थानागाजी क्षेत्र के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय पड़ाक छापली के प्रधानाचार्य पर छात्राओं के साथ बांध में आपत्तिजनक स्थिति में नहाने के आरोपों के बाद शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। सोशल मीडिया और समाचार माध्यमों पर वीडियो वायरल होने के बाद माध्यमिक शिक्षा निदेशालय, बीकानेर ने प्रधानाचार्य लाल चन्द मीना को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। विभाग ने उनके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी है।
200 विद्यार्थियों को बांध पर ले जाने का आरोप
मामला 15 अगस्त का बताया जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार प्रधानाचार्य कक्षा 9 से 12 तक के करीब 200 छात्र-छात्राओं को तैराकी सिखाने के उद्देश्य से स्कूल से करीब दो किलोमीटर दूर भड़ाज बांध पर लेकर गए थे। ग्रामीणों का आरोप है कि बांध क्षेत्र में पहले भी डूबने की घटनाएं हो चुकी हैं और सुरक्षा कारणों से वहां जाने पर रोक है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को वहां ले जाने की बात सामने आई है।
विज्ञापन
20-25 छात्राएं भी थीं शामिल, सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
ग्रामीणों के मुताबिक विद्यार्थियों के दल में करीब 20 से 25 छात्राएं भी शामिल थीं। आरोप है कि बच्चों को बिना पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम के बांध के पानी में उतारा गया। बताया जा रहा है कि कई विद्यार्थियों को तैरना भी नहीं आता था। ऐसे में बच्चों को गहरे पानी वाले क्षेत्र में ले जाने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
विज्ञापन
वीडियो वायरल हुआ तो मचा हड़कंप
मामले में सबसे गंभीर आरोप प्रधानाचार्य के वायरल वीडियो को लेकर है। वीडियो में प्रधानाचार्य छात्राओं के साथ बांध में नहाते हुए आपत्तिजनक स्थिति में नजर आने का दावा किया जा रहा है। वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद मामला तेजी से चर्चा में आया और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। हालांकि, वीडियो में दिखाई दे रही परिस्थितियों की पुलिस और विभागीय जांच के जरिए पुष्टि होना अभी बाकी है।
पुलिस ने दर्ज किए बयान, लिखित शिकायत का इंतजार
वीडियो वायरल होने के बाद ग्रामीणों के स्कूल पहुंचने की सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंची। थाना प्रभारी राजकुमार मीणा के अनुसार पुलिस ने प्रधानाचार्य के बयान दर्ज किए हैं। पुलिस का कहना है कि फिलहाल किसी छात्र-छात्रा या अभिभावक की ओर से लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। हालांकि, वीडियो और अन्य तथ्यों के आधार पर जांच जारी है।
22 अगस्त को शिक्षा विभाग ने किया निलंबित
विवाद बढ़ने के बाद माध्यमिक शिक्षा निदेशालय, राजस्थान, बीकानेर ने 22 अगस्त 2026 को आदेश जारी कर प्रधानाचार्य लाल चन्द मीना को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। निदेशक माध्यमिक शिक्षा ललित कुमार के आदेश में वायरल वीडियो का उल्लेख करते हुए प्रथम दृष्टया इसे लोकसेवक के नैतिक आचरण एवं निर्धारित आचरण संहिता के विपरीत माना गया है।
निदेशालय ने राजस्थान असैनिक सेवाएं (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1958 के नियम 13(1) के तहत निलंबन की कार्रवाई की है। निलंबन अवधि में प्रधानाचार्य का मुख्यालय निदेशालय माध्यमिक शिक्षा विभाग, बीकानेर रहेगा और उन्हें नियमानुसार निर्वाह भत्ता देय होगा।
तीन दिन में मांगे अनुशासनात्मक कार्रवाई के प्रस्ताव
शिक्षा विभाग ने अलवर के मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी और जिला शिक्षा अधिकारी (मुख्यालय), माध्यमिक को आदेश की तत्काल पालना कराने के निर्देश दिए हैं। संबंधित अधिकारियों को प्रधानाचार्य को तत्काल कार्यमुक्त कर इसकी सूचना निदेशालय को भेजने के लिए कहा गया है।
यह भी पढ़ें: आशुतोष रांका के कार्यक्रम में भारी हंगामा, BJYM कार्यकर्ताओं और पुलिस में धक्का-मुक्की; कई हिरासत में
साथ ही प्रकरण में अनुशासनात्मक कार्रवाई के पूर्ण प्रस्ताव तीन दिन के भीतर निदेशालय को भेजने के निर्देश दिए गए हैं। थानागाजी के मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी को भी प्रधानाचार्य को तत्काल कार्यमुक्त कर पालना रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
फिलहाल पुलिस और शिक्षा विभाग, दोनों स्तर पर जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही वायरल वीडियो की वास्तविक परिस्थितियों, विद्यार्थियों को बांध पर ले जाने और प्रधानाचार्य की भूमिका से जुड़े तथ्यों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।