें, तो वे प्रश्नकाल को स्थगित करने के लिए भी तैयार हैं।
गतिरोध के बीच केंद्र सरकार की पहल
सोमवार को संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने ऐलान किया था कि सरकार देशभर में हुए छात्र आंदोलन और पुलिस कार्रवाई पर लोकसभा में पूर्ण चर्चा कराने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा था कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस बहस का जवाब देंगे, बशर्ते विपक्ष कार्यवाही में व्यवधान न डालने और चर्चा को शांतिपूर्वक सुनने पर सहमत हो।
विपक्ष द्वारा इस मुद्दे पर चर्चा के लिए समय की पहले की मांग का हवाला देते हुए शाह ने कहा कि वे पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि वे संसद में सभी सवालों के जवाब देने के लिए तैयार हैं। हालांकि उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ही इस चर्चा को होने देने के लिए तैयार नहीं है।
शाह ने कहा, "लेकिन वे बस यह चर्चा होने ही नहीं देना चाहते। अब जनता ही तय करे कि असल में भाग कौन रहा है।" उन्होंने आगे यह भी जोड़ा कि वे इस बात पर भी चर्चा के लिए तैयार हैं कि आखिर विपक्ष इस मुद्दे पर संसद में बहस "क्यों नहीं" चाहता। शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली NDA सरकार हर मुद्दे पर चर्चा करने के लिए तैयार है।
राहुल गांधी ने की शाह के इस्तीफे की मांग
अमित शाह के इस बयान के तुरंत बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष को संसद में गृह मंत्री का "लेक्चर" सुनने में कोई दिलचस्पी नहीं है। गांधी ने कहा कि देश की युवा पीढ़ी यह जानना चाहती है कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पैलेट गन के इस्तेमाल का आदेश आखिर किसने दिया था।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने आगे कहा कि अगर शाह ने छात्रों पर गोली चलाने का आदेश दिया था, तो वे इसके लिए दोषी हैं, और अगर उन्होंने ऐसा कोई आदेश नहीं दिया, तो वे अक्षम साबित होते हैं। गांधी ने तर्क दिया कि दोनों ही स्थितियों में शाह को गृह मंत्री पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।